युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में खेलो इंडिया और माय भारत के संयुक्त प्रयास से आयोजित होने वाली अनूठी राष्ट्रव्यापी अस्मिता लीग की घोषणा की
8 मार्च को, एसएआई और माय भारत के संयुक्त प्रयास से ये कार्यक्रम एक साथ 250 स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे, इनमें अंडर 13, 13-18 और 18+ आयु वर्ग के एथलीट भाग लेंगे
'इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप गांवों और छोटे कस्बों की लड़कियों को खेल करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है'
प्रविष्टि तिथि:
02 MAR 2026 5:28PM by PIB Delhi
खेल जगत में महिलाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल के तहत, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय के अस्मिता (सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है और इसका उद्देश्य देश भर में महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना तथा उन्हें खेलने के लिए बढ़ावा देना है) कार्यक्रम के अंतर्गत 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 250 स्थानों पर एक विशाल राष्ट्रव्यापी एथलेटिक्स लीग का आयोजन किया जाएगा। राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने आज यह घोषणा की।

श्रीमती खडसे ने दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन में कहा "देश भर की हमारी युवा महिलाओं को एकीकृत करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता और देश भर में लोकप्रियता हासिल कर रहे अस्मिता मंच का उपयोग करने से बेहतर साधन और क्या हो सकता है"।

अस्मिता, खेलो इंडिया के लैंगिक समानता के मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य लीग और प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं में खेलों को बढ़ावा देना है। भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) राष्ट्रीय खेल संघों को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न आयु वर्गों में खेलो इंडिया महिला लीग आयोजित करने में सहयोग करता है। 2021 में शुरू हुई अस्मिता लीग का उद्देश्य न केवल खेलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है, बल्कि देश भर में नई प्रतिभाओं की पहचान के लिए एक मंच के रूप में इनका उपयोग करना भी है।


अब तक देश भर के 550 से अधिक जिलों और 700 शहरों में 34 खेल विधाओं में 2600 से अधिक लीग आयोजित की जा चुकी हैं। विशेष बात यह है कि अस्मिता पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम जैसे दूर-दराज के इलाकों तक भी पहुंच चुकी है। यह उन क्षेत्रों में भी आयोजित की गई है जो कभी नक्सलवाद से ग्रस्त थे। 3 लाख से अधिक महिलाओं ने इसमें भाग लिया है।
श्रीमती खडसे ने बताया कि देशभर में 250 स्थानों पर एथलेटिक्स (100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर) की दौड़ की प्रतियोगिताएं होंगी और इनमें अंडर-13, 13-18 वर्ष और 18+ आयु वर्ग शामिल होंगे। प्रत्येक आयोजन स्थल पर पांच तकनीकी अधिकारी, 10 स्वयंसेवक, एक प्रतियोगिता प्रबंधक, एक पीसीए (पूर्व चैंपियन एथलीट) और जिला युवा अधिकारी तैनात रहेंगे। उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक ही दिन में रिकॉर्ड 2,50,000 महिलाएं भाग लेंगी।
यह पहल माय भारत, खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी), एसएआई इकोसिस्टम और एनसीओई, राज्य और जिला खेल संघों के साथ-साथ जिला युवा अधिकारियों (डीवाईओ) के सहयोग से कार्यान्वित की जाएगी।

श्रीमती खडसे ने कहा, “यह लीग पूर्वोत्तर राज्यों सहित 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य गांवों और छोटे कस्बों की अधिक से अधिक लड़कियों को खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जैसा कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परिकल्पना की है।”
भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की अपनी महत्वाकांक्षा को आगे बढ़ा रहा है। श्रीमती खडसे ने कहा, “हमें यह समझना होगा कि तैयारी जिला स्तर से शुरू होती है। ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए बुनियादी ढांचे से कहीं अधिक की आवश्यकता होती है। इसके लिए भारत के प्रत्येक जिले में प्रशिक्षित मानव संसाधन, प्रमाणित तकनीकी अधिकारी और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता की आवश्यकता होती है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की यह पहल इसी तैयारी का हिस्सा है।”

250 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होने वाले प्रत्येक एथलेटिक्स इवेंट में महिला तकनीकी अधिकारियों, विकासात्मक कार्यशालाओं और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के अनुरूप अंपायरिंग मानदंडों के बारे में जानकारी के साथ-साथ डिजिटल डेटा अपलोड और प्रतियोगिता दस्तावेज़ीकरण प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाएगा ताकि क्षमता निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।
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पीके/केसी/वीके/एसवी
(रिलीज़ आईडी: 2234640)
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