जनजातीय कार्य मंत्रालय
पीएम-जेयूजीए योजना के तहत अनुसूचित जनजाति परिवारों के लिए पक्के मकान
प्रविष्टि तिथि:
12 MAR 2026 4:57PM by PIB Delhi
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने लोकसभा को सूचित किया कि माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 2 अक्टूबर, 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) के रूप में शुरू किए गए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (पीएमजेयूजीए) का उद्देश्य 30 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के 549 जिलों और 2,911 ब्लॉकों के 63,843 गांवों में जनजातीय लोगों को बुनियादी ढांचे की अंतरो (कमी) को संतृप्त करना, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी सुविधाओं तक पहुंच में सुधार करना और आजीविका के अवसर प्रदान करना है।
इस योजना के तहत इन प्रमुख उपायों में से एक प्रमुख उपाय अनुसूचित जनजाति (एसटी) परिवारों के लिए पक्के मकानों का निर्माण है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। डीएजेजीयूए के तहत 20 लाख पक्के मकानों के लक्ष्य के सापेक्ष विभिन्न राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में कुल 12,89,251 मकानों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से अब तक 7,60,034 मकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। स्वीकृत और पूर्ण हुए मकानों की राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार प्रगति अनुलग्नक में है।
डीएजेजीयूए के तहत गांवों की पहचान इस मानदंड के आधार पर की जाती है कि वे या तो कम से कम 50 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति (एसटी) आबादी के साथ 500 या उससे अधिक की आबादी वाले हैं, या कम से कम 50 अनुसूचित जनजाति आबादी वाले आकांक्षी ब्लॉकों में स्थित हैं। तेलंगाना राज्य सहित देश भर के इन चुने हुए जनजातीय-बहुल गांवों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति के परिवार, जो बिना किसी आश्रय (घर) या कच्ची दीवारों और कच्ची छतों वाले घरों में रहते हैं या सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 के अनुसार बिना कमरे, एक या दो कमरों वाले घरों में रहते हैं।
धरती-आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए) की अवधि 2 अक्टूबर, 2024 से 31 मार्च, 2029 तक है। आवास पहल सहित कार्यक्रम के तहत किए गए उपायों के इस अवधि के दौरान पूरा होने की उम्मीद है।
अनुलग्नक
दिनांक 12.03.2026 को उत्तर के लिए लोकसभा अतारांकित प्रश्न संख्या 3450 के भाग (क) के उत्तर में संदर्भित अनुलग्नक
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राज्य का नाम
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स्वीकृत आवास
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पूरे हुए आवास
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आंध्र प्रदेश
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1
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1402
|
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अरुणाचल प्रदेश*
|
0
|
780
|
|
असम
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54610
|
69747
|
|
बिहार
|
17
|
222
|
|
छत्तीसगढ़
|
309603
|
180431
|
|
दादरा और नगर हवेली *
|
0
|
1767
|
|
दमन और दीव*
|
0
|
10
|
|
गुजरात
|
73427
|
72378
|
|
हिमाचल प्रदेश
|
2345
|
1115
|
|
जम्मू और कश्मीर
|
21
|
18912
|
|
झारखंड
|
55160
|
5301
|
|
कर्नाटक
|
11565
|
2110
|
|
केरल
|
756
|
122
|
|
मध्य प्रदेश
|
298037
|
118322
|
|
महाराष्ट्र
|
335939
|
76711
|
|
मणिपुर
|
951
|
4167
|
|
मेघालय*
|
0
|
39412
|
|
मिजोरम*
|
0
|
6720
|
|
नागालैंड*
|
0
|
16481
|
|
ओडिशा
|
17521
|
88799
|
|
राजस्थान
|
129188
|
43680
|
|
सिक्किम*
|
0
|
8
|
|
तमिलनाडु
|
110
|
502
|
|
त्रिपुरा*
|
0
|
10543
|
|
उत्तर प्रदेश*
|
0
|
67
|
|
उत्तराखंड*
|
0
|
23
|
|
पश्चिम बंगाल*
|
0
|
302
|
|
कुल योग
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1289251
|
760034
|
* डीएजेजीयूए के शुभारम्भ से से पूर्व स्वीकृत। हालांकि, डीएजेजीयूए अवधि के दौरान पूरा हुए।
*****
पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2239290)
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