कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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संसद प्रश्न: मिशन कर्मयोगी

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 3:24PM by PIB Delhi

आईगोट कर्मयोगी मंच की स्थापना राष्ट्रीय नागरिक सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) - मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत की गई है और इसके दायरा एवं पहुंच में बहुत तेजी से विस्तार हुआ है। दिनांक 06.03.2026 तक, इस प्लेटफॉर्म से 1.51 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म पर डोमेन, कार्यात्मक एवं व्यवहारिक दक्षताओं से संबंधित 4,400 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें 7.7 करोड़ से अधिक लोगों ने पाठ्यक्रम पूरे किए हैं।

पिछले एक वर्ष में राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के अधिकारियों/कर्मचारियों ने आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अपनी निरंतर मजबूत भागीदारी दर्ज की है, जो उनके उच्च नामांकन संख्या से स्पष्ट होता है। दिनांक 06.03.2026 तक के आंकड़े निम्नलिखित हैं:-

क्रम संख्या

राज्य

आईगोट प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत उपयोगकर्ता

कुल पाठ्यक्रम नामांकन

1

राजस्थान

7,46,135

43,96,651

2

मध्य प्रदेश

9,36,951

42,78,599

वर्तमान में, आईगोट -कर्मयोगी प्लेटफ़ॉर्म पर जिला-स्तरीय अध्यन प्रदर्शन की निगरानी नहीं की जाती है।

कर्मयोगी भारत को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) द्वारा एक पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था (दोनों) के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इस मान्यता के अंतर्गत, आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म सार्वजनिक नीति, एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, सार्वजनिक शासन एवं प्रशासन में एनसीवीईटी द्वारा स्वीकृत प्रमाणपत्र प्रदान करता है।

आईगोट प्लेटफॉर्म पर तीनों नए आपराधिक कानूनों से संबंधित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों में 33 लाख से अधिक कर्मचारियों ने अपना नामांकन कराया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में 5.4 लाख से अधिक कर्मचारियों ने इन पाठ्यक्रमों में नामांकन कराया है।

कर्मयोगी मिशन के अंतर्गत, राज्य और जिला स्तर पर क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। उप-राज्य स्तर पर मिशन के कार्यान्वयन में सहयोग को सुगम बनाने के लिए 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

मिशन कर्मयोगी का संरचित, वस्तुनिष्ठ एवं आवधिक मूल्यांकन को सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट सचिवालय समन्वय इकाई (सीएससीयू) की स्थापना की गई है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सीएससीयू मिशन के समग्र कार्यान्वयन की निगरानी करता है और इस पर रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करता है।

सरकार ने मिशन कर्मयोगी के लिए एक निगरानी एवं मूल्यांकन संरचना भी स्थापित किया है। यह संरचना हितधारकों के प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) पर उनके प्रदर्शन की निगरानी एवं मूल्यांकन को सक्षम बनाता है, जिसमें डीओपीटी, एमडीओ, केबी-एसपीवी और सीबीसी को भूमिकाएं एवं जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

मिशन कर्मयोगी केंद्र एवं राज्य सरकारों में सरकारी कर्मचारियों की भूमिका-विशिष्ट क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित करता है, जिनमें राजस्थान और मध्य प्रदेश भी शामिल हैं।

यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी; पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायतें एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग तथा अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

पीके/केसी/एके


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