पंचायती राज मंत्रालय
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असम के ग्रामीण स्थानीय निकायों को पंद्रहवें वित्त आयोग से 299 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अनुदान के रूप में प्राप्त हुई

प्रविष्टि तिथि: 08 MAR 2026 6:17PM by PIB Delhi

केंद्र सरकार ने असम के पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 15वीं वित्त आयोग की अनुदान राशि जारी की है। इसमें वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना शर्त अनुदान की दूसरी किस्त, यानी 256.60 करोड़ रुपये शामिल हैं। यह धनराशि असम राज्य की सभी पात्र 27 जिला पंचायतों (डीपी), सभी पात्र 182 ब्लॉक पंचायतों (बीपी), सभी पात्र 2192 ग्राम पंचायतों (जीपी) और सभी पात्र 3 स्वायत्त जिला परिषदों (एडीसी) यानी बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी), कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) और दीमा हसाओ स्वायत्त परिषद (डीएचएसी) के लिए है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिना शर्त अनुदान की पहली किस्त के रोके गए 42.70 करोड़ रुपये भी अतिरिक्त पात्र 3 एडीसी (बीटीसी, केएएसी और डीएचएसी) को जारी कर दिए गए हैं।

भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों, के लिए राज्यों को पंद्रहवें वित्त आयोग के अनुदान को जारी करने की अनुशंसा करती है, जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है। आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। अप्रतिबंधित अनुदानों का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं/ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में निहित उनतीस विषयों के अंतर्गत स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए, अन्य स्थापना लागतों को छोड़कर किया जाएगा। वेतन प्रतिबंधित अनुदानों का उपयोग बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है जिनमें (क) स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त स्थिति को बनाए रखना, जिसमें घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपचार, विशेष रूप से मानव मल एवं मल कीचड़ प्रबंधन शामिल होना चाहिए; और (ख) पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल हैं।

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