कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
निजी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 4:16PM by PIB Delhi
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) के अंतर्गत प्रशिक्षण महानिदेशालय ने दिनांक 06 मार्च 2026 को बजाज ऑटो लिमिटेड के साथ एक फ्लेक्सी-समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिसका उद्देश्य इसके विनिर्माण संयंत्रों में उद्योग-अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके तथा वे उद्योग प्रौद्योगिकियों से परिलक्षित हो सके।
इस व्यवस्था के अंतर्गत, 1. असेंबली तकनीशियन (ऑटोमोटिव), 2. ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन, 3. ऑटोमोटिव पेंट तकनीशियन, 4. तकनीशियन–प्लांट मेंटेनेंस तथा 5. इंडस्ट्रियल फिटर ट्रेड्स में प्रशिक्षण महाराष्ट्र के पुणे (अकुर्डी एवं चाकन) और वालुज तथा उत्तराखंड के पंतनगर स्थित कंपनी के प्रतिष्ठानों में प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा, ऑटोमोटिव क्षेत्र तथा उन्नत विनिर्माण में उद्योग-विशिष्ट कौशल प्रदान करने हेतु फ्लेक्सी एमओयू योजना के अंतर्गत संलग्न औद्योगिक प्रशिक्षण भागीदारों (आईटीपी) का विवरण अनुलग्नक-1 में उपलब्ध है।
यह उद्योग – समेकित कौशल मॉडल के अंतर्गत युवाओं को मांग-आधारित, उद्योग-अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सुव्यवस्थित व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से उच्च-प्रौद्योगिकी ऑटोमोटिव विनिर्माण में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस संबंध में निम्नलिखित पहलें की गई हैं:
- कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) वर्ष 2015 से अपनी फ़्लैगशिप योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का कार्यान्वयन कर रहा है जिसके अंतर्गत अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण तथा पूर्व शिक्षण मान्यता (आरपीएल) के माध्यम से कौशलोन्नयन और पुनर्कौशलीकरण प्रशिक्षण देशभर के युवाओं को प्रदान किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को उच्च-प्रौद्योगिकी ऑटोमोटिव विनिर्माण सहित उद्योग-संगत कौशलों से लैस कर उनकी रोजगार-योग्यता में वृद्धि करना है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 (पीएमकेवीवाई 4.0) इस योजना का नवीनतम संस्करण है, जिसका कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2022-23 से कौशल भारत कार्यक्रम के अंतर्गत किया जा रहा है। पीएमकेवीवाई 4.0 एक मांग-आधारित योजना है।
- ii. सरकार द्वारा पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत उद्योग-संबंधों और रोजगार परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु विभिन्न कदम उठाए गए हैं। पीएमकेवीवाई के अंतर्गत पाठ्यक्रम उद्योग-संचालित संस्थाओं द्वारा उभरते क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाते हैं। उद्योग 4.0, ड्रोन, कृत्रिम मेधा (एआई), रोबोटिक्स, मेक्ट्रॉनिक्स आदि उभरते क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप भविष्योन्मुखी जॉब-रोलों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। जिला कौशल विकास योजनाएँ (डीएसडीपी) जिला कौशल समितियों (डीएससी) द्वारा तैयार की जाती हैं, जिससे जिला स्तर पर कौशल अंतराल का विश्लेषण तथा उद्योग-मांग की मैपिंग सुनिश्चित की जा सके।
- फ्लेक्सी-एमओयू योजना, वर्ष 2014 में शुरू की गई जिसका उद्देश्य उद्योग और प्रशिक्षुओं, दोनों की आवश्यकताओं को पूरा करना है। इसके अंतर्गत उद्योगों को अपनी विशिष्ट कौशल आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करने, अनुकूलित पाठ्यक्रम तैयार करने, अभ्यर्थियों का चयन करने, आकलन करने तथा उद्योग के लिए तैयार अभ्यर्थियों को अपने कार्यबल में शामिल करने की सुविधा प्रदान की जाती है।
- iv. प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) योजना का कार्यान्वयन किया जाता है जिसके अंतर्गत उद्योगों को राजकीय एवं निजी आईटीआई के साथ साझेदारी कर उच्च रोजगार संभाव्य पाठ्यक्रम संचालित करने में सक्षम बनाया जाता है। यह योजना आईटीआई में सैद्धांतिक प्रशिक्षण एवं उद्योग में व्यावहारिक प्रशिक्षण को एकीकृत करती है जिससे आधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ व्यावहारिक अनुभव सुनिश्चित होता है।
- शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के पाठ्यक्रम में 150 घंटे का अनिवार्य ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण (ओजेटी)/समूह परियोजनाएँ सम्मिलित की गई हैं, जिससे प्रशिक्षुओं को उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण वातावरण प्राप्त हो तथा वे नवीनतम प्रौद्योगिकियों एवं प्रक्रियाओं से परिचित हो सकें।
भारत के डिजिटल कौशल इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अवसर पर “बढ़ना है तो यहाँ जुड़ना है” शीर्षक से कुशल भारत डिजिटल हब (सिद्ध) जागरूकता अभियान का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया। इस अभियान के अंतर्गत सुप्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन को जोड़ा गया है, जिनकी व्यापक लोकप्रियता तथा असरदार सार्वजनिक अपपील से सिद्ध के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता में वृद्धि अपेक्षित है।
इस अभियान का उद्देश्य स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) की सुलभता का विस्तार करना है, जिसमें पहले ही 1.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है। इसका कार्यान्वयन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, बाह्य विज्ञापन, सामुदायिक रेडियो तथा क्यूआर-सक्षम टच पॉइंट्स सहित विभिन्न माध्यमों से किया गया है।
डिजिटल माध्यमों से परे व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए रेलवे, मेट्रो स्टेशनों एवं आवासीय क्षेत्रों जैसे अधिक जन-आवागमन वाले स्थानों पर व्यापक बाह्य एवं जमीनी प्रचार-प्रसार कार्यकलाप संचालित की गईं। इसके अतिरिक्त, सामुदायिक रेडियो एवं देशव्यापी क्षेत्रीय प्रिंट मीडिया के माध्यम से भी अभियान को सुदृढ़ किया गया, ताकि विभिन्न वर्गों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
भारत सरकार और फ्रांस गणराज्य की सरकार के बीच दिनांक 15 फरवरी 2026 को एक आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके अंतर्गत एरोनॉटिक्स तथा रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास हेतु राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) की स्थापना राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान, कानपुर में प्रधानमंत्री कौशल विकास और रोजगारयोग्यता परिवर्तन योजना (पीएम-सेतु) के अंतर्गत की जाएगी ताकि एरोनॉटिक्स, अंतरिक्ष तथा संबद्ध क्षेत्रों में कौशल विकास तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय सहयोग को प्रोत्साहित एवं सुदृढ़ किया जा सके।
प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के अंतर्गत दो वर्षीय अवधि के ‘एरोनॉटिकल स्ट्रक्चर एंड इक्विपमेंट फिटर’ ट्रेड में एनएसक्यूएफ-संरेखित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, वैमानिकी क्षेत्र में कुशल जनशक्ति की आवश्यकता की पूर्ति हेतु एक वर्षीय शिल्प अनुदेशक प्रशिक्षण योजना (सीआईटीएस) का भी संचालन किया जाता है। विगत तीन वर्षों के दौरान, उत्तर प्रदेश राज्य के राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई), कानपुर में सीटीएस के अंतर्गत 60 तथा सीआईटीएस के अंतर्गत 17 प्रशिक्षुओं का नामांकन किया गया है।
अनुलग्नक-I
दिनांक 01.04.2026 को पूछे जाने वाले राज्य सभा अतारांकित प्रश्न संख्या 4261 के भाग (क) और (ख) के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक।
फ्लेक्सी एमओयू योजना के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण भागीदारों (आईटीपीएस) का विवरण।
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क्र.सं.
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औद्योगिक प्रशिक्षण भागीदारों (आईटीपीएस) के नाम
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1.
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सेंचुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (सीयूटीएम), ओडिशा
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2.
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मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल), नई दिल्ली
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3.
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टोयोटा किर्लोस्कर मोटर प्रा. लिमिटेड, कर्नाटक
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4.
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एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (एनएसएल), तेलंगाना
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5.
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सुजुकी मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात (एसएमजी), गुजरात
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6.
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मेधावी कौशल विश्वविद्यालय, सिक्किम
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7.
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सुब्रोस लिमिटेड, नई दिल्ली
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8.
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सुब्रोस लिमिटेड, नोएडा, उत्तर प्रदेश
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9.
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डिक्सन टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड, नोएडा, उत्तर प्रदेश
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10.
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क्यूएच टैलब्रोस प्राइवेट लिमिटेड, हरियाणा
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11.
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बजाज ऑटो लिमिटेड, पुणे, महाराष्ट्र
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12.
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बजाज ऑटो लिमिटेड, रुद्रपुर, उत्तराखंड
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यह जानकारी आज राज्यसभा में कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी द्वारा एक लिखित उत्तर में दी गई।
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पीके/केसी/डीवी
(रिलीज़ आईडी: 2247867)
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