प्रविष्टि तिथि:
13 MAR 2026 3:53PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत, 28.02.2026 तक देश भर में कुल 18,646 जन औषधि केंद्र (जेएके) खोले गए हैं, जिनमें से 283 केंद्र आंध्र प्रदेश में खोले गए हैं। देश में खोले गए केंद्रों की राज्यवार संख्या और आंध्र प्रदेश में खोले गए केंद्रों की जिलावार संख्या अनुलग्नक I में दी गई है।
पिछले पांच वर्षों के दौरान इस योजना के तहत आवंटित और उपयोग की गई धनराशि का विवरण इस प्रकार है:
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क्रम संख्या
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वित्तीय वर्ष
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स्वीकृत धनराशि
(करोड़ रुपये में)
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उपयोग की गई धनराशि
(करोड़ रुपये में)
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1.
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2020-21
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65.00
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65.00
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2.
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2021-22
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68.50
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68.50
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3.
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2022-23
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100.00
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100.00
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4.
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2023-24
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110.00
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110.00
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5.
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2024-25
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284.50
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182.73
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इस योजना के अंतर्गत राज्यवार धनराशि का आवंटन नहीं किया गया है।
देश भर में, पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान इस योजना के तहत कुल 6,290.23 करोड़ रुपये के अधिकतम खुदरा मूल्य की बिक्री हुई है। राज्यवार और वित्तीय वर्षवार अधिकतम खुदरा मूल्य की बिक्री का विवरण परिशिष्ट II में दिया गया है।
इस योजना के अंतर्गत, जन औषधि केंद्र के मालिकों को मासिक खरीद का 10 प्रतिशत प्रोत्साहन के रूप में दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपये प्रति माह है। इसके अतिरिक्त, जन औषधि केंद्र मालिकों को 200 उच्च मांग वाले उत्पादों का आवश्यक स्टॉक बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये प्रति माह तक का प्रोत्साहन भी दिया जाता है। साथ ही, पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी क्षेत्रों, द्वीपीय क्षेत्रों और नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिलों के रूप में अधिसूचित पिछड़े क्षेत्रों में खोले गए जन औषधि केंद्रों और पूर्व सैनिकों, दिव्यांगजनों और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों सहित कुछ पात्र श्रेणियों के उद्यमियों द्वारा खोले गए जन औषधि केंद्रों को 2 लाख रुपये का एकमुश्त विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है।
सरकार ने इस योजना के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से मार्च 2027 तक 25,000 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है। जन औषधि केंद्र खोलने के लिए व्यक्तिगत उद्यमियों, गैर-सरकारी संगठनों, समितियों, ट्रस्टों, फर्मों, निजी कंपनियों आदि से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। आंध्र प्रदेश सहित देश के सभी जिलों से www.janaushadhi.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
अनुलग्नक 1,2,3 के लिए यहां क्लिक करें
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज लोकसभा में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/जेके/एनजे