सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में राष्ट्रीय स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया

प्रविष्टि तिथि: 11 APR 2026 8:47PM by PIB Delhi

15 अगस्त, 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणा के तहत भारत सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती को अप्रैल 2026 से अप्रैल 2027 तक देश भर में पूरे साल चलने वाले समारोह के माध्यम से मना रही है।

इन राष्ट्रव्यापी समारोह के तहत भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) की ओर से 11 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र (डीएआईसी) के भीम हॉल में राष्ट्रीय स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001BT30.jpg

इस कार्यक्रम में देश भर के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, शिक्षाविद, नीति निर्माता और छात्र मौजूद रहे। इनकी उपस्थिति में भारत के महानतम समाज सुधारकों में से एक के द्विशताब्दी समारोह की महत्वपूर्ण शुरुआत हुई।

इस कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (डीएएफ) के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने एक दूरदर्शी शिक्षाविद और शोषितों के हिमायती के रूप में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महात्मा फुले पर प्रकाश डाला और शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0021KFU.jpg

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव श्री सुधांश पंत ने अपने संबोधन में महात्मा फुले द्वारा परिकल्पित शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति और समावेशी एवं सशक्त भारत के निर्माण में इसकी निरंतर प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक सुधार की विरासत को आगे बढ़ाने में मंत्रालय और डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन की भूमिका को भी रेखांकित किया।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की सचिव सुश्री वी. विद्यावती ने फुले के समानता के दृष्टिकोण के अनुरूप समावेशी विकास और समाज के सभी वर्गों के लिए पहुंच और गरिमा सुनिश्चित करने की बात कही।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003VONA.jpg

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले चेयर के प्रभारी प्रोफेसर एस.के. चहल ने महात्मा फुले के अकादमिक और बौद्धिक योगदानों पर प्रकाश डाला और उनके विचारों के प्रसार में अनुसंधान और विद्वता के महत्व पर जोर दिया।

डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के सदस्य सचिव श्री शैलेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।

कार्यक्रम में समाज सुधारक, दूरदर्शी शिक्षक और समानता के पैरोकार के रूप में महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन और मिशन को दर्शाने वाले विषयगत विचार-विमर्श, अकादमिक जुड़ाव और सांस्कृतिक तत्व भी शामिल थे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image004DIOY.jpg

डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के सदस्य सचिव श्री शैलेंद्र कुमार द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें उन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन में बहुमूल्य उपस्थिति और योगदान के लिए गणमान्य व्यक्तियों, प्रतिभागियों और सभी भागीदारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम के साथ ही देश भर में वर्ष भर चलने वाली उन गतिविधियों का औपचारिक शुभारंभ हुआ, जिनका उद्देश्य महात्मा फुले के शिक्षा, सामाजिक न्याय और वंचित समुदायों के सशक्तिकरण में किए गए अमिट योगदान के बारे में जागरूकता फैलाना है।

नोडल एजेंसी के रूप में डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन द्विशताब्दी समारोह में सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों, सिविल सोसायटी और युवाओं को शामिल करते हुए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों का समन्वय करना जारी रखेगा।

*****

पीके/केसी/आरकेजे


(रिलीज़ आईडी: 2251221) आगंतुक पटल : 91
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu