युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
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भारत के खेल उपकरण विनिर्माण क्षेत्र पर नीति आयोग की रिपोर्ट जारी:


“खेल वस्तुओं को हाल ही में मंत्रालय के कार्य आवंटन नियमों में शामिल किया गया है, जो उनकी रणनीतिक महत्व को दर्शाता है”* - *श्री हरि रंजन राव, सचिव (खेल)

भारत ने खेल वस्तुओं के निर्यात को 2036 तक 8.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा

प्रविष्टि तिथि: 19 MAR 2026 8:21PM by PIB Delhi

भारत के खेल उपकरण विनिर्माण क्षेत्र के निर्यात क्षमता को साकार करने शीर्षक वाली एक रिपोर्ट आज औपचारिक रूप से जारी की गई, जिसमें भारत को खेल वस्तुओं के विनिर्माण और निर्यात के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की महत्वाकांक्षा का खाका प्रस्तुत किया गया है।रिपोर्ट खेल उपकरण विनिर्माण खंड पर विशेष रूप से केंद्रित है, जो एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें निर्यात की अपार अनछुई क्षमता मौजूद है।

रिपोर्ट ने खेल उपकरण विनिर्माण क्षेत्र को अत्यधिक श्रम-गहन और राजकोषीय रूप से लाभकारी क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है, जो रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास के लिए मजबूत अवसर प्रदान करता है।

रिपोर्ट में उल्लिखित प्रमुख लक्ष्य भारत के खेल वस्तुओं के निर्यात को 2036 तक लगभग 8.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाना है।

इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, रिपोर्ट ने व्यापार संचालन को सरल बनाने के लिए संरचनात्मक और प्रशासनिक सुधारों सहित एक व्यापक रणनीति की सिफारिश की है, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए राजकोषीय प्रोत्साहनों की व्यवस्था की है।इसने नए और उन्नत खेल विनिर्माण क्लस्टरों के विकास, विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रमाणन अवसंरचना की स्थापना, वैश्विक खेल वस्तु बाजारों में ब्रांड इंडिया के प्रचार तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ साझेदारियों को प्रोत्साहन देने की भी मांग की है।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, खेल सचिव श्री हरि रंजन राव ने कहा, खेल वस्तुओं को हाल ही में मंत्रालय के कार्य आवंटन नियमों में शामिल किया गया है, जो उनकी रणनीतिक महत्व को दर्शाता है।उन्होंने आगे कहा कि खेलो भारत नीति 2025 और प्रस्तावित राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में प्रमुख सक्षमकर्ता के रूप में कार्य करेंगे।

खेल सचिव ने यह भी बताया कि मंत्रालय माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर कार्यरत है, जिसमें खेल को आर्थिक विकास, वैश्विक ब्रांडिंग और युवा विकास का इंजन बनाने का लक्ष्य है।

यह रिपोर्ट वैश्विक खेल विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में भारत की क्षमता को अनलॉक करने तथा देश को प्रतिस्पर्धी, नवाचार-प्रधान और निर्यात-उन्मुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।जालंधर और मेरठ के प्रमुख खेल विनिर्माण क्लस्टरों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय तथा नीति आयोग के अधिकारियों ने भी रिपोर्ट जारी करने के अवसर पर उपस्थिति दर्ज की।

रिपोर्ट https://niti.gov.in/sites/default/files/2026-03/Realising-the-Export-Potential-of-India-Sports-Equipment-Manufacturing-Sector.pdf पर देखी जा सकती है।

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पीके/केसी/एमएम/एसएस  


(रिलीज़ आईडी: 2242754) आगंतुक पटल : 162
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