विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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केन्‍द्र सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2026 हेतु नामांकन आमंत्रित किए

प्रविष्टि तिथि: 28 MAR 2026 5:06PM by PIB Delhi

भारत सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पहल- राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) 2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं। इन पुरस्कारों का संचालन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का आरवीपी सचिवालय केन्‍द्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार की अध्यक्षता में करता है।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार उन वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और नवप्रवर्तकों को सम्मानित करता है जिनके कार्यों ने भारत के वैज्ञानिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया है और राष्ट्रीय विकास में योगदान दिया है। स्व-नामांकन सहित नामांकन कृषि विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, रक्षा प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, इंजीनियरिंग विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान, चिकित्सा, भौतिकी, अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों से मंगाए गए हैं।

आरवीपी-2026 पुरस्कार चार अलग-अलग श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे:

  • विज्ञान रत्न (वीआर): विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जीवन भर की उपलब्धियों को मान्यता।
  • विज्ञान श्री (वीएस): इस क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को मान्यता।
  • विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर (वीवाई-एसएसबी): असाधारण प्रतिभा दिखाने वाले युवा वैज्ञानिकों (45 वर्ष तक की आयु के) को प्रोत्साहित करना।
  • विज्ञान टीम (वीटी): यह पुरस्कार तीन या इससे अधिक शोधकर्ताओं की उन टीमों को दिया जाता है जो सहयोगात्मक उत्कृष्टता के लिए जानी जाती हैं।

स्व-नामांकन सहित नामांकन, गृह मंत्रालय के पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) के माध्यम से 28 मार्च 2026 से 11 मई 2026 तक ऑनलाइन भेजे जा सकते हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ये पुरस्कार हमारे वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों की जिज्ञासा और समर्पण की भावना का सम्मान हैं, जो देश को विश्‍व गुरु के रूप में स्‍थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मैं संस्थानों, सहकर्मियों और लोगों से आग्रह करता हूं कि वे वैसे योग्य उम्मीदवारों को नामांकित करने में सक्रिय रूप से भाग लें, जिनका कार्य राष्ट्र को प्रेरित करता है और सामाजिक प्रगति में योगदान देता है।

मंत्रालय ने शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों, उद्योग निकायों और लोगों से नामांकन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया है ताकि भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा को व्यापक मान्यता मिल सके।

इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के वैज्ञानिक परितंत्र को बढ़ावा देने में इन पुरस्कारों के महत्व पर जोर दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार मात्र एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उत्कृष्टता और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति हमारे राष्ट्र की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 'विकसित भारत' की दिशा में आगे बढ़ते हुए, हमें अपने उन शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकीविदों के अथक प्रयासों को मान्यता देनी चाहिए जो स्थानीय प्रतिभा के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। इन पुरस्कारों में अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर कृषि विज्ञान तक 14 विविध क्षेत्र शामिल हैं। इससे प्रभावशाली अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र को सम्मानित किया जाना सुनिश्चित होता है।

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि ये पुरस्कार विज्ञान में महत्व को मान्यता देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि अधिक समावेशी, पारदर्शी और कठोर चयन प्रक्रिया, जिसमें स्व-नामांकन भी शामिल है, यह सुनिश्चित करती है कि देश भर से सबसे योग्य प्रतिभाओं को आगे लाया जाए।

अधिक जानकारी और विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए, इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं या सीएसआईआर-एचआरडीजी, नई दिल्ली स्थित आरवीपी पुरस्कार सचिवालय से संपर्क कर सकते हैं।

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पीके/केसी/एके/पीके


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