विधि एवं न्याय मंत्रालय
क्षेत्रीय कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन 14 मार्च 2026 को चेन्नई, तमिलनाडु के कलाइवनार अरंगम में किया जाएगा
प्रविष्टि तिथि:
13 MAR 2026 8:47AM by PIB Delhi
न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान तैयार करने (दिशा) की टेली-लॉ पहल के तहत, सरकार के न्याय मंत्रालय, न्याय विभाग के अंतर्गत एक केंद्रीय क्षेत्र योजना 2026 का क्षेत्रीय कार्यक्रम सह-कार्यशाला कार्यशाला 14 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे से तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के कलाइवनार अरंगम में आयोजित की जाएगी।
यह कार्यशाला विभाग द्वारा प्रौद्योगिकी-सक्षम कानूनी सेवाओं के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने और प्रमुख हितधारकों के बीच जानकारीपूर्ण विचार-विमर्श को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के हिस्से के रूप में आयोजित की जा रही है।
राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ भारत के राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" के सामूहिक गायन से होगा। भारत के इतिहास में इसकी भावना और अद्वितीय भूमिका का जश्न मनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम के दौरान, तमिलनाडु में दिशा योजना की प्रगति पर प्रकाश डाला जाएगा, इसमें राज्य भर में टेली-लॉ सेवाओं के कार्यान्वयन और विस्तार को शामिल किया जाएगा। सत्र में पैनल वकीलों, ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) और लाभार्थियों सहित टेली-लॉ से जुड़े हितधारकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद भी होगा। इससे प्रौद्योगिकी-आधारित कानूनी सेवाएं जमीनी स्तर पर न्याय तक पहुंच को सुगम बनाने सम्बंधी जानकारी दी जाएगी।
इस कार्यशाला में विधि साक्षरता और विधि जागरूकता के अंतर्गत किए गए प्रचार-प्रसार गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें डॉ. अंबेडकर गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, पुडुचेरी के सहयोग से शुरू की गई पहलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और संकाय सदस्यों के साथ संवाद भी होगा। एक अन्य खंड में तमिलनाडु भर के विधि कॉलेजों द्वारा की गई नि:शुल्क कानूनी सहायता (प्रो बोनो) पहलों पर प्रकाश डाला जाएगा। इसमें संकाय सदस्य और सामुदायिक सेवा में लगे छात्र अपने अनुभव साझा करेंगे।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रथागत कानूनों पर 10 ई-पुस्तकों का औपचारिक रूप से विमोचन किया जाएगा, जो स्वदेशी कानूनी परंपराओं और सामाजिक प्रथाओं पर ज्ञान के प्रलेखन और प्रसार में योगदान देंगी।
इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के माननीय राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।
इस कार्यक्रम में लगभग 800 प्रतिभागी उपस्थित होंगे। इनमें मद्रास उच्च न्यायालय के उच्च न्यायालय रजिस्ट्री के अधिकारी, तमिलनाडु राज्य विधि सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, चेन्नई बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, सरकारी वकील, सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई), टेली-लॉ पैनल के वकील, सेवेथा स्कूल ऑफ लॉ, शास्त्र (एसएएसटीआरए) डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी (डीम्ड विश्वविद्यालय एक प्रकार का उच्च शिक्षा संस्थान है), केएमसी कॉलेज ऑफ लॉ, तमिलनाडु नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ लॉ, सेंट जोसेफ यूनिवर्सिटी के संकाय सदस्य और विधि छात्र, डॉ. अंबेडकर गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, पुडुचेरी के निदेशक और संकाय सदस्य, साथ ही केंद्रीय और राज्य प्रशासन के निदेशक/पंजीयक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, न्याय विभाग के कई नागरिक और हितधारक वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
न्याय विभाग की दिशा योजना के अंतर्गत आयोजित टेली-लॉ कार्यक्रम पर क्षेत्रीय कार्यशाला , जागरूकता, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी-आधारित सेवा वितरण के माध्यम से न्याय तक पहुंच को मजबूत करने के भारत सरकार के व्यापक प्रयासों का एक हिस्सा है। राज्य प्रशासनों और हितधारकों को शामिल करने, कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करने और न्याय वितरण तंत्र को और मजबूत करने के लिए देश भर में ऐसी क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित कार्यशाला, टेली-लॉ और न्याय तक पहुंच से सम्बंधित अन्य पहलों की पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए केंद्रित विचार-विमर्श के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
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पीके/केसी/वीके/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2239634)
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