विद्युत मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

बिजली आपूर्ति, उच्चतम मांग और कोयले की उपलब्धता

प्रविष्टि तिथि: 30 MAR 2026 4:18PM by PIB Delhi

देश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। देश की मौजूदा संस्थापित उत्पादन क्षमता (28 फरवरी, 2026 तक) 524 गीगावॉट है। भारत सरकार ने अप्रैल 2014 से अब तक 299.87 गीगावॉट की नई उत्पादन क्षमता जोड़कर बिजली की कमी की गंभीर समस्या का समाधान किया है, जिससे देश बिजली की कमी से उबरकर आत्मनिर्भर हो गया है।

वित्त वर्ष 2024-25 में देश ने 250 गीगावॉट की अब तक की सर्वाधिक मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। बीते तीन वित्त वर्ष और मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) के लिए देश में उच्चतम मांग और ऊर्जा की आवश्यकता के संदर्भ में 'विद्युत आपूर्ति स्थिति' का विवरण तालिका-1 में दिया गया है। बीते तीन वित्त वर्ष और मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) के लिए राज्यवार 'विद्युत आपूर्ति स्थिति' (ऊर्जा के संदर्भ में) तालिका-2 में दी गई है। 'ऊर्जा आपूर्ति' और ‘उच्चतम मांग' को पूरा करना 'ऊर्जा की आवश्यकता' और 'उच्चतम मांग' के अनुरूप रही है, जिसमें मामूली अंतर है, जो आमतौर पर राज्य के ट्रांसमिशन/ वितरण नेटवर्क में बाधाओं के कारण है।

22.03.2026 तक, देश में कोयला आधारित संयंत्रों के पास उपलब्ध कोयले का भंडार लगभग 58.2 मिलियन टन (एमटी) है, जो 85% प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) पर संयंत्रों को औसतन 19 दिनों तक चलाने के लिए पर्याप्त है।

भारत सरकार ने आने वाले वर्ष में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  1. उत्पादन एवं भंडारण योजना:

 

  1. राष्ट्रीय विद्युत योजना (एनईपी) के अनुसार, 2031-32 में संस्थापित उत्पादन क्षमता 874 गीगावॉट होने की संभावना है। उत्पादन क्षमता को अनुमानित उच्चतम मांग से आगे रखने के उद्देश्य से, सभी राज्यों ने सीईए के परामर्श से अपनी "संसाधन पर्याप्तता योजनाएं (आरएपी)" तैयार की हैं, जो गतिशील 10-वर्षीय रोलिंग योजनाएं हैं और इनमें विद्युत उत्पादन के साथ-साथ विद्युत खरीद का नियोजन भी शामिल है।
  2. सभी राज्यों को अपने संसाधन पर्याप्तता योजना के अनुसार, सभी उत्पादन स्रोतों से उत्पादन क्षमता निर्माण करने/ अनुबंध करने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी गई थी।
  3. विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए, भारत सरकार ने क्षमता जोड़ने संबंधी कार्यक्रम निम्नलिखित शुरू किए हैं:
  1. वर्ष 2034-35 तक अनुमानित ऊष्मीय (कोयला और लिग्नाइट) क्षमता की आवश्यकता लगभग 3,07,000 मेगावॉट है, जबकि 31.03.2023 तक संस्थापित क्षमता 2,11,855 मेगावॉट थी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए, विद्युत मंत्रालय ने कम से कम 97,000 मेगावॉट अतिरिक्त कोयला और लिग्नाइट आधारित ऊष्मीय क्षमता स्थापित करने की परिकल्पना की है।

इसके साथ ही, निम्नलिखित पहलें भी की गई हैं: -

अप्रैल 2023 से 31.01.2026 तक लगभग 18,160 मेगावॉट की ऊष्मीय क्षमता वाली परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं। इसके साथ ही, 38,745 मेगावॉट की ऊष्मीय क्षमता (जिसमें 4,845 मेगावॉट की संकटग्रस्त ऊष्मीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं) वर्तमान में निर्माणाधीन है। 22,920 मेगावॉट के ठेके दिए जा चुके हैं और इनका निर्माण कार्य शुरू होना बाकी है। साथ ही, देश में कोयला और लिग्नाइट आधारित 24,020 मेगावॉट की संभावित क्षमता की पहचान की गई है, जो योजना के अलग-अलग चरणों में है।

  1. 31.01.2026 तक 12,723.50 मेगावॉट की जलविद्युत परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही, 4,274 मेगावॉट की जलविद्युत परियोजनाएं योजना के कई चरणों में हैं और इनके 2031-32 तक पूरी होने का लक्ष्य है।
  1. 31.01.2026 तक 6,600 मेगावॉट परमाणु क्षमता का निर्माण कार्य चल रहा है और इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 7,000 मेगावॉट परमाणु क्षमता योजना और मंजूरी के विभिन्न चरणों में है।
  2. 31.01.2026 तक 1,54,830 मेगावॉट नवीकरणीय क्षमता, जिसमें 64,670 मेगावॉट सौर ऊर्जा, 6,490 मेगावॉट पवन ऊर्जा और 59,990 मेगावॉट हाइब्रिड ऊर्जा शामिल है, निर्माणाधीन है, जबकि 47,920 मेगावॉट नवीकरणीय क्षमता, जिसमें 35,440 मेगावॉट सौर ऊर्जा और 10,080 मेगावॉट हाइब्रिड ऊर्जा शामिल है, योजना के अलग-अलग चरणों में है और 2029-30 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
  3. ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में, 31.01.2026 तक, 13,120 मेगावॉट/ 78,720 मेगावॉट-घंटे की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही, कुल 9,580 मेगावॉट/ 57,480 मेगावॉट-घंटे की पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) के लिए मंजूरी मिल चुकी है और इनका निर्माण कार्य अभी शुरू होना बाकी है। 31.01.2026 तक, 10,658.94 मेगावॉट/ 28,739.32 मेगावॉट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएस) निर्माणाधीन है, और 22,347.15 मेगावॉट/ 69,836.70 मेगावॉट-घंटे की बीईएस क्षमता निविदा चरण में है।
  1. ट्रांसमिशन योजना:
  1. अंतरराज्यीय और अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली की योजना बनाई गई है और उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ ही समय सीमा में इसका कार्यान्वयन किया जा रहा है। राष्ट्रीय विद्युत योजना के अनुसार, 2022-23 से 2031-32 तक 10-वर्ष की अवधि में लगभग 1,91,474 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें और 1,274 जीवीए (220 केवी और उससे ऊपर के वोल्टेज स्तर पर) रूपांतरण क्षमता जोड़ने की योजना है।

उपरोक्त के साथ, विद्युत मंत्रालय ने ट्रांसमिशन लाइनों के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के मुआवजे के भुगतान के संबंध में दिनांक 14.06.2024, 21.03.2025 और 15.12.2025 को दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें भूमि दर को मौजूदा बाजार दर से जोड़ा गया है। ये दिशानिर्देश आरओडब्ल्यू से संबंधित उन प्रमुख चुनौतियों का समाधान करते हैं, जो भूस्वामियों की ओर से राज्य सरकार की निर्धारित दरों से अधिक मुआवजे की मांग के कारण पैदा होती हैं।

  1. नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन:
      1. 30 जून 2025 तक शुरू होने वाली सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अंतर-राज्यीय बिक्री के लिए 100% अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली (आईएसटीएस) शुल्क माफ कर दिए गए हैं (यह छूट जून 2028 तक प्रतिवर्ष 25% की दर से कम होती जाएगी), साथ ही जून 2028 तक चालू होने वाली सह-स्थित बीईएसएस परियोजनाओं, जून 2028 तक निर्माण कार्य आवंटित होने वाली हाइड्रो पीएसपी परियोजनाओं, दिसंबर 2030 तक चालू होने वाली हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं और दिसंबर 2032 तक शुरू होने वाली अपतटीय पवन परियोजनाओं के लिए भी यह शुल्क लागू होगा।
      2. ग्रिड से जुड़े सौर, पवन, पवन-सौर हाइब्रिड और फर्म एवं प्रेषण योग्य नवीकरणीय ऊर्जा (एफडीआरई) परियोजनाओं से बिजली की खरीद के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया हेतु मानक बोली दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
      3. नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियां ​​(आरईआईए) नियमित तौर पर नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित कर रही हैं।
      4. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को स्वचालित मार्ग के अंतर्गत 100 प्रतिशत तक की अनुमति दी गई है।
      5. नवीकरणीय ऊर्जा में तेज बढ़ोतरी के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए, 2032 तक की ट्रांसमिशन योजना तैयार की गई है।
      6. नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के अंतर्गत नए अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइनों के बिछाने के लिए और नई उप-स्टेशन क्षमता के निर्माण को सहयोग दिया गया है।
      7. नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की बड़े पैमाने पर स्थापना के लिए नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को भूमि और ट्रांसमिशन उपलब्ध कराने के लिए सोलर पार्क और अल्ट्रा मेगा सोलर पावर परियोजनाओं की स्थापना योजना कार्यान्वित की जा रही है।
      8. प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत नई सौर ऊर्जा योजना (आदिवासी और पीवीटीजी बस्तियों/ गांवों के लिए) और धरती आभा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए जेजीयूए), राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना जैसी योजनाएं शुरू की गई है।
      9. नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए, नवीकरणीय खरीद दायित्व (आरपीओ) और इसके बाद नवीकरणीय खपत कर्तव्य (आरसीओ) की प्रक्रिया 2029-30 तक अधिसूचित की गई है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत सभी नामित उपभोक्ताओं पर लागू होने वाले आरसीओ का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
      10. “अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए रणनीति” जारी की गई है।
      11. नवीकरणीय ऊर्जा की बिक्री को सरल बनाने के लिए एक्सचेंजों के माध्यम से ग्रीन डे अहेड मार्केट (जीडीएएम) और ग्रीन टर्म अहेड मार्केट (जीटीएएम) शुरू किए गए हैं।
      12. सौर पीवी मॉड्यूल की आपूर्ति श्रृंखला के स्थानीयकरण के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की गई है।

तालिका-1

 

वित्त वर्ष

ऊर्जा की आवश्यकता

ऊर्जा की आपूर्ति

ऊर्जा की अनापूर्ति

उच्चतम मांग

उच्चतम आपूर्ति

उच्चतम अनापूर्ति

(एमयू)

(एमयू)

(एमयू)

(%)

(एमडब्ल्यू)

(एमडब्ल्यू)

(एमडब्ल्यू)

(%)

2022-23

15,13,497

15,05,914

7,583

0.5

2,15,888

2,07,231

8,657

4

2023-24

16,26,132

16,22,020

4,112

0.3

2,43,271

2,39,931

3,340

1.4

2024-25

16,93,959

16,92,369

1,590

0.1

2,49,856

2,49,854

2

0

2025-26 (फरवरी 2026 तक)

15,59,347

15,58,892

454

0

2,45,444

2,45,416

28

0

 

देश की बीते तीन वर्ष और मौजूदा वर्ष यानी 2025-26 (फरवरी 2026 तक) की वास्तविक विद्युत आपूर्ति स्थिति का विवरण ऊर्जा और उच्चतम के संदर्भ में दिया गया है।

 

तालिका-2

विद्युत आपूर्ति स्थितिऊर्जा

 

 

 

 

 

 

(आंकड़े कुल एमयू में)

प्रदेश/

अप्रैल, 2022 - मार्च, 2023

अप्रैल, 2023 - मार्च, 2024

व्यवस्था /

ऊर्जा की आवश्यकता

ऊर्जा की आपूर्ति

ऊर्जा की अनापूर्ति

उच्चतम मांग

उच्चतम आपूर्ति

उच्चतम अनापूर्ति

क्षेत्र

(एमयू)

(एमयू)

(एमयू)

(%)

(एमडब्ल्यू)

(एमडब्ल्यू)

(एमडब्ल्यू)

(%)

चंडीगढ़

1,788

1,788

0

0

1,789

1,789

0

0

दिल्ली

35,143

35,133

10

0

35,501

35,496

5

0

हरियाणा

61,451

60,945

506

0.8

63,983

63,636

348

0.5

हिमाचल प्रदेश

12,649

12,542

107

0.8

12,805

12,767

38

0.3

जम्मू एवं कश्मीर

19,639

19,322

317

1.6

20,040

19,763

277

1.4

पंजाब

69,522

69,220

302

0.4

69,533

69,528

5

0

राजस्थान

1,01,801

1,00,057

1,745

1.7

1,07,422

1,06,806

616

0.6

उत्तर प्रदेश

1,44,251

1,43,050

1,201

0.8

1,48,791

1,48,287

504

0.3

उत्तराखंड

15,647

15,386

261

1.7

15,644

15,532

112

0.7

उत्तरी क्षेत्र

4,63,088

4,58,640

4,449

1

4,76,852

4,74,946

1,906

0.4

छत्तीसगढ़

37,446

37,374

72

0.2

39,930

39,872

58

0.1

गुजरात

1,39,043

1,38,999

44

0

1,45,768

1,45,740

28

0

मध्य प्रदेश

92,683

92,325

358

0.4

99,301

99,150

151

0.2

महाराष्ट्र

1,87,309

1,87,197

111

0.1

2,07,108

2,06,931

176

0.1

दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव

10,018

10,018

0

0

10,164

10,164

0

0

गोवा

4,669

4,669

0

0

5,111

5,111

0

0

पश्चिमी क्षेत्र

4,77,393

4,76,808

586

0.1

5,17,714

5,17,301

413

0.1

आंध्र प्रदेश

72,302

71,893

410

0.6

80,209

80,151

57

0.1

तेलंगाना

77,832

77,799

34

0

84,623

84,613

9

0

कर्नाटक

75,688

75,663

26

0

94,088

93,934

154

0.2

केरल

27,747

27,726

21

0.1

30,943

30,938

5

0

तमिलनाडु

1,14,798

1,14,722

77

0.1

1,26,163

1,26,151

12

0

पुडुचेरी

3,051

3,050

1

0

3,456

3,455

1

0

लक्षद्वीप (#)

64

64

0

0

64

64

0

0

दक्षिणी क्षेत्र

3,71,467

3,70,900

567

0.2

4,19,531

4,19,293

238

0.1

बिहार

39,545

38,762

783

2

41,514

40,918

596

1.4

डीवीसी

26,339

26,330

9

0

26,560

26,552

8

0

झारखंड

13,278

12,288

990

7.5

14,408

13,858

550

3.8

ओडिशा

42,631

42,584

47

0.1

41,358

41,333

25

0.1

पश्चिम बंगाल

60,348

60,274

74

0.1

67,576

67,490

86

0.1

सिक्किम

587

587

0

0

544

543

0

0

अंडमान-निकोबार (#)

348

348

0

0.12914

386

374

12

3.2

पूर्वी क्षेत्र

1,82,791

1,80,888

1,903

1

1,92,013

1,90,747

1,266

0.7

अरुणाचल प्रदेश

915

892

24

2.6

1,014

1,014

0

0

असम

11,465

11,465

0

0

12,445

12,341

104

0.8

मणिपुर

1,014

1,014

0

0

1,023

1,008

15

1.5

मेघालय

2,237

2,237

0

0

2,236

2,066

170

7.6

मिजोरम

645

645

0

0

684

684

0

0

नगालैंड

926

873

54

5.8

921

921

0

0

त्रिपुरा (##)

1,547

1,547

0

0

1,691

1,691

0

0

पूर्वोत्तर क्षेत्र

18,758

18,680

78

0.4

20,022

19,733

289

1.4

भारत

15,13,497

15,05,914

7,583

0.5

16,26,132

16,22,020

4,112

0.3

 

 

(#) लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह स्वतंत्र प्रणालियां हैं; इनकी विद्युत आपूर्ति स्थिति क्षेत्रीय जरूरत और आपूर्ति का हिस्सा नहीं है।

(##) बांग्लादेश को निर्यात की जाने वाली ऊर्जा इसमें शामिल नहीं है।

नोट: विद्युत आपूर्ति स्थिति रिपोर्ट राज्य उपयोगिताओं/ विद्युत विभागों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर संकलित की गई है।

 

बिजली आपूर्ति की स्थिति - ऊर्जा

 

 

 

 

 

 

(आंकड़े कुल एमयू में)

प्रदेश/

अप्रैल, 2024 - मार्च, 2025

अप्रैल, 2025 - फरवरी, 2026

व्यवस्था /

ऊर्जा की आवश्यकता

ऊर्जा की आपूर्ति

ऊर्जा की अनापूर्ति

उच्चतम मांग

उच्चतम आपूर्ति

उच्चतम अनापूर्ति

क्षेत्र

(एमयू)

(एमयू)

(एमयू)

(%)

(एमडब्ल्यू)

(एमडब्ल्यू)

(एमडब्ल्यू)

(%)

चंडीगढ़

1,952

1,952

0

0

1,765

1,764

1

0

दिल्ली

38,255

38,243

12

0

36,023

36,015

8

0

हरियाणा

70,149

70,120

30

0

65,694

65,629

65

0.1

हिमाचल प्रदेश

13,566

13,526

40

0.3

12,600

12,556

44

0.3

जम्मू एवं कश्मीर

20,374

20,283

90

0.4

18,501

18,484

17

0.1

पंजाब

77,423

77,423

0

0

70,563

70,490

73

0.1

राजस्थान

1,13,833

1,13,529

304

0.3

1,02,187

1,02,187

0

0

उत्तर प्रदेश

1,65,090

1,64,786

304

0.2

1,51,573

1,51,548

26

0

उत्तराखंड

16,770

16,727

43

0.3

15,290

15,236

54

0.4

उत्तरी क्षेत्र

5,18,869

5,17,917

952

0.2

4,75,646

4,75,360

286

0.1

छत्तीसगढ़

43,208

43,180

28

0.1

38,547

38,538

8

0

गुजरात

1,51,878

1,51,875

3

0

1,42,970

1,42,969

0

0

मध्य प्रदेश

1,04,445

1,04,312

133

0.1

94,890

94,879

10

0

महाराष्ट्र

2,01,816

2,01,757

59

0

1,83,454

1,83,446

9

0

दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव

10,852

10,852

0

0

10,251

10,251

0

0

गोवा

5,411

5,411

0

0

4,943

4,943

0

0

पश्चिमी क्षेत्र

5,28,924

5,28,701

223

0

4,87,565

4,87,537

28

0

आंध्र प्रदेश

79,028

79,025

3

0

73,109

73,102

7

0

तेलंगाना

88,262

88,258

4

0

77,291

77,283

8

0

कर्नाटक

92,450

92,446

4

0

85,519

85,509

11

0

केरल

31,624

31,616

8

0

28,098

28,095

3

0

तमिलनाडु

1,30,413

1,30,408

5

0

1,20,162

1,20,151

11

0

पुडुचेरी

3,549

3,549

0

0

3,202

3,198

3

0.1

लक्षद्वीप (#)

68

68

0

0

66

66

0

0

दक्षिणी क्षेत्र

4,25,373

4,25,349

24

0

3,87,426

3,87,383

43

0

बिहार

44,393

44,217

176

0.4

43,751

43,737

14

0

डीवीसी

25,891

25,888

3

0

22,636

22,633

3

0

झारखंड

15,203

15,126

77

0.5

14,121

14,116

5

0

ओडिशा

42,882

42,858

24

0.1

40,490

40,484

6

0

पश्चिम बंगाल

71,180

71,085

95

0.1

66,876

66,812

64

0.1

सिक्किम

574

574

0

0

501

501

0

0

अंडमान-निकोबार (#)

425

413

12

2.9

389

370

19

4.9

पूर्वी क्षेत्र

2,00,180

1,99,806

374

0.2

1,88,432

1,88,339

93

0

अरुणाचल प्रदेश

1,050

1,050

0

0

1,098

1,097

0

0

असम

12,843

12,837

6

0

12,711

12,710

1

0

मणिपुर

1,079

1,068

10

0.9

1,082

1,079

3

0.2

मेघालय

2,046

2,046

0

0

1,917

1,917

0

0

मिजोरम

709

709

0

0

691

691

0

0

नगालैंड

938

938

0

0

922

922

0

0

त्रिपुरा (##)

1,939

1,939

0

0

1,770

1,770

0

0

पूर्वोत्तर क्षेत्र

20,613

20,596

16

0.1

20,277

20,274

4

0

भारत

16,93,959

16,92,369

1,590

0.1

15,59,347

15,58,892

454

0

 

(#) लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह स्वतंत्र विद्युत प्रणालियां हैं; इनकी विद्युत आपूर्ति स्थिति क्षेत्रीय जरूरत और आपूर्ति का हिस्सा नहीं है।

(##) बांग्लादेश को निर्यात की जाने वाली ऊर्जा इसमें शामिल नहीं है।

नोट: विद्युत आपूर्ति स्थिति रिपोर्ट राज्य उपयोगिताओं/ विद्युत विभागों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर संकलित की गई है।

 

विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

 

***

पीके/केसी/एमएम


(रिलीज़ आईडी: 2247147) आगंतुक पटल : 33
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English