मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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डेयरी उत्पादों अन्नाटो का प्रयोग

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 11:42AM by PIB Delhi

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मैसूर स्थित सीएसआईआरकेंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिक अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीएफटीआरआई)—जो वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक घटक प्रयोगशाला है—ने अन्नाटो के अध्ययन और विकास से संबंधित चार सहायता-अनुदान परियोजनाएं शुरू की थीं। इन चार परियोजनाओं में से तीन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) द्वारा और एक जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) द्वारा वित्तपोषित थी। यह संस्थान सीएसआईआर के मिशन मोड प्रोजेक्ट "बायोरिसोर्स कंजर्वेशन एंड प्रॉस्पेक्शन (सीएसआईआर-बॉयोकैप)" में भी भाग ले रहा है, जिसके तहत अन्य उपयोगों के साथ-साथ खाद्य और सौंदर्य प्रसाधनों में उपयोग के लिए विटामिन-ई युक्त अन्नाटो तेल विकसित करने की परिकल्पना की गई है।

सीएसआईआर-सीएफटीआरआई  ने अन्नाटो से संबंधित निम्नलिखित पोस्ट हार्वेस्ट प्रौद्योगिकियां विकसित की हैं और उनका सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है:

  • अन्नाटो डाई तैयार करना: विकसित प्रक्रिया में 'बैच टाइप परकोलेशन' तकनीक का उपयोग शामिल है, जिसमें चुनिंदा साल्वैंट के साथ अन्नाटो बीजों का 'काउंटर करंट निष्कर्षण' किया जाता है और इसके बाद साल्वेंट की रिकवरी और सांद्रित डाई को क्रिस्टल जैसे रूप में वैक्यूम डिहाइड्रेशन किया जाता है। इस क्रिस्टल जैसे रंग का उपयोग आगे जल-घुलनशील, तेल-घुलनशील और परिष्कृत पाउडर के रूप में फॉर्मूलेशन तैयार करने में किया जा सकता है।
  • अन्नाटो बीज पृथक्करण यंत्र: अन्नाटो की फलियों  से बीजों को अलग करने के लिए एक छोटी, निरंतर बिजली से चलने वाली मशीन डिजाइन और विकसित की गई थी। इस मशीन को कम लागत वाले, आसानी से अलग होने वाले और आसानी से बनाए जाने वाले उपकरण के रूप में तैयार किया गया है, जो 100 किलोग्राम/घंटा की क्षमता के साथ फलियों से बीज अलग कर सकती है, जिससे 40 किलोग्राम/घंटा बीज प्राप्त होते हैं।

उपरोक्त के अतिरिक्त सीएसआईआर-सीएफटीआरआई  ने विभिन्न वाणिज्यिक और पारंपरिक खाद्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों और संबंधित उद्योगों के साथ मिलकर तेल-घुलनशील, जल-घुलनशील, प्रोपलीन ग्लाइकोल (पीजी)-आधारित, चीनी-आधारित और एसिड-घुलनशील जैसे विभिन्न 'एनाटो-आधारित' फॉर्मूलेशन के अनुप्रयोगों का अध्ययन किया है। विभिन्न खाद्य क्षेत्रों में वांछित शेड (रंग की रंगत) प्राप्त करने के लिए इन फॉर्मूलेशन की सांद्रता  को मानकीकृत किया गया, और विभिन्न वाणिज्यिक तथा पारंपरिक खाद्य उत्पादों के लिए डाई की सांद्रता और उपयुक्तता का मूल्यांकन किया गया। जल-घुलनशील कार्बोनेट प्रणालियों पर आधारित कस्टमाइज्ड फॉर्मूलेशन हार्ड-बॉइल्ड कैंडी, सेंवई, गोल्ड फिंगर्स और बिरयानी वेजिटेबल मंचूरियन जैसे फास्ट फूड में उपयोग के लिए उपयुक्त पाए गए। इसी प्रकार पीजी आधारित कस्टमाइज्ड फॉर्मूलेशन बूंदी लड्डू और मोतीचूर लड्डू जैसी पारंपरिक मिठाइयों के साथ-साथ मक्खन, पनीर, बिस्किट क्रीम, बेकरी क्रीम और आइसिंग क्रीम जैसे डेयरी और बेकरी उत्पादों के लिए उपयुक्त पाए गए। चीनी-पाउडर फॉर्मूलेशन को हार्ड-बॉइल्ड कैंडी, जलेबी, जांगरी और बूंदी लड्डू में उपयोग के लिए सुविधाजनक पाया गया।

सी. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अन्नाटो मध्यम रूप से सूखा सहिष्णु है और इसे कम पानी की आवश्यकता होती है। इसका रोपण मानसून के मौसम (जून से सितंबर) के दौरान किया जाता है। फॉरेस्ट कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफसी एंड आरआई), मेट्टुपलायम ने अन्नाटो में बीज की उपज को अधिकतम करने के लिए सटीक सिल्विकल्चरल पद्धतियां और कैनोपी प्रबंधन पद्धतियां विकसित की हैं।

यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके/


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