राज्यसभा सचिवालय
भारत माता के तीन वीर सपूतों, सरदार भगत सिंह जी, राजगुरु जी और सुखदेव जी की शहादत की वर्षगांठ पर राज्यसभा सभापति श्री सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा आज सदन में किए गए उल्लेख का पाठ
प्रविष्टि तिथि:
23 MAR 2026 3:41PM by PIB Delhi
माननीय सदस्यगण, आज, 23 मार्च, भारत माता के तीन वीर सपूतों, सरदार भगत सिंह जी, राजगुरु जी और सुखदेव जी की शहादत की वर्षगांठ है, जिन्होंने 1931 में इसी दिन युवावस्था में अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका अद्वितीय साहस, अदम्य भावना और सर्वोच्च बलिदान राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम का उज्ज्वल अध्याय है और भारत के प्रत्येक नागरिक के मन में उनके प्रति गहरा सम्मान और कृतज्ञता का भाव जगाता है।
माननीय सदस्यों, उनकी शहादत हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का महज एक अध्याय नहीं बल्कि एक निर्णायक क्षण था जिसने राष्ट्र की अंतरात्मा को झकझोर दिया और लाखों लोगों को औपनिवेशिक हुकूमत के विरुद्ध एकजुट होने के लिए प्रेरित किया। आज हम जिस स्वतंत्रता के साथ जी रहे हैं, वह अनगिनत देशभक्तों के बलिदान से मिला है, जिसमें इन तीन वीरों का हर भारतीय के हृदय में विशेष स्थान है।
इस पवित्र अवसर पर, आइए हम उन संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कायम रखने के अपने संकल्प को दोहराएं, जिनके लिए इन शहीदों ने अपना जीवन समर्पित किया। हम एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील भारत के लिए एकजुट होकर काम करें। मैं माननीय सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे सरदार भगत सिंह जी, राजगुरु जी और सुखदेव जी की अमर स्मृति के सम्मान में अपने स्थान पर खड़े होकर मौन धारण करें।
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पीके/केसी/एकेवी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2244146)
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