सहकारिता मंत्रालय
नई राष्ट्रीय सहकारी पहल से पश्चिमी बंगाल को बाहर रखना
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 4:59PM by PIB Delhi
सहकारिता मंत्रालय ने देश भर में सहकारी क्षेत्र को सशक्त करने और उसका विस्तार करने के लक्ष्य से अनेक पहलें की हैं जिसमें सीएससी, पीएमकेएसके, जन औषधि केंद्रों, आदि के प्रचालन द्वारा प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) के कार्यकलापों का विविधीकरण शामिल है जिसके फलस्वरूप आय के अतिरिक्त स्रोत का सृजन हुआ है । इसके अलावा, भारत सरकार ने अगले पांच वर्षों में देश की सभी पंचायतों और गांवों को आच्छादित करने के लक्ष्य से नई बहुद्देशीय पैक्स/डेयरी/मात्स्यिकी सहकारी समितियां स्थापित करने की योजना को अनुमोदित किया है । पैक्स को सशक्त करने के लिए भारत सरकार द्वारा 2925.39 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय से कार्यशील पैक्स के कंप्यूटरीकरण परियोजना अनुमोदित की गई जिसमें देश में सभी कार्यशील पैक्स को एक कॉमन ईआरपी-आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाकर उन्हें राज्य सहकारी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के साथ लिंक करना है ।
कुछ प्रमुख पहलों के संबंध में पश्चिम बंगाल की स्थिति का आकलन संकलित किया गया है जो संलग्नक में दिया गया है ।
संलग्नक में दर्शाए गए उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुछ प्रमुख पहलों में पश्चिम बंगाल की सहकारी समितियों की भागीदारी अन्य राज्यों की तुलना में कम है जो आगे विस्तार की उल्लेखनीय गुंजाइश को दर्शाता है ।
सहकारिता मंत्रालय की योजनाएं और पहलें सभी राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों पर समान रूप से लागू हैं । पश्चिम बंगाल के मामले में पीएम जन औषधि केंद्रों, कॉमन सेवा केंद्रों (सीएससी), पीएम किसान समृद्धि केंद्रों (पीएमकेएसके), पानी समितियों, पेट्रोल/डीजल आउटलेटों तथा राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (एनसीओएल), राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) जैसे राष्ट्रीय सहकारी संस्थानों में भागीदारी के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड) के पोर्टलों पर पंजीकरण जैसी पहलों के संबंध में निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है, जो पश्चिम बंगाल की सहकारी समितियों को इन राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लाभों से सीमित करती है । इन पहलों की व्यापक भागीदारी और प्रभावी कार्यान्वयन की सुविधा के लिए मंत्रालय ने राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क बना रखा है ।
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संलग्नक
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क्रम सं.
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राज्य
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2 लाख एम-पैक्स/डीसीएस/ एफसीएस की स्थापना + सशक्तीकरण-
लक्ष्य की तुलना में उपलब्धि का %
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पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना के अधीन स्वीकृत पैक्स की तुलना में डिजिटलीकृत पैक्स का %
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सीएससी के रूप में पैक्स का %
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पीएमकेएसके के रूप में पैक्स का %
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| |
|
एम-पैक्स
|
डीसीएस
|
एफसीएस
|
|
|
|
|
|
1
|
आंध्र प्रदेश
|
1%
|
19%
|
52%
|
99%
|
91%
|
66%
|
|
|
2
|
अरुणाचल प्रदेश
|
6%
|
0%
|
200%
|
9%
|
5%
|
0%
|
|
|
3
|
असम
|
45%
|
71%
|
138%
|
68%
|
47%
|
4%
|
|
|
4
|
बिहार
|
32%
|
61%
|
5%
|
100%
|
62%
|
20%
|
|
|
5
|
छत्तीसगढ़
|
75%
|
25%
|
202%
|
100%
|
78%
|
82%
|
|
|
6
|
गोवा
|
123%
|
10%
|
150%
|
59%
|
27%
|
4%
|
|
|
7
|
गुजरात
|
29%
|
156%
|
38%
|
92%
|
23%
|
31%
|
|
|
8
|
हरियाणा
|
6%
|
19%
|
28%
|
88%
|
59%
|
92%
|
|
|
9
|
हिमाचल प्रदेश
|
51%
|
371%
|
167%
|
73%
|
41%
|
34%
|
|
|
10
|
झारखंड
|
12700%
|
109%
|
113%
|
53%
|
46%
|
10%
|
|
|
11
|
कर्नाटक
|
111%
|
41%
|
130%
|
74%
|
37%
|
28%
|
|
|
12
|
केरल*
|
0%
|
125%
|
47%
|
-
|
1%
|
64%
|
|
|
13
|
मध्य प्रदेश
|
51%
|
21%
|
76%
|
83%
|
81%
|
87%
|
|
|
14
|
महाराष्ट्र
|
36%
|
47%
|
132%
|
99%
|
40%
|
3%
|
|
|
15
|
मणिपुर
|
7%
|
16%
|
198%
|
65%
|
34%
|
12%
|
|
|
16
|
मेघालय
|
5%
|
65%
|
39%
|
3%
|
14%
|
0%
|
|
|
17
|
मिजोरम
|
13%
|
3%
|
10%
|
25%
|
15%
|
0%
|
|
|
18
|
नागालैंड
|
1%
|
13%
|
60%
|
44%
|
1%
|
0%
|
|
|
19
|
ओडिशा
|
1696%
|
17%
|
35%
|
0%
|
35%
|
59%
|
|
|
20
|
पंजाब
|
0%
|
56%
|
93%
|
91%
|
73%
|
71%
|
|
|
21
|
राजस्थान
|
438%
|
65%
|
51%
|
72%
|
59%
|
46%
|
|
|
22
|
सिक्किम
|
77%
|
600%
|
67%
|
82%
|
49%
|
0%
|
|
|
23
|
तमिलनाडु
|
1%
|
532%
|
16%
|
99%
|
100%
|
71%
|
|
|
24
|
तेलंगाना*
|
0%
|
28%
|
56%
|
-
|
62%
|
86%
|
|
|
25
|
त्रिपुरा
|
39%
|
3%
|
100%
|
56%
|
34%
|
0%
|
|
|
26
|
उत्तराखंड
|
83%
|
43%
|
245%
|
55%
|
63%
|
48%
|
|
|
27
|
उत्तर प्रदेश
|
36%
|
102%
|
94%
|
49%
|
66%
|
83%
|
|
|
28
|
पश्चिम बंगाल
|
2%
|
9%
|
13%
|
79%
|
1%
|
0%
|
|
|
29
|
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह
|
0%
|
0%
|
63%
|
100%
|
11%
|
2%
|
|
|
30
|
जम्मू और कश्मीर
|
26%
|
657%
|
195%
|
76%
|
69%
|
22%
|
|
|
31
|
लद्दाख
|
3%
|
0%
|
25%
|
100%
|
5%
|
0%
|
|
|
32
|
पुडुचेरी
|
44%
|
7%
|
43%
|
100%
|
51%
|
11%
|
|
|
33
|
दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली
|
21%
|
0%
|
100%
|
44%
|
44%
|
0%
|
|
*केरल और तेलंगाना पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना का हिस्सा नहीं हैं ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2245152)
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