सहकारिता मंत्रालय
भारत टैक्सी सेवा की वर्तमान स्थिति एवं प्रभाव
प्रविष्टि तिथि:
18 MAR 2026 5:30PM by PIB Delhi
सहकारिता मंत्रालय रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और जमीनी स्तर पर आर्थिक भागीदारी के साधन के रूप में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है । भारत टैक्सी की परिकल्पना चालकों- जिन्हें सारथियों के रूप में संदर्भित किया जाता है, को स्वामित्व, शासन और मूल्य निर्माण के केंद्र में रखकर मोबिलिटी के क्षेत्र में एक रूपांतरणकारी पहल के रूप में की गई है जिससे एग्रीगेटर-चालित मॉडल के लिए एक संधारणीय और सम्मानजनक विकल्प प्रदान किया जा सके । "भारत टैक्सी" भारत का पहला सहकारी नेतृत्व वाला राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है । यह 'सहकार से समृद्धि' की परिकल्पना के अनुरूप सहकारी क्षेत्र को सशक्त करने और समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के चल रहे प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्थर है । बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन पंजीकृत, भारत टैक्सी की स्थापना दिनांक 6 जून, 2025 को सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले राष्ट्रीय स्तर के 8 संस्थानों द्वारा की गई है जिसे आधिकारिक रूप से दिनांक 5 फरवरी, 2026 को लॉन्च किया गया । इस सहकारी समिति का लक्ष्य सवारियों को सुरक्षित और किफायती सवारी विकल्प प्रदान करते हुए चालकों के लिए उचित और पारदर्शी आय सुनिश्चित करना, कमीशन-आधारित शोषण को खत्म करना, भागीदारी निर्णयन को बढ़ावा देना और सामाजिक सुरक्षा लाभों तक पहुंच प्रदान करना है । यह प्लेटफ़ॉर्म सब्स्क्रिप्शन-आधारित मॉडल पर काम करता है जिसमें चालक, सहकारी समिति के सदस्य और हितधारक होते हैं ।
वर्तमान में भारत टैक्सी सेवा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र- दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ एवं द्वारका में काम कर रही है । भारत टैक्सी विभिन्न राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से अपने प्रचालन का विस्तार करने की मंशा रखता है जो सांविधिक अनुमोदनों, अवसंरचनात्मक तत्परता और सदस्यों की ऑनबोर्डिंग के अध्यधीन है । विस्तार योजनाओं का निर्धारण सहकारी समिति के शासी निकाय द्वारा प्रचालन व्यवहार्यता के आधार पर किया जाता है ।
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड को बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन पंजीकृत किया गया है और जो अधिनियम के सभी उपबंधों के अनुपालन के लिए बाध्य है । चालक सदस्यता, शेयरधारण और प्लेटफ़ॉर्म शुल्क/कमीशन से संबंधित व्यवस्थाएं निम्नानुसार हैं:
चालक सदस्यता:
वाहन चलाने का वैध लाइसेंसधारी व्यक्ति जिनके पास वाहन है, वे इस समिति के सामान्य सदस्य बनने के पात्र हैं । समिति की उपिविधियों के अनुसार सदस्यता प्रदान की जाती है और सभी सदस्य लोकतांत्रिक आधार पर इसके शासन में भाग लेते हैं । यह समिति प्रचालन और प्रशासनिक मामलों के लिए सामूहिक निर्णयन सुनिश्चित करती है ।
शेयरधारण की पद्धति:
सदस्यता के लिए समिति का शेयर लेना अनिवार्य है, जिसमें शामिल होने के समय समिति का न्यूनतम एक शेयर का अभिदान जरूरी है । समिति की प्राधिकृत शेयर पूंजी 300 करोड़ रुपये है जिसे 100 रुपये प्रति शेयरों में विभाजित किया गया है । न्यायोचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शेयरधारिता की सीमाएं निर्धारित की गई हैं । उपविधियों के प्रावधानों के अनुसार शेयरों को हस्तांतरित, भुनाया या नामांकित किया जा सकता है ।
भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुक की गई राइड पर चालकों (सारथियों) से कोई कमीशन नहीं लेती है । यह सहकारी समिति सदस्यता-आधारित मॉडल का पालन करती है जो चालकों को पूर्ण किराया आय रखने में सक्षम बनाता है । पारदर्शिता और किफायत के सहकारी सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए सवारियों से बिना अतिरिक्त सुविधा शुल्क या उच्च मांग के कारण बढ़ी मूल्य निर्धारण के केवल दूरी, समय और बाजार की स्थितियों के आधार पर लागू ट्रिप किराया लिया जाता है ।
इस परियोजना को डिजिटल अवसंरचना, प्रचालन प्रणालियों और क्षमता निर्माण की दिशा में निवेश के साथ एक सहकारी संरचना के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा है । इससे चालकों, सहायक स्टाफ और संबद्ध सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है । अब तक लगभग 5 करोड़ रुपये के व्यय का वहन किया गया है जिससे चालक-सारथियों के लिए 35 करोड़ रुपये से अधिक की आय सृजित हुई है । चालक- सारथी के लिए लगभग 20,000 कुल रोजगार के साथ-साथ 200 सहायक स्टाफ के रोजगार सृजित होंगे ।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2241925)
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