जनजातीय कार्य मंत्रालय
आदिवासी महिलाओं के संपत्ति अधिकार
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 2:21PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने आज राज्यसभा को बताया कि पूछे गए प्रश्न का विषय विधि एवं न्याय मंत्रालय से संबंधित है। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने सूचित किया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील संख्या 6901/2022 कमला नेति (मृत) कानूनी वारिसों के माध्यम से बनाम विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी तथा अन्य को खारिज करते हुए, निम्नलिखित टिप्पणी की थी, जिसका विवरण (2023) 3 एससीसी 528 में प्रकाशित हुआ है,
‘‘अतः हम वर्तमान अपील को खारिज तो करते हैं, पर केंद्र सरकार को यह जांचने का निर्देश दिया जाता है कि क्या हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के प्रावधानों की अनुसूचित जनजातियों पर प्रयोज्यता के संबंध में अधिनियम के अंतर्गत दी गई छूटों को वापस लेना उचित और आवश्यक है तथा क्या उपयुक्त संशोधन लाना आवश्यक है। हमें आशा और विश्वास है कि केंद्र सरकार इस मामले पर गौर करेगी और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के अंतर्गत प्रदत्त समानता के अधिकार को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगी।’’
माननीय न्यायालय के निर्देशों के आलोक में, इस निर्णय को भारतीय विधि आयोग को भेजकर उससे अनुरोध किया गया है कि समान नागरिक संहिता से संबंधित प्रस्ताव के साथ इसकी जांच करे।
***
पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2244993)
आगंतुक पटल : 107