सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर वैश्विक परिदृश्य के प्रभाव को कम करने हेतु लागत वृद्धि क्षतिपूर्ति तंत्र की घोषणा की
प्रविष्टि तिथि:
02 APR 2026 6:11PM by PIB Delhi
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य तथा ईंधन, निर्माण सामग्री एवं संबंधित लॉजिस्टिक्स की कीमतों में हुई वृद्धि को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर इसके प्रभाव को संबोधित करने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा की है। इन उपायों का उद्देश्य ठेकेदारों एवं रियायत धारकों को राहत प्रदान करना तथा देश भर में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्बाध निर्माण एवं रखरखाव को सुनिश्चित करना है। ये उपाय 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक, अर्थात तीन माह की अवधि के लिए अथवा वैश्विक आर्थिक स्थिति के आधार पर आगे की समीक्षा तक लागू रहेंगे।
इन उपायों के अंतर्गत, ईपीसी तथा एचएएम परियोजनाओं के प्रावधानों में शिथिलता दी गई है, जिससे निर्धारित गुणवत्ता मानकों एवं विनिर्देशों के अनुरूप किए गए कार्य के लिए ठेकेदारों एवं रियायतधारकों को मासिक भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, ईपीसी अनुबंधों के अंतर्गत मूल्य समायोजन की व्यवस्था में संशोधन किया गया है, ताकि यह प्रचलित बाजार परिस्थितियों को प्रतिबिंबित कर सके। निर्माण मशीनरी, ऑर्डिनरी पोर्टलैंड सीमेंट, माइल्ड स्टील तथा अन्य वस्तुओं जैसे प्रमुख घटकों के लिए थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई ) अब संबंधित अंतरिम भुगतान प्रमाणपत्र (आईपीसी) माह से पूर्व एक माह का लिया जाएगा, जबकि पूर्व में तीन माह का संदर्भ लिया जाता था।
इसी प्रकार, बिटुमेन के लिए मूल्य समायोजन हेतु अब आईपीसी माह से पूर्व एक माह के प्रथम दिन लागू आधिकारिक खुदरा मूल्य को आधार माना जाएगा, जो पूर्व की तीन माह की संदर्भ अवधि के स्थान पर होगा।
इसके अतिरिक्त, ईपीसी अनुबंधों के अंतर्गत मूल्य समायोजन भुगतान मासिक भुगतान के साथ जारी किए जाएंगे। एचएएम परियोजनाओं में, प्राइस इंडेक्स मल्टीपल (पीआईएम) के आधार पर गणना की गई मूल्य वृद्धि भी मासिक आधार पर जारी की जा सकेगी, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण एवं रखरखाव में संलग्न ठेकेदारों एवं रियायत धारकों के लिए तरलता तथा नकदी प्रवाह में सुधार होगा।
यह पहल क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान हेतु सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में वित्तीय स्थिरता एवं परिचालन निरंतरता सुनिश्चित करते हुए अवसंरचना विकास की गति को बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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पीके/केसी/एके / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2248636)
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