पंचायती राज मंत्रालय
चार राज्यों के ग्रामीण स्थानीय निकायों को पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान के तहत 1,142 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली
मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब और मिजोरम के पंचायती राज संस्थाओं को लाभ
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 3:01PM by PIB Delhi
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब और मिजोरम में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पंद्रहवें वित्त आयोग (XV एफसी) के बिना शर्त अनुदान स्वीकृत और जारी कर दिए हैं। इन अनुदानों से जमीनी स्तर पर शासन को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा और पंचायती राज संस्थाओं में आवश्यकता आधारित स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मध्य प्रदेश के लिए, वित्तीय वर्ष 2025-26 के बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 631.91 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि 51 पात्र जिला पंचायतों (डीपी), 300 पात्र ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और 22933 पात्र ग्राम पंचायतों (जीपी) को दी गई है। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 के बिना शर्त अनुदान की पहली किस्त के रोके गए हिस्से में से 1.26 करोड़ रुपये अतिरिक्त पात्र 4 ब्लॉक पंचायतों और 19 जिला पंचायतों को जारी किए गए हैं। इसी प्रकार, झारखंड के लिए, वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रतिबंधित अनुदान की पहली किस्त के रूप में 269.03 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि राज्य की 23 पात्र डीपी, सभी 264 पात्र बीपी और 4344 पात्र जीपी के लिए है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बिना शर्त अनुदान की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के 3.65 करोड़ रुपये भी अतिरिक्त रूप से पात्र 11 बीपी और 2 जीपी को जारी कर दिए गए हैं।
पंजाब के लिए, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 222 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। ये राशि 13,262 पात्र ग्राम पंचायतों, 150 पात्र ब्लॉक पंचायतों, और सभी 22 पात्र जिला पंचायतों के लिए है। वहीं, मिजोरम के लिए बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 14.80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। ये धनराशि राज्य की सभी 816 पात्र ग्राम परिषदों के लिए है।
भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्तीय वर्ष के अनुदान जारी करने की अनुशंसा करती है, जिसे वित्त मंत्रालय जारी करता है। आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में अनुशंसित और जारी किए जाते हैं। बिना शर्त अनुदानों का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस विषयों के अंतर्गत, वेतन और अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर, स्थान-विशिष्ट जरूरतें पूरी करने के लिए किया जाएगा। बद्ध अनुदानों का उपयोग (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति के रखरखाव के लिए किया जा सकता है, जिसमें विशेष रूप से घरेलू अपशिष्ट और मानव मल का प्रबंधन और उपचार तथा मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए, और (ख) पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।
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पीके/केसी/एके/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2245081)
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