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 ‘मेड-इन-इंडिया’ एआई क्रांति को बल प्रदान कर रहा है सर्वम एआई


लोकहित के लिए भारत अपनी स्वायत्तता, बहुभाषी एआई पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर

प्रविष्टि तिथि: 21 FEB 2026 2:49PM by PIB Delhi

डिजिटल भारत के लिए स्वदेशी ए आई का विकास

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भारत का एक वैश्विक डिजिटल शक्ति के रूप में उभरना अब इस बात पर निर्भर करता है कि वह ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणालियों का विकास करे जो स्वदेशी, समावेशी और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप हों। एआई का प्रभाव शासन, सार्वजनिक सेवाओं, उद्योग तथा नागरिक सहभागिता के क्षेत्रों में निरंतर बढ़ रहा है। ऐसे में स्वदेश में विकसित मूलभूत (फाउंडेशनल) मॉडलों की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इन मॉडलों को भारतीय भाषाओं, स्थानीय आंकड़ों तथा वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि उनकी प्रासंगिकता रहे और उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।

‘सर्वम एआई’ भारत के लिए विशेष रूप से एआई प्रणालियों को विकसित करने दृष्टि के साथ स्थापित किया गया एक ऐसा संगठन है जो मूलभूत घटकों का विकास कर उन्हें भारत की भाषागत विविधताओं, उद्यमिक तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप लागू कर रहा है। कंपनी ने एक पूर्ण-स्टैक एआई प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे पूरी तरह भारत में ही विकसित, परिनियोजित तथा संचालित किया जा रहा है। ये एंटरप्राइज़-स्तरीय प्लेटफॉर्म देश की भाषाई विविधता को प्रतिबिंबित करते हैं और सार्वजनिक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसका कार्य सुगमता, बहुभाषी संचार तथा विदेशी एआई ढांचे पर निर्भरता जैसी दीर्घकालिक बाधाओं का सीधा समाधान उपलब्ध कराते हैं।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इंडिया ए आई इम्पैक्ट समिट में कहा था कि सर्वम एआई इस बात का उदाहरण है कि भविष्य भारत का है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह कंपनी सुनिश्चित कर रही है कि प्रौद्योगिकी हर नागरिक तक पहुँचे। साथ ही यह विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा रही है, जहाँ लोगों को सशक्त बनाने और राष्ट्र को मजबूत करने में नवाचार एक विश्वसनीय सहयोगी के रूप में कार्य करता है।

स्वदेशी एआई मॉडलों के माध्यम से डिजिटल आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

स्वदेशी एआई अवसंरचना को मजबूत करना अपरिहार्य है क्योंकि यह भारत की तकनीकी संप्रभुता, डिजिटल आत्मनिर्भरता तथा समावेशी विकास की परिकल्पना का एक महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे समय में इसकी भूमिका और भी अहम हो जाती है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शासन से लेकर आर्थिक प्रतिस्पर्धा और नागरिक सेवाओं तक को प्रभावित कर रही है। ऐसे में यह आवश्यक है कि ए आई प्रणालियाँ स्थानीय भाषाओं, डेटा सेट्स और नियामक ढांचे पर आधारित हों और यह सुनिश्चित किया जाए कि ये नवाचार, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप हों। स्वदेशी एआई विकास न केवल रणनीतिक स्वायत्तता को सुरक्षित करता है, बल्कि आर्थिक लचीलेपन को भी सुदृढ़ बनाता है और उभरती प्रौद्योगिकियों तक समान एवं व्यापक पहुँच को प्रोत्साहित करता है।

इस संदर्भ में, सर्वम एआई उन 12 संगठनों में से एक के रूप में उभरकर सामने आया है, जिन्हें इंडिया एआई मिशन के ‘इनोवेशन सेंटर’ स्तंभ के अंतर्गत स्वदेशी फाउंडेशनल मॉडल विकसित करने के लिए चयनित किया गया है। इस पहल के अंतर्गत कंपनी को 246.72 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं कंप्यूटिंग सहायता प्रदान की जा रही है। कंपनी भारतीय भाषाओं और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए अनुकूलित बड़े भाषा एवं वाणी मॉडल (एलएलएम) विकसित कर रही है, जिनमें वॉयस-आधारित इंटरफेस, दस्तावेज़ प्रसंस्करण तथा नागरिक-केंद्रित अनुप्रयोग जैसी क्षमताएँ शामिल हैं, जो सुगमता और उपयोग में आसानी को बढ़ाती हैं। सर्वम एआई, राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप स्वदेशी एआई मॉडलों का विकास करके, विदेशी एआई प्रणालियों पर निर्भरता को कम कर रहा है, साथ ही ओपन-सोर्स पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करते हुए स्टार्टअप, शिक्षाविदों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग में नवाचार को प्रोत्साहित कर रहा है।

एआई मॉडल एक कंप्यूटर प्रोग्राम है, जिसे विशाल डेटा के आधार पर प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वह पैटर्न पहचान सके, भविष्यवाणी कर सके या नया कंटेंट सृजित कर सके। यह एक डिजिटल मस्तिष्क की तरह कार्य करता है।

सर्वम एआई के प्रमुख मॉडल:

बुलबुल (टेक्स्ट-टू-स्पीच): 11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध, 39 विभिन्न आवाज़ विकल्पों के साथ।

सारस (स्पीच-टू-टेक्स्ट): सभी 22 अनुसूचित भाषाओं का समर्थन, 8 किलोहर्ट्ज टेलीफोनी ऑडियो तथा कोड-मिक्स्ड भाषण को समझने में सक्षम।

विजन (डॉक्यूमेंट अंडरस्टैंडिंग): 22 से अधिक भारतीय भाषाओं, मिश्रित लिपियों और हस्तलिखित पाठ के लिए अनुकूलित।

इन मूलभूत क्षमताओं के माध्यम से, सर्वम एआई यह दर्शाता है कि भारत-केंद्रित एआई किस प्रकार स्केलेबल, सुदृढ़ और जनसंख्या की आवश्यकता अनुरूप डिजिटल अवसंरचना के रूप में विकसित हो सकता है। यह सार्वजनिक सेवा वितरण को सशक्त बनाने, भाषाई सुगमता को बढ़ाने तथा भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एआई पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सर्वम एआई का एआई पारिस्थितिकी तंत्र पूर्णतः स्वायत्त है

सर्वम एआई ने एक व्यापक, पूर्ण-स्टैक स्वायत्त एआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है, जिसे भारत भर में उद्यमों, सरकार, डेवलपर्स और क्रिएटर्स की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। इस प्रणाली का सम्पूर्ण विकास एंड-टू-एंड देश के भीतर ही किया गया है, जिसमें कंप्यूट अवसंरचना, फाउंडेशनल मॉडल, प्लेटफॉर्म तथा वास्तविक उपयोग के अनुप्रयोग शामिल हैं। यह पारिस्थितिकी तंत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

एआई स्टैक उन सभी उपकरणों और प्रणालियों का समग्र समूह होता है, जो मिलकर एआई अनुप्रयोगों के निर्माण और संचालन में कार्य करते हैं। ये अनुप्रयोग दैनिक उपयोग के सिरी और एलेक्सा जैसे साधनों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं में निदान, वित्तीय धोखाधड़ी की पहचान तथा परिवहन जैसे क्षेत्रों में उपयोग होने वाली उन्नत प्रणालियों तक विस्तृत होते हैं।

सर्वम एआई पारिस्थितिकी तंत्र के घटक:

सर्वम फॉर कन्वर्सेशंस: यह एक एंटरप्राइज़-स्तरीय (उच्च क्षमता वाला) संवादात्मक एआई प्लेटफॉर्म है, जो 11 भारतीय भाषाओं में मानव जैसी वाणी और सांस्कृतिक रूप से सहज आवाज़ प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म 100 मिलियन से अधिक इंटरैक्शन संभालने में सक्षम है, यह 500 मिलीसेकंड से कम विलंब (लेटेंसी) के साथ कार्य करता है, 24 घंटे से कम समय में तैनात किया जा सकता है, और निवेश पर 10 गुना तक लाभ (आर ओ आई) प्रदान करने की क्षमता रखता है।

सर्वम फॉर वर्क: यह एक एकीकृत एंटरप्राइज़ एआई प्लेटफॉर्म है, जो एआई-सहायता प्राप्त निर्माण–डीबग–ऑप्टिमाइज़ चक्र के माध्यम से गुणवत्ता पूर्ण सृजन को तेज करता है। यह ओपन और मॉड्यूलर है, तथा किसी भी मॉडल, डेटा स्रोत या अवसंरचना के साथ सहज रूप से एकीकृत हो सकता है।

सर्वम एआई फॉर कंटेंट: यह प्लेटफॉर्म बहुभाषी वीडियो डबिंग को सक्षम बनाता है, जिसमें वॉयस क्लोनिंग और सटीक ऑडियो-विजुअल समन्वय की सुविधा होती है। इसके साथ ही, यह दस्तावेज़ अनुवाद की सुविधा भी प्रदान करता है, जो मूल लेआउट और भाव को सुरक्षित रखता है, तथा अंतर्निहित गुणवत्ता समीक्षा और संपादन उपकरणों से समर्थित है।

सर्वम एआई फॉर एज इंटेलिजेंस: यह प्लेटफॉर्म वास्तविक परिस्थितियों में उपयोग के लिए कॉम्पैक्ट और त्वरित (लो-लेटेंसी) वाले मल्टीमॉडल एआई समाधान प्रदान करता है। यह एज और क्लाउड इंफेरेंस को एक साथ जोड़कर रियल-टाइम असिस्टेंट, ऑन-डिवाइस एनएलपी तथा तेज़ अनुवाद और सार-संक्षेप (समराइजेशन) जैसी क्षमताओं को सक्षम बनाता है।

सर्वम एआई इस एकीकृत संरचना के माध्यम से, केवल अनुप्रयोग विकसित नहीं कर रहा है, बल्कि भारत के एआई भविष्य के लिए एक स्केलेबल डिजिटल आधार तैयार कर रहा है। अवसंरचना, भाषाई बुद्धिमत्ता, एंटरप्राइज़ क्षमताओं और एज डिप्लॉयमेंट को एक ही स्वायत्त पारिस्थितिकी तंत्र में समाहित करके, यह भारत को स्वतंत्र रूप से नवाचार करने, इसके उपयोग को जिम्मेदारी पूर्ण ढंग से शुरू करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में सशक्त बनाता है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि उन्नत एआई सभी के लिए सुलभ, सुरक्षित और राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप बना रहे।

सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए रणनीतिक साझेदारियाँ

सर्वम एआई का संस्थागत सहयोग, भारत में स्वदेशी नवाचार को परिणामोन्मुखी लोक हितैषी सेवा में परिवर्तित कर रहे हैं। यह कंपनी भारत सरकार और राज्य सरकारों के साथ मिलकर उन्नत एआई क्षमताओं को महत्वपूर्ण सेवा वितरण प्रणालियों में एकीकृत कर रही है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए सर्वम एआई के साथ साझेदारी की है। इस सहयोग के अंतर्गत एआई-आधारित वॉयस इंटरैक्शन, रियल-टाइम धोखाधड़ी पहचान तथा बहुभाषी समर्थन जैसी सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं। एक विशेष रूप से तैयार किया गया जेनएआई स्टैक यू आई डी ए आई के सुरक्षित, ऑन-प्रिमाइज़ अवसंरचना के भीतर संचालित होगा, जो 10 भारतीय भाषाओं में कार्य करते हुए रियल-टाइम नामांकन फीडबैक और धोखाधड़ी संबंधी अलर्ट प्रदान करेगा।

ओडिशा सरकार ने सर्वम एआई के साथ मिलकर 50 मेगावाट क्षमता वाला एआई-ऑप्टिमाइज़्ड स्वायत्त एआई कैपेसिटी हब स्थापित करने की पहल की है, जो एक राष्ट्रीय कंप्यूट बैकबोन के रूप में कार्य करेगा। यह हब खनन, औद्योगिक सुरक्षा तथा ओड़िया भाषा आधारित कौशल विकास जैसे एआई उपयोग मामलों को समर्थन प्रदान करेगा और देश के स्वायत्त कंप्यूट ग्रिड को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

तमिलनाडु सरकार और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास, सर्वम एआई के सहयोग से डिजिटल संगम विकसित कर रहे हैं, जो भारत का पहला स्वायत्त एआई अनुसंधान पार्क होगा। यह 20 मेगावाट के एआई डेटा सेंटर पर आधारित होगा, जिसका उद्देश्य उन्नत कंप्यूट क्षमता, अनुसंधान और स्टार्टअप इनक्यूबेशन को एकीकृत कर बड़े पैमाने पर एआई अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना है।

सामूहिक रूप से, ये पहलें दर्शाती हैं कि समन्वित सार्वजनिक साझेदारियाँ किस प्रकार स्वदेशी एआई अवसंरचना को बड़े स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू कर सकती हैं।

निष्कर्ष

इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप नवाचार को आगे बढ़ाते हुए सर्वम एआई, भारत की स्वदेशी एआई महत्वाकांक्षाओं का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभर रहा है। भारतीय भाषाओं में स्वदेशी बड़े भाषा और वाणी मॉडल विकसित करके, सर्वम एआई डिजिटल सेवाओं तक पहुँच का विस्तार कर रहा है, ओपन इनोवेशन को सशक्त बना रहा है और विदेशी एआई प्रणालियों पर निर्भरता को कम कर रहा है। सार्वजनिक सेवाओं के वितरण, स्टार्टअप प्रोत्साहन तथा जिम्मेदार एआई ढाँचों में इसकी बढ़ती भूमिका, समावेशी विकास के लिए प्रौद्योगिकी को एक सशक्त माध्यम बनाने की सरकार की परिकल्पना का प्रतीक हैं। सर्वम एआई एक भविष्य-उन्मुख, बहुभाषी और नागरिक-केंद्रित एआई पारिस्थितिकी तंत्र की नींव को मजबूत कर रहा है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा।

संदर्भ:

सर्वम एआई

https://www.sarvam.ai/blogs/sarvam-launch

https://www.sarvam.ai/blogs/partnerships-with-indian-states/

https://www.sarvam.ai/products/conversational-agents - from website, as of Feb 20

Ministry of Electronics and Information Technology

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2227612

https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2112485&reg=3&lang=2

पी आई बी मुख्यालय:

https://www.pib.gov.in/PressNoteDetails.aspx?ModuleId=3&NoteId=157204&reg=3&lang=1

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