इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
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 ‘e-SafeHER’– ग्रामीण भारत में 10-लाख साइबर सखियों को सशक्त बनाने के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम


यह पहल इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (आईएसईए) कार्यक्रम का उपयोग करती है और इसे प्रगत संगणन विकास केन्द्र (सी-डैक), हैदराबाद तथा रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा

 ‘e-SafeHER’ का उद्देश्य एक लैंगिक-संवेदनशील, समुदाय-आधारित मॉडल विकसित करना है, जो साइबर-सुरक्षित डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए तीन वर्षों में पूरे भारत में 10 लाख महिलाओं तक पहुंचे

प्रविष्टि तिथि: 13 APR 2026 9:32PM by PIB Delhi

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत एक वैज्ञानिक संस्था, प्रगत संगणन विकास केन्द्र (सी-डैक), हैदराबाद तथा रिलायंस फाउंडेशन ने आज 'e-SafeHER' के शुभारंभ की घोषणा की। यह एक साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की दस लाख महिलाओं को डिजिटल इकोसिस्टम में सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ भाग लेने में सक्षम बनाना है।

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यह पहल इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (आईएसईए) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रगत संगणन विकास केन्द्र (सी-डैक), हैदराबाद के माध्यम से संचालित है, जो सामग्री और प्रशिक्षण संसाधनों के प्रसार को सक्षम बनाता है। रिलायंस फाउंडेशन भारत भर के ग्रामीण समुदायों में, विशेष रूप से महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से, इसके प्रसार को बढ़ावा देगा। यह पहल महिलाओं के लिए डिजिटल समावेशन को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। ‘e-SafeHER’ का उद्देश्य अंतिम छोर तक साइबर सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करना है, खासकर ग्रामीण भारत की उन महिलाओं के बीच जो वित्तीय लेन-देन, आजीविका और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच के लिए तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही हैं। प्रगत संगणन विकास केन्द्र(सी-डैक), हैदराबाद और रिलायंस फाउंडेशन के बीच साइबर सुरक्षा जागरूकता पर यह रणनीतिक सहयोग व्यवस्थित प्रशिक्षण और समुदाय-आधारित पहल को शामिल करता है।

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इस पहल के शुभारंभ पर बोलते हुए, एमईआईटीवाई के सचिव श्री एस. कृष्णन ने कहा, “ऐसे समय में जब भारत सरकार देश के कोने-कोने तक ‘साइबर सुरक्षित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्षमता, सहयोग और लचीलापन बढ़ाने पर जोर दे रही है, ‘e-SafeHER’ एक शानदार अवसर है। इसके माध्यम से हम एमईआईटीवाई के सूचना सुरक्षा शिक्षा एवं जागरूकता (आईएसईए) कार्यक्रम के पाठ्यक्रम और ज्ञान को एक साथ लाएंगे। सी-डैक और रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से यह पहल दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सुरक्षित, सशक्त और पहचान दिलाने में सक्षम बनाएगी। हमें एक ऐसे मॉडल की उम्मीद है जिसे देशभर में समान सोच वाले साझेदारों के साथ दोहराया और बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।”

एक संदेश साझा करते हुए, रिलायंस फाउंडेशन की डायरेक्टर, सुश्री ईशा अंबानी ने कहा कि भारत की ग्रामीण महिलाएं पहले से कहीं अधिक तेजी से ऑनलाइन आ रही हैं, और उन्होंने न सिर्फ महिलाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की गति बढ़ाने बल्कि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से सुसज्जित करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “हमें भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय(एमईआईटीवाई) और सी-डैक के साथ साझेदारी करके ‘e-SafeHER’ के ज़रिए साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण देने में खुशी हो रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए ज़रूरी कौशल और ज्ञान हासिल करने में सक्षम बनाना है, ताकि वे अपनी ज़िंदगी और आजीविका को मज़बूत बनाने के लिए डिजिटल की शक्ति का इस्तेमाल कर सकें। इस पहल के ज़रिए, हमारा लक्ष्य अगले तीन वर्षों में ग्रामीण भारत में दस लाख ‘साइबर सखियों’ को सशक्त बनाना है। हम उन्हें सुरक्षित ऑनलाइन आदतें अपनाने में मदद करेंगे, ताकि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ डिजिटल दुनिया को अपना सकें।”

सी-डैक,आईएसईए परियोजना के अंतर्गत साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण सामग्री के विकास, स्थानीयकरण और निरंतर उन्नयन का नेतृत्व करेगा, जिसमें बहुभाषी अनुकूलन भी शामिल होगा। रिलायंस फाउंडेशन भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी जमीनी उपस्थिति और महिला सशक्तिकरण प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए, सहकर्मी-नेतृत्व, समुदाय-आधारित मॉडल के माध्यम से इस पहल को लागू करेगा।

चरणबद्ध तरीके से, मध्य प्रदेश और ओडिशा में साइबर सखियों के प्रशिक्षण से शुरुआत करते हुए, यह पहल बहु-हितधारक साझेदारियों के माध्यम से वर्ष 2029 तक 10 लाख महिलाओं तक विस्तार करेगी। विस्तार और स्थिरता को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई इस पहल में साइबर सुरक्षा जागरूकता को मौजूदा महिला सशक्तिकरण और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों में समाहित किया गया है, जिससे बिना किसी अलग बुनियादी ढ़ांचे के भी इसकी निरंतरता बनी रहती है। स्थानीयकृत सामग्री, ऑडियो-विजुअल मॉड्यूल और मिश्रित शिक्षण पद्धतियां इसकी पहुंच और सहभागिता को बढ़ाएंगी। ‘e-SafeHER’ प्रतिभागियों में वहार में ऐसे बदलाव लाने का काम करेगा जिन्हें मापा जा सके;, जिनमें साइबर जोखिमों के प्रति बेहतर जागरूकता, डिजिटल लेन-देन में बढ़ा हुआ आत्मविश्वास और सुरक्षित डिजिटल तरीकों को अपनाना शामिल है। इस पहल को लागू करने से मिलने वाली सीख, पूरे देश में इसके विस्तार और नीतियों में इसे शामिल करने के लिए ज़रूरी ठोस सबूत उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।

एमईआईटीवाई के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा ढांचे, सी-डैक की तकनीकी विशेषज्ञता और रिलायंस फाउंडेशन के समुदाय-आधारित कार्यान्वयन मॉडल को एक साथ जोड़ते हुए, ‘e-SafeHER’ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण भारत की महिलाएं न सिर्फ डिजिटल रूप से शामिल हों, बल्कि डिजिटल रूप से सुरक्षित भी हों।

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पीके/केसी/पीकेपी


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