मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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एनएलएम के तहत सृजित आजीविका के अवसर

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 11:39AM by PIB Delhi

(अ) असम राज्य सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से कछार जिले में निम्नलिखित आजीविका के अवसर सृजित किए गए हैं:

क्रम सं.

घटक

लाभार्थियों की संख्या

टिप्पड़ी

1

वैज्ञानिक उत्पादन बकरीपालन

मुर्गीपालन

सुअर पालन

120 लाभार्थी

120 लाभार्थी

120 लाभार्थी

कुल 360 लाभार्थी

2

किसानों की भूमि पर चारा उत्पादन

200 लाभार्थी

कुल 200 लाभार्थी

3

किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए पशु आहार और चारे पर जागरूकता कार्यशाला

वर्कशॉप की संख्या 100

कुल 100 लाभार्थी

4

क्लस्टर/एसएचजी को 20 यूनिट के लिए बकरी प्रदान करना (1 यूनिट = 10 लाभार्थी, 10 मादा बकरी और 1 नर बकरा)

200 लाभार्थी

कुल 200 लाभार्थी

5

150 लाभार्थियों को कम इनपुट वाली तकनीक (एलआईटी) के तहत 4 सप्ताह की आयु के पक्षियों का वितरण, प्रति यूनिट 50 पक्षी।

150

कुल 150 लाभार्थी

 

एनएलएम-ईडीपी के तहत, कछार जिले सहित असम राज्य में स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण अनुबंध-I  में दिया गया है।

(ब) वर्तमान में, असम राज्य के कछार जिले में एनएलएम के अंतर्गत ऊंट, घोड़े और गधों की कोई स्वीकृत परियोजना नहीं है।

(स) एनएलएम के तहत कछार जिले सहित असम राज्य में महिलाओं के नेतृत्व वाले कोई एसएचजी लाभार्थी नहीं हैं। हालांकि, राज्य सरकार के अनुसार, कछार जिले में महिलाओं के नेतृत्व वाले एसएचजी लाभार्थियों की संख्या 313 है और पूरे असम में कुल संख्या 520 है।

(द) भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी), देश के सभी जिलों में केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) के तहत 'पशुधन बीमा' पहल लागू कर रहा है। कवरेज बढ़ाने के लिए, भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने सूअर और खरगोश को छोड़कर सभी जानवरों के लिए सब्सिडी लाभ प्रति परिवार 5 पशु इकाई से बढ़ाकर 10 पशु इकाई कर दिया है, जहाँ सीमा 5 पशु इकाई है (1 पशु इकाई = 10 छोटे जानवर)। सामर्थ्य में सुधार करने के लिए, बीमा प्रीमियम में किसान के हिस्से को सरल बनाया गया है और इसे पहले के 20 से 50% के दायरे से घटाकर समान रूप से 15% कर दिया गया है। प्रीमियम का शेष 85% हिस्सा केंद्र और राज्यों द्वारा संयुक्त रूप से वहन किया जाता है, जिसमें राज्यों के लिए अनुपात 60:40 और हिमालयी तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के लिए 90:10 है। राज्य सरकार के अनुसार, पशुधन बीमा के लाभों के बारे में किसानों/पशुपालकों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पशुधन बीमा कवरेज बढ़ाने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों के बीच संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

यह जानकारी मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।

अनुबंध-I

 

जिला

स्वीकृत परियोजनाएं

कुल परियोजना लागत (लाख रूपये में)

स्वीकृत सब्सिडी (लाख रूपये में)

पहली किश्त पाने वाले आवेदकों की संख्या

जारी की गई पहली किश्त की राशि (लाख रूपये में)

दूसरी किश्त पाने वाले आवेदकों की संख्या

जारी की गई दूसरी किश्त की राशि (लाख रूपये में)

कुल जारी की गई सब्सिडी (लाख रूपये में)

लाभ पाने वाले कृषकों की संख्या

बक्सा

1

22.2905

10

0

0

0

0

0

10

बिस्वानाथ

1

37.986

15

0

0

0

0

0

10

बोंगाईगांव

4

175.112

85

2

30

0

0

30

6

काछार

2

37.94125

13.4935

0

0

0

0

0

3

चिरांग

1

64.05

30

1

15

1

15

30

100

दरांग

2

121.028

52.619

1

21.585

0

0

21.585

15

गोलाघाट

2

118.295

54.2

1

2.1

0

0

2.1

32

हैलाकांडी

1

105.135

49.80006

0

0

0

0

0

10

जोरहाट

1

25.112

10

1

5

0

0

5

50

कामरूप

6

561.678

218.61653

5

96.73476

0

0

96.73476

305

कामरूप मेट्रो

1

37.933

15

1

7.5

0

0

7.5

17

करीमगंज

1

56.2345

22.72725

1

11.36362

0

0

11.36362

40

कोकराझार

1

79

30

1

15

1

11.83

26.8343

45

लखीमपुर

1

73.7342

30

1

15

0

0

15

200

मारीगांव

2

160.009

69.7625

1

19.88125

0

0

19.88125

8

नागांव

6

562.4305

236.02494

3

67.756875

1

17.76

85.513745

156

नलबारी

3

105.2875

45

0

0

0

0

0

75

सिवासागर

1

85

37.5

1

18.75

0

0

18.75

6

सोनितपुर

1

105.135

50

1

25

0

0

25

52

तिनसुकिया

2

92.1861

34.7254

2

17.3627

0

0

17.3627

60

महा योग

40

2625.58

1109.47

23

368.03

3

44.59

412.63

1200

****

पीके/केसी/एसके

 


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