पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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भारत के हरित परिवर्तन को गति देने के लिए जीएसटी का विवेकीकरण


अपशिष्ट प्रबंधन, बायो डिग्रेडेबल उत्पाद और हरित परिवहन अधिक किफायती और सुलभ बनेगा

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 2:53PM by PIB Delhi

हाल ही में जीएसटी के विवेकीकरण के माध्यम से स्थिरता और जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया गया है, जिसमें अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं, जैव-अपघटनीय उत्पादों और हरित परिवहन पर कर दरों को कार्यनीतिक रूप से कम किया गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किए गए इन सुधारों की रूपरेखा पर्यावरण के अनुकूल विनिर्माण को बढ़ावा देने, अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना को मजबूत करने और सतत परिवहन समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई है। 'विकसित भारत 2047' और 'लाइफ़' (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) जैसे राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप, ये बदलाव भारत के नेट ज़ीरो 2070 के लक्ष्य का समर्थन करते हैं और पेरिस समझौते के तहत प्रतिबद्धताओं को पूरा करते हैं।

अपशिष्ट प्रबंधन का सुदृढ़ीकरण : सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र (सीईटीपी)

सीईटीपी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना पर्यावरणीय स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए लागत बचत : कर का बोझ कम करने से सामूहिक अपशिष्ट उपचार छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए अधिक आकर्षक हो जाता है, जिन्हें अक्सर व्यक्तिगत प्रबंधन लागतों से जूझना पड़ता है।
  • प्रभाव का परिमाण : 21 राज्यों में 222 प्रचालनगत सीईटीपी 2212 एमएलडी औद्योगिक अपशिष्ट जल का उपचार कर रहे हैं और अनुमान है कि कर कटौती से उद्योगों को लगभग 13.27 करोड़ रुपये प्रति दिन की बचत होगी।
  • चक्रीय अर्थव्यवस्था : यह सुधार उन 53 सीईटीपी का समर्थन करता है जो पहले से ही शून्य तरल निर्वहन (जेडएलडी) प्रणाली को लागू कर रहे हैं, उपचारित अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग को बढ़ावा देते हैं और मीठे पानी पर निर्भरता को कम करते हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण से मुकाबला

एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक पर राष्ट्रीय प्रतिबंध को सुदृढ़ करने के लिए बायो डिग्रेडेबल विकल्पों को बढ़ावा देने हेतु, बायो डिग्रेडेबल बैगों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

  • किफायती दरों में वृद्धि : कंपोस्टेबल कैरी बैग की बिक्री कीमत में लगभग 11 प्रतिशत (200 रुपये प्रति किलो से 178 रुपये प्रति किलो तक) की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे पर्यावरण के अनुकूल विकल्प पारंपरिक प्लास्टिक के मुकाबले प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे।
  • समुद्री इकोसिस्‍टम की सुरक्षा : यह उपाय अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस जैसे अवसरों पर चलाए जाने वाले मंत्रालय के नेतृत्व वाले समुद्र तट सफाई अभियानों का सीधे तौर पर समर्थन करता है, जिससे नदियों और महासागरों में प्लास्टिक का रिसाव कम होता है।
  • उद्योग विकास : इस सुधार से 200 से अधिक प्रमाणित कम्पोस्टेबल निर्माताओं को स्टार्च-आधारित और कम्पोस्टेबल सामग्रियों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

हरित परिवहन

भारत के वाहन बेड़े का आधुनिकीकरण: बसों और वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का उद्देश्य भारतीय शहरों में हवा को स्वच्छ करना है।

  • प्रदूषकों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना : कम प्रारंभिक लागत ऑपरेटरों को पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को नए बीएस-वीआई मानकों के अनुरूप मॉडलों से बदलने के लिए प्रोत्साहित करती है, जो बीएस-वीआई मानकों की तुलना में 10 गुना तक स्वच्छ होते हैं।
  • सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा : लागत में कमी से सरकार और निजी ऑपरेटरों को अधिक बसें तैनात करने की अनुमति मिलती है, जिससे अंतिम-मील और अंतर-शहरी कनेक्टिविटी में सुधार होता है।
  • लॉजिस्टिक्स दक्षता : मालवाहक वाहनों पर कम कर लगने से परिवहन लागत कम हो जाती है, जिससे बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलती है और साथ ही लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के कार्बन फुटप्रिंट में भी कमी आती है।

जीएसटी में किए गए ये सुधार अपशिष्ट प्रबंधन, बायो डिग्रेडेबल उत्पादों और हरित परिवहन को अधिक किफायती और सुलभ बनाते हैं। लागत में कटौती और टिकाऊ उद्योगों को समर्थन देकर, ये बदलाव जलवायु परिवर्तन के विरूद्ध वैश्विक लड़ाई में भारत के नेतृत्व को मजबूत करते हैं और एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक टिकाऊ भविष्य की नींव रखते हैं।

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पीके/केसी/एसकेजे/जीआरएस


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