जनजातीय कार्य मंत्रालय
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केन्द्रीय मंत्री जुएल ओराम ने एनएसटीएफडीसी को 25वें स्थापना दिवस पर जनजातीय उद्यमिता का उत्प्रेरक बताया


निगम ने ₹4,400 करोड़ मूल्य के 16.80 लाख से अधिक ऋण प्रदान कर समावेशी विकास को बढ़ावा दिया

प्रविष्टि तिथि: 10 APR 2026 9:59PM by PIB Delhi

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम(एनएसटीएफडीसी) ने नई दिल्ली स्थित विश्व युवा केंद्र में अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया।

मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए, माननीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने देशभर में अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में एनएसटीएफडीसी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देते हुए, उन्होंने निगम के बिना जमानत वित्तीय सहायता प्रदान करने पर विशेष ध्यान को रेखांकित किया, जिससे जनजातीय लाभार्थियों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

मंत्री श्री जुएल ओराम ने पुनः कहा कि एनएसटीएफडीसी का विजन सिर्फ रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमिता को बढ़ावा देना और व्यक्तियों को नौकरी मांगने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनाना है। उन्होंने बताया कि एनएसटीएफडीसी द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता लाभार्थियों के जीवन में परिवर्तनकारी साबित हुई है, जिससे उनमें जिम्मेदारी और वित्तीय अनुशासन की मजबूत भावना विकसित हुई है। यह समय पर ऋण चुकाने और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों(एनपीए) की कम दर में साफ तौर पर दिखाई देता है।

इस अवसर को गर्व का क्षण बताते हुए, श्री जुएल ओराम ने विश्वास व्यक्त किया कि एनएसटीएफडीसी आने वाले वर्षों में जनजातीय समुदायों को और सशक्त बनाता रहेगा तथा नई ऊंचाइयां हासिल करेगा।

इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव श्री अनंत प्रकाश पांडेय तथा एनएसटीएफडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक(सीएमडी) श्री टी. रौमुआन पैते सहित निगम के पूर्व सीएमडी और देशभर की राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री टी. रौमुआन पैते ने 25वें स्थापना दिवस को सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि अनुसूचित जनजाति समुदायों की सेवा के प्रति आत्ममंथन और नव-प्रतिबद्धता का अवसर बताया। एनएसटीएफडीसी के निरंतर प्रभाव को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि निगम ने अब तक लाभार्थियों को 16.80 लाख से अधिक ऋण प्रदान किए हैं, जिनका कुल वितरण 4,400 करोड़ से अधिक है।

उन्होंने आगे बताया कि एनएसटीएफडीसी ने लगातार 20–30 करोड़ के बीच वार्षिक लाभ दर्ज किया है, जो एक मजबूत और सतत वित्तीय मॉडल को दर्शाता है। संगठन के मिशन दोहराते हुए, श्री पैते ने जनजातीय समुदायों के लिए सुलभ वित्त, उद्यम विकास और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासों पर बल दिया।

समारोह के हिस्से को तौर पर, एनएसटीएफडीसी ने देशभर के उन अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को सम्मानित किया, जिन्होंने सफलतापूर्वक विभिन्न व्यावसायिक उद्यम स्थापित किए हैं और स्थायी आजीविका के अवसर पैदा कर रहे हैं। इन उद्यमों में पारंपरिक व्यंजन, स्वास्थ्य सेवा, मुर्गी पालन और डेयरी फार्मिंग, सौंदर्य सेवाएं, हस्तशिल्प, आभूषण, वस्त्र, मत्स्य पालन, केकड़ा पालन, सिलाई और खुदरा व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

आदिवासी समुदायों की समृद्ध विरासत और विविधता को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस आयोजन में और अधिक जीवंतता भर दी।

इस कार्यक्रम ने देशभर में अनुसूचित जनजातियों के समावेशी विकास, वित्तीय सशक्तिकरण और समग्र प्रगति के प्रति एनएसटीएफडीसी की अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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पीके/केसी/पीकेपी/


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