पर्यटन मंत्रालय
ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहन
प्रविष्टि तिथि:
09 MAR 2026 5:11PM by PIB Delhi
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि ग्रामीण पर्यटन सहित पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास एवं प्रचार-प्रसार संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न पहल के द्वारा भारत का समग्रता से प्रचार करता है। 'स्वदेश दर्शन', 'राष्ट्रीय तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रशाद)' और 'पर्यटन अवसंरचना विकास हेतु केंद्रीय एजेंसियों को सहायता' योजनाओं के तहत, पर्यटन मंत्रालय ग्रामीण पिछड़े/आदिवासी क्षेत्र सहित देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना और सुविधाएं विकसित करने के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। ग्रामीण सर्किट को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत विषयगत सर्किट के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
योजना के ग्रामीण सर्किट के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण अनुलग्नक में प्रस्तुत है। स्वदेश दर्शन योजना को स्वदेश दर्शन द्वितीय के रूप में नया रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य गंतव्य-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ संवहनीय और दायित्वपूर्ण पर्यटन गंतव्य विकसित करना है।
पर्यटन मंत्रालय ने सैलानियों के अनुभव को बेहतर बनाने और पर्यटन स्थलों को संवहनीय और दायित्वपूर्ण स्थलों में बदलने के लिए स्वदेश दर्शन द्वितीय योजना की उप योजना के रूप में 'चुनौती आधारित गंतव्य विकास' के दिशानिर्देश तैयार किए हैं।
पर्यटन मंत्रालय ने जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ाने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (पीएम-जुगा) के अंतर्गत 'आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे विकसित करने (स्वदेश दर्शन योजना की उप-योजना) के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों प्रशासनों द्वारा प्रस्ताव तैयार करने हेतु दिशा-निर्देश और प्रारूप जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे विकसित कर दायित्वपूर्ण पर्यटन को बढ़ावा देना और आदिवासी समुदायों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाना है। दिशा-निर्देशों में होमस्टे मालिकों के तकनीकी कौशल विकास और प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया है। इस पहल में एक हजार होमस्टे विकसित करने की योजना है। इसके तहत ग्राम समुदाय की आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक, प्रत्येक परिवार के लिए दो नए कमरों के निर्माण के लिए 5 लाख रुपये तक और प्रत्येक परिवार के मौजूदा कमरों के नवीनीकरण के लिए 3 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, बजट घोषणा 2025-26 में, सरकार ने होमस्टे के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) ऋण योजना में एक अलग श्रेणी शुरू की है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होमस्टे इस ऋण का लाभ उठाने के पात्र हैं। इससे संबंधित प्रचार अभियान के तहत, राज्य सरकारों और हितधारकों के लिए 11 सितम्बर, 2025 को नई दिल्ली में होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण पर एक कार्यशाला आयोजित की गई थी। 27 सितम्बर, 2025 को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सहयोग से होमस्टे के लिए मुद्रा ऋण पर एक पुस्तिका भी जारी की गई, जिसमें हितधारकों को जन समर्थ पोर्टल द्वारा होमस्टे इकाइयों के लिए मुद्रा ऋण प्राप्त करने से संबंधित चरण-दर-चरण मार्गदर्शन दिया गया है।
पर्यटन मंत्रालय ने 27 सितंबर 2024 को 'पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी' नामक एक राष्ट्रीय दायित्वपूर्ण पर्यटन पहल शुरू की है। इसके द्वारा महिलाओं और युवाओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे वे कौशल के उपयोग से गंतव्य क्षमता के आधार पर होमस्टे मालिक, भोजन और व्यंजन प्रदाता, सांस्कृतिक गाइड, प्राकृतिक गाइड, साहसिक गाइड और अन्य भूमिकाओं में लाभकारी रोजगार प्राप्त कर सकें।
पर्यटन मंत्रालय ने देश में ग्रामीण पर्यटन विकसित करने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति और भविष्य कार्य योजना भी तैयार की है, जिसे सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया है।
अनुलग्नक
देश में स्वदेश दर्शन योजना के ग्रामीण सर्किट के तहत स्वीकृत परियोजनाओं का विवरण:
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क्रमांक
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राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
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सर्किट/ स्वीकृति वर्ष
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परियोजना का नाम
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स्वीकृत राशि (करोड़ रुपये में)
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जारी की गई राशि
(करोड़ रुपये में)
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1.
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बिहार
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ग्रामीण सर्किट 2017-18
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भीतिहरवा-चंद्रहिया-तुर्कौलिया का विकास
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44.27
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40.31
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2.
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केरल
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ग्रामीण सर्किट 2018-19
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मलानाड मालाबार क्रूज पर्यटन परियोजना का विकास
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57.35
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45.88
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कुल
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101.62
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86.19
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पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2237139)
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