कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण ने भुवनेश्वर में “निवेशक शिविर” का आयोजन किया
इस क्षेत्र के 285 से अधिक निवेशकों और दावेदारों ने इस शिविर में भाग लिया, जिसका उद्देश्य निवेशकों से जुड़ी सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाना था
यह शिविर निवेशकों के लिए सुविधा मंच के रूप में कार्य करता है, जहाँ वे अपने लावारिस लाभांश, शेयरों और निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण के लंबित दावों से संबंधित मुद्दों को हल कर सकते हैं
प्रविष्टि तिथि:
27 MAR 2026 10:25PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) ने 27 मार्च 2026 को भुवनेश्वर में सफलतापूर्वक “निवेशक शिविर” का आयोजन किया। यह शिविर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) तथा मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस (एमआईआई) के सहयोग से आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम भुवनेश्वर के जयदेव विहार में आयोजित किया गया था। इसने निवेशकों के लिए व्यापक सुविधा मंच के रूप में कार्य किया, जहाँ वे अपने लावारिस लाभांश, शेयरों और आईईपीएफए के लंबित दावों से संबंधित मुद्दों का समाधान प्राप्त कर सके।

इस एक दिवसीय शिविर में पूरे ओडिशा से आए निवेशकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। इस शिविर ने उन्हें शिकायतों के निवारण, दावों को निपटाने और निवेशक सेवाओं से जुड़ी सहायता प्राप्त करने के लिए ‘सिंगल-विंडो’ (एकल-खिड़की) समाधान प्रदान किया। इस कार्यक्रम में आईईपीएफए, सेबी, मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस और रजिस्ट्रार तथा ट्रांसफर एजेंट्स (आरटीए) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों से आए 285 से अधिक निवेशकों और दावेदारों ने इस शिविर में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य प्रत्यक्ष सुविधा प्रदान करने और मौके पर ही सहायता उपलब्ध कराकर, निवेशकों से जुड़ी सेवाओं को नागरिकों के और अधिक करीब लाना था।

पुणे, हैदराबाद, जयपुर, अमृतसर और बेंगलुरु में सफल आयोजनों के बाद, भुवनेश्वर इस निवेशक-केंद्रित पहल की मेज़बानी करने वाला अगला शहर बन गया। इसके साथ ही, आईईपीएफए ने पूरे भारत में निवेशक-केंद्रित, पारदर्शी और सुलभ वित्तीय इकोसिस्टम बनाने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
निवेशक शिविर ने छह से सात वर्ष से अधिक समय से लंबित लावारिस लाभांश और शेयरों की सीधी सुविधा प्रदान की; मौके पर ही केवाईसी और नामांकन अपडेट की सुविधा दी, और आईईपीएफए के लंबित दावों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया। हितधारक कंपनियों और आरटीए द्वारा विशेष कियोस्क स्थापित किए गए, जिससे निवेशकों को अधिकारियों के साथ सीधे बातचीत करने और इस प्रक्रिया से बिचौलियों को हटाने में मदद मिली।
भुवनेश्वर निवेशक शिविर की एक और मुख्य विशेषता विशेष 'खोज सुविधा हेल्प डेस्क' रही। इसने निवेशकों को 'निवेशक शिक्षा और संरक्षण कोष' (आईईपीएफ) में स्थानांतरित किए गए लावारिस शेयरों और लाभांशों की पहचान करने में सहायता की।
आईईपीएफए की वेबसाइट पर उपलब्ध यह 'खोज सुविधा' निवेशकों को यह जांचने में सक्षम बनाती है कि क्या उनका कोई लावारिस निवेश आईईपीएफ के पास जमा है। इसके लिए उन्हें अपना नाम या कंपनी का नाम जैसी बुनियादी जानकारी दर्ज करनी होती है।
इस शिविर के दौरान, अधिकारियों ने निवेशकों को इस डिजिटल टूल का उपयोग करने के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने उन संभावित दावों का पता लगाने में उनकी मदद की, जिनके बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं थी। प्रतिभागियों ने इस पहल के प्रति ज़बरदस्त उत्साह दिखाया, क्योंकि इस सुविधा ने न केवल जागरूकता बढ़ाई, बल्कि अपने निवेश का पता लगाने के बाद 'फॉर्म आईईपीएफ-5' के माध्यम से दावा करने के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

सैकड़ों प्रतिभागियों को कंपनी प्रतिनिधियों, आरटीए, और आईईपीएफए तथा सेबी के अधिकारियों के साथ सीधे संवाद करने का लाभ मिला। इस पहल की दक्षता, पारदर्शिता और ऐसी शिकायतों के समाधान में इसकी प्रभावशीलता के लिए व्यापक सराहना की गई। ये ऐसी शिकायतें हैं जिनके समाधान में आमतौर पर महीनों लग जाते हैं।
भुवनेश्वर निवेशक शिविर आईईपीएफए की राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका मुख्य ध्यान उन शहरों पर है जहाँ लावारिस निवेश की मात्रा काफी अधिक है। ये निवेशक सुविधा शिविर आईईपीएफए की इस अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं कि वह निवेशकों में जागरूकता बढ़ाएगा, उनके वित्तीय हितों की रक्षा करेगा, और भारत के वित्तीय इकोसिस्टम में विश्वास और पारदर्शिता का निर्माण करेगा।
आईईपीएफए निरंतर जनसंपर्क, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से निवेशकों में जागरूकता और उनके संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। अपनी स्थापना के बाद से, आईईपीएफए ने निवेशकों को सशक्त बनाने और पूरे देश में दावा निवारण तंत्र को मज़बूत करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: www.iepf.gov.in
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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2246382)
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