सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
हाईवे और रेलवे परियोजनाओं में आरओबी के लिए अनुमोदन प्रक्रियाओं को डिजिटाइज और तेज करने हेतु PRISM-SG पोर्टल लॉन्च
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 6:26PM by PIB Delhi
बुनियादी ढांचा विकास में दक्षता, पारदर्शिता और अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने की दिशा में एक प्रमुख कदम के रूप में, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी तथा रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली में PRISM-SG (पोर्टल फॉर रेल-रोड इंस्पेक्शन एंड स्टेजेस मैनेजमेंट – स्टील गर्डर्स) पोर्टल लॉन्च किया।

PRISM-SG पोर्टल का विकास सड़क ऊपरी पुलों (आरओबी) के निर्माण से संबंधित प्रमुख अनुमोदन और निरीक्षण प्रक्रियाओं को डिजिटाइज करने के लिए किया गया है, जिसमें क्वालिटी एश्योरेंस प्लान (क्यूएपी), वेल्डिंग प्रक्रिया विनिर्देश पत्रक (डब्ल्यूपीएसएस) और स्टील गर्डर्स के निर्माण चरण निरीक्षण को शामिल किया गया है।
यह पोर्टल दस्तावेजों की अंत-से-अंत ऑनलाइन जमा, जांच, प्रश्न उठाना और उनका समाधान, अनुमोदन, निरीक्षण शेड्यूलिंग तथा निरीक्षण रिपोर्ट, फोटोग्राफ, परीक्षण परिणामों की अपलोडिंग को सक्षम बनाता है, जो पूर्ण ऑडिट ट्रेल और वास्तविक समय निगरानी क्षमताओं द्वारा समर्थित है।वर्तमान में, आरओबी के निर्माण के लिए भारतीय रेलवे से जनरल अरेंजमेंट ड्रॉइंग (जीएडी), संरचनात्मक चित्र, क्वालिटी एश्योरेंस प्लान (क्यूएपी), वेल्डिंग प्रक्रिया विनिर्देश पत्रक (डब्ल्यूपीएसएस) और स्टील गर्डर्स के निर्माण चरण निरीक्षण जैसी कई अनुमोदनों की आवश्यकता होती है। जबकि जीएडी और संरचनात्मक चित्रों के अनुमोदन आरआरसीएएस पोर्टल के माध्यम से प्रोसेस किए जाते हैं और क्यूएपी, डब्ल्यूपीएसएस और निर्माण निरीक्षण संबंधी प्रक्रियाएं मुख्य रूप से ऑफलाइन या भौतिक मोड में की जाती हैं। इससे अक्सर विलंब होता है साथ ही हितधारकों के बीच वास्तविक समय ट्रैकिंग और समन्वय सीमित रहता है।
नव लॉन्च PRISM-SG पोर्टल इन चुनौतियों का समाधान करता है, जो सड़क स्वामित्व विभागों, भारतीय रेलवे, ठेकेदारों, फैब्रिकेटरों और निरीक्षण एजेंसियों सहित सभी प्रमुख हितधारकों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।
यह पहल अनुमोदन और निरीक्षण समयसीमा को लगभग 12 महीनों से घटाकर 3 से 4 महीनों तक करने में मदद करेगी, जिससे परियोजना दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही में सुधार होगा। यह आरओबी और रेलवे पुलों के समय पर पूर्ण होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे देश भर में कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा और बुनियादी ढांचा वितरण में तेजी आएगी।
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पीके/केसी/ एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2245305)
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