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विद्युत मंत्रालय
बिजली आपूर्ति, उच्चतम मांग और कोयले की उपलब्धता
प्रविष्टि तिथि:
30 MAR 2026 4:18PM by PIB Delhi
देश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। देश की मौजूदा संस्थापित उत्पादन क्षमता (28 फरवरी, 2026 तक) 524 गीगावॉट है। भारत सरकार ने अप्रैल 2014 से अब तक 299.87 गीगावॉट की नई उत्पादन क्षमता जोड़कर बिजली की कमी की गंभीर समस्या का समाधान किया है, जिससे देश बिजली की कमी से उबरकर आत्मनिर्भर हो गया है।
वित्त वर्ष 2024-25 में देश ने 250 गीगावॉट की अब तक की सर्वाधिक मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया। बीते तीन वित्त वर्ष और मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) के लिए देश में उच्चतम मांग और ऊर्जा की आवश्यकता के संदर्भ में 'विद्युत आपूर्ति स्थिति' का विवरण तालिका-1 में दिया गया है। बीते तीन वित्त वर्ष और मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी 2026 तक) के लिए राज्यवार 'विद्युत आपूर्ति स्थिति' (ऊर्जा के संदर्भ में) तालिका-2 में दी गई है। 'ऊर्जा आपूर्ति' और ‘उच्चतम मांग' को पूरा करना 'ऊर्जा की आवश्यकता' और 'उच्चतम मांग' के अनुरूप रही है, जिसमें मामूली अंतर है, जो आमतौर पर राज्य के ट्रांसमिशन/ वितरण नेटवर्क में बाधाओं के कारण है।
22.03.2026 तक, देश में कोयला आधारित संयंत्रों के पास उपलब्ध कोयले का भंडार लगभग 58.2 मिलियन टन (एमटी) है, जो 85% प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) पर संयंत्रों को औसतन 19 दिनों तक चलाने के लिए पर्याप्त है।
भारत सरकार ने आने वाले वर्ष में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- उत्पादन एवं भंडारण योजना:
- राष्ट्रीय विद्युत योजना (एनईपी) के अनुसार, 2031-32 में संस्थापित उत्पादन क्षमता 874 गीगावॉट होने की संभावना है। उत्पादन क्षमता को अनुमानित उच्चतम मांग से आगे रखने के उद्देश्य से, सभी राज्यों ने सीईए के परामर्श से अपनी "संसाधन पर्याप्तता योजनाएं (आरएपी)" तैयार की हैं, जो गतिशील 10-वर्षीय रोलिंग योजनाएं हैं और इनमें विद्युत उत्पादन के साथ-साथ विद्युत खरीद का नियोजन भी शामिल है।
- सभी राज्यों को अपने संसाधन पर्याप्तता योजना के अनुसार, सभी उत्पादन स्रोतों से उत्पादन क्षमता निर्माण करने/ अनुबंध करने की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी गई थी।
- विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए, भारत सरकार ने क्षमता जोड़ने संबंधी कार्यक्रम निम्नलिखित शुरू किए हैं:
- वर्ष 2034-35 तक अनुमानित ऊष्मीय (कोयला और लिग्नाइट) क्षमता की आवश्यकता लगभग 3,07,000 मेगावॉट है, जबकि 31.03.2023 तक संस्थापित क्षमता 2,11,855 मेगावॉट थी। इस जरूरत को पूरा करने के लिए, विद्युत मंत्रालय ने कम से कम 97,000 मेगावॉट अतिरिक्त कोयला और लिग्नाइट आधारित ऊष्मीय क्षमता स्थापित करने की परिकल्पना की है।
इसके साथ ही, निम्नलिखित पहलें भी की गई हैं: -
अप्रैल 2023 से 31.01.2026 तक लगभग 18,160 मेगावॉट की ऊष्मीय क्षमता वाली परियोजनाएं चालू हो चुकी हैं। इसके साथ ही, 38,745 मेगावॉट की ऊष्मीय क्षमता (जिसमें 4,845 मेगावॉट की संकटग्रस्त ऊष्मीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं) वर्तमान में निर्माणाधीन है। 22,920 मेगावॉट के ठेके दिए जा चुके हैं और इनका निर्माण कार्य शुरू होना बाकी है। साथ ही, देश में कोयला और लिग्नाइट आधारित 24,020 मेगावॉट की संभावित क्षमता की पहचान की गई है, जो योजना के अलग-अलग चरणों में है।
- 31.01.2026 तक 12,723.50 मेगावॉट की जलविद्युत परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही, 4,274 मेगावॉट की जलविद्युत परियोजनाएं योजना के कई चरणों में हैं और इनके 2031-32 तक पूरी होने का लक्ष्य है।
- 31.01.2026 तक 6,600 मेगावॉट परमाणु क्षमता का निर्माण कार्य चल रहा है और इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 7,000 मेगावॉट परमाणु क्षमता योजना और मंजूरी के विभिन्न चरणों में है।
- 31.01.2026 तक 1,54,830 मेगावॉट नवीकरणीय क्षमता, जिसमें 64,670 मेगावॉट सौर ऊर्जा, 6,490 मेगावॉट पवन ऊर्जा और 59,990 मेगावॉट हाइब्रिड ऊर्जा शामिल है, निर्माणाधीन है, जबकि 47,920 मेगावॉट नवीकरणीय क्षमता, जिसमें 35,440 मेगावॉट सौर ऊर्जा और 10,080 मेगावॉट हाइब्रिड ऊर्जा शामिल है, योजना के अलग-अलग चरणों में है और 2029-30 तक पूरा होने का लक्ष्य है।
- ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में, 31.01.2026 तक, 13,120 मेगावॉट/ 78,720 मेगावॉट-घंटे की पंप स्टोरेज परियोजनाएं (पीएसपी) निर्माणाधीन हैं। इसके साथ ही, कुल 9,580 मेगावॉट/ 57,480 मेगावॉट-घंटे की पंप स्टोरेज परियोजनाओं (पीएसपी) के लिए मंजूरी मिल चुकी है और इनका निर्माण कार्य अभी शुरू होना बाकी है। 31.01.2026 तक, 10,658.94 मेगावॉट/ 28,739.32 मेगावॉट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएस) निर्माणाधीन है, और 22,347.15 मेगावॉट/ 69,836.70 मेगावॉट-घंटे की बीईएस क्षमता निविदा चरण में है।
- ट्रांसमिशन योजना:
- अंतरराज्यीय और अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली की योजना बनाई गई है और उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ ही समय सीमा में इसका कार्यान्वयन किया जा रहा है। राष्ट्रीय विद्युत योजना के अनुसार, 2022-23 से 2031-32 तक 10-वर्ष की अवधि में लगभग 1,91,474 सीकेएम ट्रांसमिशन लाइनें और 1,274 जीवीए (220 केवी और उससे ऊपर के वोल्टेज स्तर पर) रूपांतरण क्षमता जोड़ने की योजना है।
उपरोक्त के साथ, विद्युत मंत्रालय ने ट्रांसमिशन लाइनों के लिए राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के मुआवजे के भुगतान के संबंध में दिनांक 14.06.2024, 21.03.2025 और 15.12.2025 को दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें भूमि दर को मौजूदा बाजार दर से जोड़ा गया है। ये दिशानिर्देश आरओडब्ल्यू से संबंधित उन प्रमुख चुनौतियों का समाधान करते हैं, जो भूस्वामियों की ओर से राज्य सरकार की निर्धारित दरों से अधिक मुआवजे की मांग के कारण पैदा होती हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन:
-
-
- 30 जून 2025 तक शुरू होने वाली सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए अंतर-राज्यीय बिक्री के लिए 100% अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रणाली (आईएसटीएस) शुल्क माफ कर दिए गए हैं (यह छूट जून 2028 तक प्रतिवर्ष 25% की दर से कम होती जाएगी), साथ ही जून 2028 तक चालू होने वाली सह-स्थित बीईएसएस परियोजनाओं, जून 2028 तक निर्माण कार्य आवंटित होने वाली हाइड्रो पीएसपी परियोजनाओं, दिसंबर 2030 तक चालू होने वाली हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं और दिसंबर 2032 तक शुरू होने वाली अपतटीय पवन परियोजनाओं के लिए भी यह शुल्क लागू होगा।
- ग्रिड से जुड़े सौर, पवन, पवन-सौर हाइब्रिड और फर्म एवं प्रेषण योग्य नवीकरणीय ऊर्जा (एफडीआरई) परियोजनाओं से बिजली की खरीद के लिए टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया हेतु मानक बोली दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
- नवीकरणीय ऊर्जा कार्यान्वयन एजेंसियां (आरईआईए) नियमित तौर पर नवीकरणीय ऊर्जा की खरीद के लिए बोलियां आमंत्रित कर रही हैं।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को स्वचालित मार्ग के अंतर्गत 100 प्रतिशत तक की अनुमति दी गई है।
- नवीकरणीय ऊर्जा में तेज बढ़ोतरी के लिए आवश्यक ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिए, 2032 तक की ट्रांसमिशन योजना तैयार की गई है।
- नवीकरणीय ऊर्जा के परिवहन के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के अंतर्गत नए अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन लाइनों के बिछाने के लिए और नई उप-स्टेशन क्षमता के निर्माण को सहयोग दिया गया है।
- नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की बड़े पैमाने पर स्थापना के लिए नवीकरणीय ऊर्जा निर्माताओं को भूमि और ट्रांसमिशन उपलब्ध कराने के लिए सोलर पार्क और अल्ट्रा मेगा सोलर पावर परियोजनाओं की स्थापना योजना कार्यान्वित की जा रही है।
- प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत नई सौर ऊर्जा योजना (आदिवासी और पीवीटीजी बस्तियों/ गांवों के लिए) और धरती आभा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए जेजीयूए), राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) योजना जैसी योजनाएं शुरू की गई है।
- नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने के लिए, नवीकरणीय खरीद दायित्व (आरपीओ) और इसके बाद नवीकरणीय खपत कर्तव्य (आरसीओ) की प्रक्रिया 2029-30 तक अधिसूचित की गई है। ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत सभी नामित उपभोक्ताओं पर लागू होने वाले आरसीओ का पालन न करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
- “अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए रणनीति” जारी की गई है।
- नवीकरणीय ऊर्जा की बिक्री को सरल बनाने के लिए एक्सचेंजों के माध्यम से ग्रीन डे अहेड मार्केट (जीडीएएम) और ग्रीन टर्म अहेड मार्केट (जीटीएएम) शुरू किए गए हैं।
- सौर पीवी मॉड्यूल की आपूर्ति श्रृंखला के स्थानीयकरण के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना शुरू की गई है।
तालिका-1
|
वित्त वर्ष
|
ऊर्जा की आवश्यकता
|
ऊर्जा की आपूर्ति
|
ऊर्जा की अनापूर्ति
|
उच्चतम मांग
|
उच्चतम आपूर्ति
|
उच्चतम अनापूर्ति
|
|
(एमयू)
|
(एमयू)
|
(एमयू)
|
(%)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(%)
|
|
2022-23
|
15,13,497
|
15,05,914
|
7,583
|
0.5
|
2,15,888
|
2,07,231
|
8,657
|
4
|
|
2023-24
|
16,26,132
|
16,22,020
|
4,112
|
0.3
|
2,43,271
|
2,39,931
|
3,340
|
1.4
|
|
2024-25
|
16,93,959
|
16,92,369
|
1,590
|
0.1
|
2,49,856
|
2,49,854
|
2
|
0
|
|
2025-26 (फरवरी 2026 तक)
|
15,59,347
|
15,58,892
|
454
|
0
|
2,45,444
|
2,45,416
|
28
|
0
|
देश की बीते तीन वर्ष और मौजूदा वर्ष यानी 2025-26 (फरवरी 2026 तक) की वास्तविक विद्युत आपूर्ति स्थिति का विवरण ऊर्जा और उच्चतम के संदर्भ में दिया गया है।
तालिका-2
विद्युत आपूर्ति स्थिति – ऊर्जा
|
|
|
|
|
|
|
(आंकड़े कुल एमयू में)
|
|
प्रदेश/
|
अप्रैल, 2022 - मार्च, 2023
|
अप्रैल, 2023 - मार्च, 2024
|
|
व्यवस्था /
|
ऊर्जा की आवश्यकता
|
ऊर्जा की आपूर्ति
|
ऊर्जा की अनापूर्ति
|
उच्चतम मांग
|
उच्चतम आपूर्ति
|
उच्चतम अनापूर्ति
|
|
क्षेत्र
|
(एमयू)
|
(एमयू)
|
(एमयू)
|
(%)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(%)
|
|
चंडीगढ़
|
1,788
|
1,788
|
0
|
0
|
1,789
|
1,789
|
0
|
0
|
|
दिल्ली
|
35,143
|
35,133
|
10
|
0
|
35,501
|
35,496
|
5
|
0
|
|
हरियाणा
|
61,451
|
60,945
|
506
|
0.8
|
63,983
|
63,636
|
348
|
0.5
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
12,649
|
12,542
|
107
|
0.8
|
12,805
|
12,767
|
38
|
0.3
|
|
जम्मू एवं कश्मीर
|
19,639
|
19,322
|
317
|
1.6
|
20,040
|
19,763
|
277
|
1.4
|
|
पंजाब
|
69,522
|
69,220
|
302
|
0.4
|
69,533
|
69,528
|
5
|
0
|
|
राजस्थान
|
1,01,801
|
1,00,057
|
1,745
|
1.7
|
1,07,422
|
1,06,806
|
616
|
0.6
|
|
उत्तर प्रदेश
|
1,44,251
|
1,43,050
|
1,201
|
0.8
|
1,48,791
|
1,48,287
|
504
|
0.3
|
|
उत्तराखंड
|
15,647
|
15,386
|
261
|
1.7
|
15,644
|
15,532
|
112
|
0.7
|
|
उत्तरी क्षेत्र
|
4,63,088
|
4,58,640
|
4,449
|
1
|
4,76,852
|
4,74,946
|
1,906
|
0.4
|
|
छत्तीसगढ़
|
37,446
|
37,374
|
72
|
0.2
|
39,930
|
39,872
|
58
|
0.1
|
|
गुजरात
|
1,39,043
|
1,38,999
|
44
|
0
|
1,45,768
|
1,45,740
|
28
|
0
|
|
मध्य प्रदेश
|
92,683
|
92,325
|
358
|
0.4
|
99,301
|
99,150
|
151
|
0.2
|
|
महाराष्ट्र
|
1,87,309
|
1,87,197
|
111
|
0.1
|
2,07,108
|
2,06,931
|
176
|
0.1
|
|
दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव
|
10,018
|
10,018
|
0
|
0
|
10,164
|
10,164
|
0
|
0
|
|
गोवा
|
4,669
|
4,669
|
0
|
0
|
5,111
|
5,111
|
0
|
0
|
|
पश्चिमी क्षेत्र
|
4,77,393
|
4,76,808
|
586
|
0.1
|
5,17,714
|
5,17,301
|
413
|
0.1
|
|
आंध्र प्रदेश
|
72,302
|
71,893
|
410
|
0.6
|
80,209
|
80,151
|
57
|
0.1
|
|
तेलंगाना
|
77,832
|
77,799
|
34
|
0
|
84,623
|
84,613
|
9
|
0
|
|
कर्नाटक
|
75,688
|
75,663
|
26
|
0
|
94,088
|
93,934
|
154
|
0.2
|
|
केरल
|
27,747
|
27,726
|
21
|
0.1
|
30,943
|
30,938
|
5
|
0
|
|
तमिलनाडु
|
1,14,798
|
1,14,722
|
77
|
0.1
|
1,26,163
|
1,26,151
|
12
|
0
|
|
पुडुचेरी
|
3,051
|
3,050
|
1
|
0
|
3,456
|
3,455
|
1
|
0
|
|
लक्षद्वीप (#)
|
64
|
64
|
0
|
0
|
64
|
64
|
0
|
0
|
|
दक्षिणी क्षेत्र
|
3,71,467
|
3,70,900
|
567
|
0.2
|
4,19,531
|
4,19,293
|
238
|
0.1
|
|
बिहार
|
39,545
|
38,762
|
783
|
2
|
41,514
|
40,918
|
596
|
1.4
|
|
डीवीसी
|
26,339
|
26,330
|
9
|
0
|
26,560
|
26,552
|
8
|
0
|
|
झारखंड
|
13,278
|
12,288
|
990
|
7.5
|
14,408
|
13,858
|
550
|
3.8
|
|
ओडिशा
|
42,631
|
42,584
|
47
|
0.1
|
41,358
|
41,333
|
25
|
0.1
|
|
पश्चिम बंगाल
|
60,348
|
60,274
|
74
|
0.1
|
67,576
|
67,490
|
86
|
0.1
|
|
सिक्किम
|
587
|
587
|
0
|
0
|
544
|
543
|
0
|
0
|
|
अंडमान-निकोबार (#)
|
348
|
348
|
0
|
0.12914
|
386
|
374
|
12
|
3.2
|
|
पूर्वी क्षेत्र
|
1,82,791
|
1,80,888
|
1,903
|
1
|
1,92,013
|
1,90,747
|
1,266
|
0.7
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
915
|
892
|
24
|
2.6
|
1,014
|
1,014
|
0
|
0
|
|
असम
|
11,465
|
11,465
|
0
|
0
|
12,445
|
12,341
|
104
|
0.8
|
|
मणिपुर
|
1,014
|
1,014
|
0
|
0
|
1,023
|
1,008
|
15
|
1.5
|
|
मेघालय
|
2,237
|
2,237
|
0
|
0
|
2,236
|
2,066
|
170
|
7.6
|
|
मिजोरम
|
645
|
645
|
0
|
0
|
684
|
684
|
0
|
0
|
|
नगालैंड
|
926
|
873
|
54
|
5.8
|
921
|
921
|
0
|
0
|
|
त्रिपुरा (##)
|
1,547
|
1,547
|
0
|
0
|
1,691
|
1,691
|
0
|
0
|
|
पूर्वोत्तर क्षेत्र
|
18,758
|
18,680
|
78
|
0.4
|
20,022
|
19,733
|
289
|
1.4
|
|
भारत
|
15,13,497
|
15,05,914
|
7,583
|
0.5
|
16,26,132
|
16,22,020
|
4,112
|
0.3
|
(#) लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह स्वतंत्र प्रणालियां हैं; इनकी विद्युत आपूर्ति स्थिति क्षेत्रीय जरूरत और आपूर्ति का हिस्सा नहीं है।
(##) बांग्लादेश को निर्यात की जाने वाली ऊर्जा इसमें शामिल नहीं है।
नोट: विद्युत आपूर्ति स्थिति रिपोर्ट राज्य उपयोगिताओं/ विद्युत विभागों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर संकलित की गई है।
बिजली आपूर्ति की स्थिति - ऊर्जा
|
|
|
|
|
|
|
(आंकड़े कुल एमयू में)
|
|
प्रदेश/
|
अप्रैल, 2024 - मार्च, 2025
|
अप्रैल, 2025 - फरवरी, 2026
|
|
व्यवस्था /
|
ऊर्जा की आवश्यकता
|
ऊर्जा की आपूर्ति
|
ऊर्जा की अनापूर्ति
|
उच्चतम मांग
|
उच्चतम आपूर्ति
|
उच्चतम अनापूर्ति
|
|
क्षेत्र
|
(एमयू)
|
(एमयू)
|
(एमयू)
|
(%)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(एमडब्ल्यू)
|
(%)
|
|
चंडीगढ़
|
1,952
|
1,952
|
0
|
0
|
1,765
|
1,764
|
1
|
0
|
|
दिल्ली
|
38,255
|
38,243
|
12
|
0
|
36,023
|
36,015
|
8
|
0
|
|
हरियाणा
|
70,149
|
70,120
|
30
|
0
|
65,694
|
65,629
|
65
|
0.1
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
13,566
|
13,526
|
40
|
0.3
|
12,600
|
12,556
|
44
|
0.3
|
|
जम्मू एवं कश्मीर
|
20,374
|
20,283
|
90
|
0.4
|
18,501
|
18,484
|
17
|
0.1
|
|
पंजाब
|
77,423
|
77,423
|
0
|
0
|
70,563
|
70,490
|
73
|
0.1
|
|
राजस्थान
|
1,13,833
|
1,13,529
|
304
|
0.3
|
1,02,187
|
1,02,187
|
0
|
0
|
|
उत्तर प्रदेश
|
1,65,090
|
1,64,786
|
304
|
0.2
|
1,51,573
|
1,51,548
|
26
|
0
|
|
उत्तराखंड
|
16,770
|
16,727
|
43
|
0.3
|
15,290
|
15,236
|
54
|
0.4
|
|
उत्तरी क्षेत्र
|
5,18,869
|
5,17,917
|
952
|
0.2
|
4,75,646
|
4,75,360
|
286
|
0.1
|
|
छत्तीसगढ़
|
43,208
|
43,180
|
28
|
0.1
|
38,547
|
38,538
|
8
|
0
|
|
गुजरात
|
1,51,878
|
1,51,875
|
3
|
0
|
1,42,970
|
1,42,969
|
0
|
0
|
|
मध्य प्रदेश
|
1,04,445
|
1,04,312
|
133
|
0.1
|
94,890
|
94,879
|
10
|
0
|
|
महाराष्ट्र
|
2,01,816
|
2,01,757
|
59
|
0
|
1,83,454
|
1,83,446
|
9
|
0
|
|
दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव
|
10,852
|
10,852
|
0
|
0
|
10,251
|
10,251
|
0
|
0
|
|
गोवा
|
5,411
|
5,411
|
0
|
0
|
4,943
|
4,943
|
0
|
0
|
|
पश्चिमी क्षेत्र
|
5,28,924
|
5,28,701
|
223
|
0
|
4,87,565
|
4,87,537
|
28
|
0
|
|
आंध्र प्रदेश
|
79,028
|
79,025
|
3
|
0
|
73,109
|
73,102
|
7
|
0
|
|
तेलंगाना
|
88,262
|
88,258
|
4
|
0
|
77,291
|
77,283
|
8
|
0
|
|
कर्नाटक
|
92,450
|
92,446
|
4
|
0
|
85,519
|
85,509
|
11
|
0
|
|
केरल
|
31,624
|
31,616
|
8
|
0
|
28,098
|
28,095
|
3
|
0
|
|
तमिलनाडु
|
1,30,413
|
1,30,408
|
5
|
0
|
1,20,162
|
1,20,151
|
11
|
0
|
|
पुडुचेरी
|
3,549
|
3,549
|
0
|
0
|
3,202
|
3,198
|
3
|
0.1
|
|
लक्षद्वीप (#)
|
68
|
68
|
0
|
0
|
66
|
66
|
0
|
0
|
|
दक्षिणी क्षेत्र
|
4,25,373
|
4,25,349
|
24
|
0
|
3,87,426
|
3,87,383
|
43
|
0
|
|
बिहार
|
44,393
|
44,217
|
176
|
0.4
|
43,751
|
43,737
|
14
|
0
|
|
डीवीसी
|
25,891
|
25,888
|
3
|
0
|
22,636
|
22,633
|
3
|
0
|
|
झारखंड
|
15,203
|
15,126
|
77
|
0.5
|
14,121
|
14,116
|
5
|
0
|
|
ओडिशा
|
42,882
|
42,858
|
24
|
0.1
|
40,490
|
40,484
|
6
|
0
|
|
पश्चिम बंगाल
|
71,180
|
71,085
|
95
|
0.1
|
66,876
|
66,812
|
64
|
0.1
|
|
सिक्किम
|
574
|
574
|
0
|
0
|
501
|
501
|
0
|
0
|
|
अंडमान-निकोबार (#)
|
425
|
413
|
12
|
2.9
|
389
|
370
|
19
|
4.9
|
|
पूर्वी क्षेत्र
|
2,00,180
|
1,99,806
|
374
|
0.2
|
1,88,432
|
1,88,339
|
93
|
0
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
1,050
|
1,050
|
0
|
0
|
1,098
|
1,097
|
0
|
0
|
|
असम
|
12,843
|
12,837
|
6
|
0
|
12,711
|
12,710
|
1
|
0
|
|
मणिपुर
|
1,079
|
1,068
|
10
|
0.9
|
1,082
|
1,079
|
3
|
0.2
|
|
मेघालय
|
2,046
|
2,046
|
0
|
0
|
1,917
|
1,917
|
0
|
0
|
|
मिजोरम
|
709
|
709
|
0
|
0
|
691
|
691
|
0
|
0
|
|
नगालैंड
|
938
|
938
|
0
|
0
|
922
|
922
|
0
|
0
|
|
त्रिपुरा (##)
|
1,939
|
1,939
|
0
|
0
|
1,770
|
1,770
|
0
|
0
|
|
पूर्वोत्तर क्षेत्र
|
20,613
|
20,596
|
16
|
0.1
|
20,277
|
20,274
|
4
|
0
|
|
भारत
|
16,93,959
|
16,92,369
|
1,590
|
0.1
|
15,59,347
|
15,58,892
|
454
|
0
|
(#) लक्षद्वीप और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह स्वतंत्र विद्युत प्रणालियां हैं; इनकी विद्युत आपूर्ति स्थिति क्षेत्रीय जरूरत और आपूर्ति का हिस्सा नहीं है।
(##) बांग्लादेश को निर्यात की जाने वाली ऊर्जा इसमें शामिल नहीं है।
नोट: विद्युत आपूर्ति स्थिति रिपोर्ट राज्य उपयोगिताओं/ विद्युत विभागों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर संकलित की गई है।
विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2247147)
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