खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात में वृद्धि

प्रविष्टि तिथि: 27 MAR 2026 9:48PM by PIB Delhi

पिछले तीन वर्षों में भारत से प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का कुल निर्यात मूल्य इस प्रकार हैं:

 

आंकड़े मिलियन अमेरिकी डॉलर में

श्रेणी

2022-23

2023-24

2024-25

प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का निर्यात (आईटीसी एचएस अध्याय 16-23)

13078.4

10881.8

10097.97

स्रोत: डीजीसीआईएस, कोलकाता

 

भारत के प्रमुख खाद्य निर्यात गंतव्य देश अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, लीबिया, सूडान, नेपाल, श्रीलंका, सोमालिया, थाईलैंड, तंजानिया आदि हैं।

 

केंद्रीय क्षेत्र की योजना (सीएसएस) के तहत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) अखिल भारतीय स्तर पर निर्यातकों को कृषि/बागवानी प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

 

एपीडा की कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात प्रोत्साहन योजना के तहत 15वें वित्त आयोग की अवधि (2021-22 से 2025-26) के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है जिनमें निर्यात अवसंरचना का विकास, गुणवत्ता विकास और बाजार विकास शामिल हैं। प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों सहित एपीडा के अंतर्गत सूचीबद्ध उत्पादों के अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निर्यात को सुगम बनाने के लिए, एपीडा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों और क्रेता-विक्रेता बैठकों (बीएसएम) का आयोजन करता है। इससे भारतीय निर्यातकों को अपने उत्पादों को विदेशी खरीदारों के सामने प्रदर्शित करने और नए व्यावसायिक अवसरों की खोज करने का अवसर मिलता है। इसके अतिरिक्त, एपीडा विभिन्न देशों के प्रमुख आयातकों को आमंत्रित करके भारत में रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकें (आरबीएसएम) आयोजित करता है। ये आयोजन संभावित अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष भारत की निर्यात क्षमता वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के प्रदर्शन, संवाद और प्रचार के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करते हैं जिससे बाजार पहुंच और व्यापार संबंधों को मजबूती मिलती है।

 

एपीडा की भारती पहल के तहत — “निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कृषि प्रौद्योगिकी, लचीलापन, विकास और इनक्यूबेशन के भारत केंद्र” — कृषि-खाद्य, कृषि-प्रौद्योगिकी और एसपीएस समाधानों से संबंधित 100 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। एपीडा इन स्टार्टअप्स को निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मार्गदर्शन और सलाह प्रदान करता है।

 

इसके अतिरिक्त, एपीडा  पूरे भारत में आयात करने वाले देश की आवश्यकताओं, निर्यात प्रक्रियाओं, गुणवत्ता मानकों और एपीडा के सूचीबद्ध उत्पादों के लिए नियामक अनुपालन से संबंधित विषयों पर क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), महिला उद्यमियों, हितधारकों और परिवारिक संगठनों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में सहायता मिल सके।

 

ज़िला निर्यात केंद्र (डीईएच) वाणिज्य विभाग के विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक क्षमता विकास पहल है। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर निर्यात, विनिर्माण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। डीईएच पहल के तहत, निर्यात सुविधा, मार्गदर्शन और जागरूकता सहायता प्रदान की जाती है, साथ ही डिजिटल ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने का अवसर भी दिया जाता है। इससे निर्यातकों और सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रभावी ढंग से भाग लेने के लिए आवश्यक सहायता मिलती है।

 

सरकार ने भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने और निर्यातकों को लक्षित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) योजना को मंजूरी दे दी है।

 

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, देश में अगले चार वर्षों में कृषि, समुद्री उत्पाद और खाद्य एवं पेय पदार्थों के संयुक्त निर्यात का मूल्य 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की क्षमता है। सरकार कृषि और संबद्ध वस्तुओं के निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

 

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

***

पीके/केसी/पीपी/आर


(रिलीज़ आईडी: 2246410) आगंतुक पटल : 37
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English