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इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026
सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय
प्रविष्टि तिथि:
16 FEB 2026 7:28PM by PIB Delhi
प्रमुख बिंदु
- एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए नई दिल्ली में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई नेतृत्वकर्ता एकत्र हुए।
- एआई इम्पैक्ट समिट तीन आधारभूत स्तंभों या ‘सूत्रों’— लोग, ग्रह और प्रगति— पर आधारित है।
- इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में 30 देशों के 300 से अधिक प्रदर्शकों के 10 से अधिक विषयगत मंडपों में भाग लेने की अपेक्षा है।
*The numbers are tentative and subject to revisions.
परिचय
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भारत की विकास यात्रा का एक प्रमुख सक्षम साधन है, जो सुशासन को सुदृढ़ करते हुए और सार्वजनिक सेवा वितरण को रूपांतरित करते हुए विकसित भारत@2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप कार्य कर रहा है। जिम्मेदार और समावेशी एआई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फ़रवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में इंडिया–एआई इम्पैक्ट प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन किया।

यह शिखर सम्मेलन, भारत द्वारा ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला वैश्विक एआई सम्मेलन है, जिसमें अभूतपूर्व भागीदारी देखी गई है—20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 वैश्विक एआई नेता इसमें शामिल हुए हैं। नीति-निर्माताओं, प्रौद्योगिकी कंपनियों, नवप्रवर्तकों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के नेताओं को एक मंच पर लाते हुए यह सम्मेलन इंडियाएआई मिशन और डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत वैश्विक एआई विचार-विमर्श को क्रियान्वयन योग्य विकास परिणामों में बदलने का लक्ष्य रखता है। 19 फ़रवरी को माननीय प्रधानमंत्री के उद्घाटन संबोधन देने का कार्यक्रम निर्धारित है, जो वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने और समावेशी, विश्वसनीय तथा विकास-उन्मुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भारत की दृष्टि को आगे बढ़ाने की दिशा निर्धारित करेगा।
भारत के लिए AI का महत्व
एआई एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभरा है, जिसमें भारत की आर्थिक वृद्धि को तेज़ करने, सुशासन को सुदृढ़ करने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की क्षमता है, जो ‘लोग, ग्रह और प्रगति’ के सिद्धांतों पर आधारित है। लोग (People) के लिए, एआई-सक्षम समाधान टेलीमेडिसिन और डायग्नोस्टिक्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच बढ़ाकर, अनुकूली शिक्षण के जरिए शिक्षा को वैयक्तिकृत बनाकर तथा धोखाधड़ी पहचान प्रणालियों से वित्तीय तंत्र को सुरक्षित बनाकर नागरिकों को सशक्त बना रहे हैं। ग्रह (Planet) के लिए, एआई फसल पूर्वानुमान, प्रिसिजन फार्मिंग और ड्रोन-आधारित निगरानी के माध्यम से कृषि में अधिक स्मार्ट और टिकाऊ पद्धतियों को संभव बना रहा है। प्रगति (Progress) के लिए, एआई न्यायालय के निर्णयों के भाषा अनुवाद के जरिए शासन को सुदृढ़ कर रहा है, सेवा वितरण में सुधार ला रहा है और खाद्य वितरण, गतिशीलता तथा वैयक्तिकृत डिजिटल सेवाओं जैसे अनुप्रयोगों के माध्यम से दैनिक कार्यक्षमता बढ़ा रहा है। यह ग्रामीण और शहरी दोनों भारत के लिए समावेशी और सुलभ प्रौद्योगिकी की दिशा में परिवर्तन को दर्शाता है।
- हेल्थकेयर में AI: एआई स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और परिणामों में सुधार कर रहा है, विशेषकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में। एआई-सक्षम दूरस्थ निदान और पोर्टेबल उपकरण उन स्थानों पर रोग पहचान में सहायता करते हैं जहाँ डॉक्टरों की कमी है, जबकि स्वचालित रक्त और मूत्र परीक्षण निदान और उपचार को तेज़ बनाते हैं। एआई-आधारित टेलीमेडिसिन, जिसमें चैटबॉट और लक्षण जाँच प्रणाली शामिल हैं, ग्रामीण मरीजों को डॉक्टरों से जोड़ती है, जिससे यात्रा और प्रतीक्षा समय कम होता है। एआई-आधारित मेडिकल इमेज विश्लेषण दूरदराज़ क्षेत्रों में टीबी, कैंसर और अन्य रोगों के तेज़ निदान को संभव बनाता है। पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण रोग प्रकोप की भविष्यवाणी में सहायता करता है, जबकि एआई-चालित दवा खोज और वैयक्तिकृत उपचार दीर्घकालिक रोगों के लिए लागत को कम करने और उपचार परिणामों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
- कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में AI: AI, प्रोडक्टिविटी और किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए स्मार्ट, डेटा-ड्रिवन खेती के तरीकों को मुमकिन बना रहा है। AI मौसम, कीड़ों के फैलने और सिंचाई की ज़रूरतों का अनुमान लगाता है, और मोबाइल सलाह के ज़रिए किसानों को गाइड करता है। AI से चलने वाले ड्रोन फसल की सेहत पर नज़र रखते हैं और बर्बादी कम करते हैं, जबकि सैटेलाइट इमेजरी और मौसम का डेटा फसल की भविष्यवाणी में मदद करते हैं। मार्केट प्राइस प्रेडिक्शन मॉडल किसानों को डिमांड और सप्लाई के ट्रेंड का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। मॉसम GPT जैसे टूल और किसान ई-मित्र जैसी पहल, क्षेत्रीय भाषाओं में रियल-टाइम, लोकल खेती की जानकारी देते हैं।
- शिक्षा और सीखने में AI: AI एजुकेशन को ज़्यादा पर्सनलाइज़्ड, सबको साथ लेकर चलने वाला और आसान बना रहा है। AI से चलने वाले प्लेटफ़ॉर्म, स्टूडेंट की हर ज़रूरत के हिसाब से लर्निंग कंटेंट को बदलते हैं, जिससे धीरे सीखने वाले और एडवांस्ड स्टूडेंट, दोनों को मदद मिलती है। AI से चलने वाला लैंग्वेज ट्रांसलेशन, कंटेंट को रीजनल भाषाओं में बदलकर भाषा की रुकावटों को दूर करता है। AI पर आधारित ट्यूटरिंग सिस्टम तुरंत फ़ीडबैक और 24/7 लर्निंग सपोर्ट देते हैं। DIKSHA जैसे प्लेटफ़ॉर्म अलग-अलग तरह के सीखने वाले ग्रुप को काम का और आसान एजुकेशनल कंटेंट देने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं।
4. फाइनेंस और कॉमर्स में AI: AI फाइनेंशियल सिक्योरिटी, इनक्लूजन और सर्विस एफिशिएंसी को मजबूत कर रहा है। AI-पावर्ड सिस्टम रियल टाइम में फ्रॉड का पता लगाते हैं और डिजिटल ट्रांजैक्शन को सिक्योर करते हैं। AI-बेस्ड क्रेडिट स्कोरिंग से बिना बैंक वाले और कम सुविधा वाले लोगों के लिए लोन तक पहुंच बढ़ती है। बैंकिंग चैटबॉट बैलेंस चेक और फंड ट्रांसफर जैसी रूटीन सर्विस के लिए 24/7 मदद देते हैं, जिससे इंतजार का समय कम होता है। AI-ड्रिवन पर्सनलाइजेशन से कस्टमाइज्ड फाइनेंशियल प्रोडक्ट और सलाह मिलती है।
- शासन एवं सार्वजनिक सेवाओं में AI: एआई सार्वजनिक सेवाओं की दक्षता, सुलभता और पारदर्शिता को बढ़ा रहा है। न्यायालय के निर्णयों का स्थानीय भाषाओं में एआई-सहायता से अनुवाद न्याय तक पहुँच को बेहतर बनाता है। एआई ट्रैफिक, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा प्रणालियों का अनुकूलन करके स्मार्ट सिटी प्रबंधन में सहयोग देता है। यह योजनाओं और आवेदनों के प्रसंस्करण समय को घटाकर सरकारी सेवा वितरण को सुव्यवस्थित करता है। न्यायपालिका में भी एआई केस प्रबंधन और कानूनी पहुँच को बेहतर बनाता है।
एआई के रणनीतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने एक सुदृढ़ और समावेशी एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को उच्च प्राथमिकता दी है। इंडिया AI मिशन जैसी पहलों, एआई कंप्यूट अवसंरचना के विकास, स्वदेशी एआई मॉडलों के प्रोत्साहन तथा बड़े पैमाने पर क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से देश में जिम्मेदार और विश्वसनीय एआई अपनाने की मजबूत नींव रखी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्देश्य वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करना, जिम्मेदार और नैतिक एआई को बढ़ावा देना तथा अर्थव्यवस्था के प्राथमिक क्षेत्रों में एआई के उपयोग को तेज़ करना है। यह शिखर सम्मेलन भारत को एआई नवाचार और क्रियान्वयन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में उत्प्रेरक भूमिका निभाने की अपेक्षा रखता है, जो डिजिटल रूप से सशक्त और प्रौद्योगिकी-संचालित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
बुनियादी स्तंभ: AI इम्पैक्ट के ग्लोबल सहयोग को आगे बढ़ाने वाले तीन सूत्र और सात चक्र
इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए इम्पैक्ट-ओरिएंटेड और पीपल-सेंट्रिक अप्रोच को आगे बढ़ाना है, जिसमें ऐसे सोशल और इकोनॉमिक नतीजे देने पर ज़ोर दिया जाएगा जिन्हें मापा जा सके। यह समिट तीन बुनियादी पिलर्स पर आधारित है, जिन्हें 'सूत्र' के नाम से जाना जाता है—यह एक संस्कृत शब्द है जिसका मतलब है गाइड करने वाले सिद्धांत या ज़रूरी धागे जो ज्ञान और एक्शन को एक साथ जोड़ते हैं। ये सूत्र बताते हैं कि AI का इस्तेमाल कैसे मल्टीलेटरल कोऑपरेशन के ज़रिए सामूहिक फायदे के लिए किया जा सकता है।

तीन बुनियादी सूत्रों के आधार पर, AI इम्पैक्ट समिट में बातचीत 7 चक्रों के आस-पास होती है। ये चक्र मल्टीलेटरल सहयोग के खास एरिया को दिखाते हैं जो मिलकर किए गए प्रयासों को समाज के लिए बेहतर और टिकाऊ नतीजों की ओर ले जाते हैं।

- मानव पूंजीः यह चक्र लक्षित कौशल-विकास के माध्यम से एक न्यायसंगत एआई पुनःकौशल (री-स्किलिंग) पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण पर केंद्रित है। भारत के लिए यह राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप एआई अर्थव्यवस्था हेतु कार्यबल की तैयारी को सुदृढ़ करता है।
- सामाजिक सशक्तिकरण हेतु समावेशनः यह चक्र साझा एआई समाधान और विस्तारयोग्य मॉडलों के माध्यम से समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इससे भारत में नागरिक-केंद्रित एआई समाधान उपलब्ध कराने और अंतिम छोर तक सेवाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलती है।
- सुरक्षित और विश्वसनीय AI: यह चक्र जिम्मेदार एआई के वैश्विक सिद्धांतों को व्यावहारिक और परस्पर-संचालित सुरक्षा तथा शासन ढाँचों में बदलने पर केंद्रित है। भारत के लिए यह घरेलू एआई शासन को मजबूत करता है, सार्वजनिक मंचों पर एआई के सुरक्षित उपयोग को समर्थन देता है और नवाचार को बढ़ावा देते हुए जनविश्वास स्थापित करता है।
- लचीलापन, नवाचार और दक्षता: यह चक्र बड़े पैमाने के एआई प्रणालियों से उत्पन्न पर्यावरणीय और संसाधन चुनौतियों का समाधान करने पर केंद्रित है, जो वैश्विक एआई विभाजन को बढ़ा सकती हैं। भारत के लिए यह टिकाऊ एआई अपनाने का समर्थन करता है, जिससे एआई विकास पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी और सामाजिक रूप से न्यायसंगत बना रहे।
- विज्ञान: यह चक्र बड़े पैमाने के एआई प्रणालियों से उत्पन्न पर्यावरणीय और संसाधन चुनौतियों का समाधान करने पर केंद्रित है, जो वैश्विक एआई विभाजन को बढ़ा सकती हैं। भारत के लिए यह टिकाऊ एआई अपनाने का समर्थन करता है, जिससे एआई विकास पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी और सामाजिक रूप से न्यायसंगत बना रहे।
- AI संसाधनों का लोकतंत्रीकरण: यह चक्र ऐसे वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र की कल्पना करता है जहाँ एआई विकास के मूलभूत साधनों तक सभी की समान और किफायती पहुँच हो। भारत के लिए यह स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और सार्वजनिक संस्थानों के लिए अवसर बढ़ाता है तथा वैश्विक एआई मूल्य शृंखलाओं में समान भागीदारी सुनिश्चित करता है।
- आर्थिक वृद्धि और सामाजिक कल्याण हेतु AI: यह चक्र एआई की क्षमता का उपयोग वास्तविक समावेशी विकास के लिए करने के तरीकों की पड़ताल करता है, साथ ही उच्च प्रभाव वाले उपयोग मामलों की पहचान और समर्थन करता है जो आर्थिक प्रगति और सामाजिक हित—दोनों के लिए एआई के आदर्श उदाहरण बन सकें।
साथ मिलकर ये सभी चक्र देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और हितधारकों के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करते हैं, जिससे वे अपनी एआई रणनीतियों को संरेखित कर सकें, साझा सीख को बढ़ावा दे सकें और ऐसे एआई समाधान लागू कर सकें जो सामूहिक लाभ को अधिकतम करते हुए साझा चुनौतियों का प्रभावी समाधान करें।
शिखर सम्मेलन में AI प्रभाव कार्यक्रम
इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्देश्यों को एआई इम्पैक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। ये कार्यक्रम भारतीय एआई पहलों, क्षेत्रीय उपयोग मामलों और संस्थागत ढाँचों को प्रस्तुत करने के लिए संरचित मंच प्रदान करते हैं, साथ ही प्रतिक्रिया, सहकर्मी-अधिगम और अंतरराष्ट्रीय तुलनात्मक मूल्यांकन को सक्षम बनाते हैं।
प्री-समिट कार्यक्रम
इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारी प्रक्रिया के अंतर्गत प्रारंभिक परामर्श और केंद्रित विषयगत चर्चाओं को सुगम बनाने के लिए प्री-समिट कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। भारत और विदेशों में आयोजित ये संवाद सरकारों, शैक्षणिक व शोध संस्थानों, उद्योग, स्टार्टअप और नागरिक समाज को एक मंच पर लाते हैं।
क्षेत्रीय एआई सम्मेलन
क्षेत्रीय एआई सम्मेलन राष्ट्रीय एआई प्राथमिकताओं को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के साथ संरेखित करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं। अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मप्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल और तेलंगना में राज्य सरकारों के सहयोग से आयोजित आठ सम्मेलनों में क्षेत्र-विशिष्ट एआई उपयोग मामलों, नीतिगत सुझावों और क्षमता अंतराल की पहचान की जाएगी। इन विचार-विमर्शों से समिट के एजेंडा और परिणामों को दिशा मिलेगी।
मुख्य समिट
मुख्य समिट का आयोजन समिट के सात चक्रों के अंतर्गत किया जा रहा है। इन सत्रों में उद्योग, शिक्षाविद और अंतरराष्ट्रीय भागीदार एकत्र होकर उपयोग मामलों की समीक्षा, नीतिगत अनुभवों का आदान-प्रदान और विकास-उन्मुख एआई तैनाती के व्यावहारिक तरीकों की पहचान कर रहे हैं। समिट के प्रति वैश्विक उत्साह का प्रमाण 700 से अधिक प्रस्तावों की प्राप्ति है।
एआई संकलन
एआई संकलन समिट का एक प्रमुख ज्ञान-उत्पाद है, जिसे 17 फ़रवरी 2026 को जारी किया जाएगा। इसमें प्राथमिकता क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वास्तविक अनुप्रयोगों का दस्तावेज़ीकरण करने वाली विषयगत केसबुक शामिल होंगी। यह प्रयोक्ताओं और हितधारकों के लिए संदर्भ संसाधन का कार्य करेगा तथा समिट के बाद भी जिम्मेदार और विकास-उन्मुख एआई समाधानों के निरंतर सहयोग और अपनाने को प्रोत्साहित करेगा।
फ्लैगशिप कार्यक्रम
समिट की प्रमुख विशेषताओं में तीन वैश्विक इम्पैक्ट चुनौतियाँ—AI for ALL, AI by HER और YUVAi—शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विस्तारयोग्य और विकास-उन्मुख एआई समाधानों की पहचान के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन चुनौतियों में 60 से अधिक देशों से 4,650 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो मजबूत वैश्विक भागीदारी और नवाचार रुचि को दर्शाते हैं। क्षेत्र विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और उद्योग नेताओं द्वारा बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद 70 फाइनलिस्ट को ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह में अपने समाधान प्रदर्शित करने के लिए चुना गया है।
- AI for ALL: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज का उद्देश्य बड़े पैमाने पर प्रभाव डालने वाली एआई समाधानों की पहचान करना है। इसे Startup India के साथ साझेदारी में, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय तथा डिजिटल इंडिया भाषानी प्रभाग द्वारा लागू किया जा रहा है। यह चुनौती छात्रों, कार्यरत पेशेवरों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को आमंत्रित करती है तथा शहरी अवसंरचना और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में व्यापक रूप से लागू किए जा सकने वाले एआई समाधानों पर केंद्रित है। चयनित समाधान समिट में प्रदर्शित किए जाएंगे और ₹2.50 करोड़ तक के पुरस्कार दिए जाएंगे।
- AI by HER: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज का उद्देश्य एआई में महिला-नेतृत्व वाले नवाचार को बढ़ावा देना है। इसे नीति आयोग के महिला उद्यमिता मंच के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह चुनौती महिला प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को बड़े पैमाने की वास्तविक सार्वजनिक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित करती है। चयनित समाधान समिट में प्रदर्शित होंगे और ₹2.50 करोड़ तक के पुरस्कार दिए जाएंगे।
- YUVAi: ग्लोबल यूथ चैलेंज का उद्देश्य युवा नवप्रवर्तकों को वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु एआई समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। 13–21 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए आयोजित यह चुनौती माईभारत और राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से संचालित की जा रही है। चयनित प्रतिभागियों को ₹85 लाख तक के पुरस्कार मिलेंगे।
- रिसर्च संगोष्ठी: एआई और उसके प्रभाव पर यह संगोष्ठी 18 फ़रवरी 2026 को भारत मंडमपम, नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है और यह समिट का प्रमुख शैक्षणिक मंच है, जिसमें IIIT हैदाराबाद ज्ञान साझेदार है। इसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका से लगभग 250 शोध-पत्र प्राप्त हुए हैं। संगोष्ठी में अलार करिस, अश्विनी वैष्णव और जितिन प्रसाद की उपस्थिति रहेगी। प्लेनरी सत्रों, अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों और पोस्टर प्रदर्शनों के माध्यम से यह मंच वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा एवं शासन ढाँचे, कंप्यूट अवसंरचना की समान पहुँच और ग्लोबल साउथ सहयोग पर विचार-विमर्श करेगा।
- इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026: इसका आयोजन MeitY द्वारा किया जा रहा है, जबकि भारतीय सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क इसके संरक्षक हैं। 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह एक्सपो सात विषयगत मंडपों के माध्यम से वैश्विक आगंतुकों की मेजबानी कर रहा है। यह व्यवसाय-केंद्रित मंच एआई के शोध और पायलट चरण से बड़े पैमाने के कार्यान्वयन तक के परिवर्तन को प्रदर्शित करता है तथा नवप्रवर्तकों और निवेशकों को वैश्विक व क्षेत्रीय चुनौतियों के समाधान हेतु जोड़ता है।
- इंडिया एआई टिंकरप्रेन्योर: यह एक राष्ट्रीय स्तर का समर बूटकैंप है, जो कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों में एआई और उद्यमिता कौशल विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को एआई उपकरणों का व्यावहारिक अनुभव देता है और उन्हें सामाजिक प्रभाव वाले एआई उत्पाद व समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। संरचित ऑनलाइन सत्रों, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आइडिया से क्रियान्वयन तक सहयोग के माध्यम से यह पहल प्रारंभिक स्तर पर नवाचार, समस्या-समाधान और उद्यमशील सोच को प्रोत्साहित करती है।
ये खास चुनौतियाँ और नॉलेज प्लेटफॉर्म मिलकर समिट के बातचीत से डिलीवरी की ओर बदलाव को दिखाते हैं, जिससे स्केलेबल और इनक्लूसिव AI इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है। स्टार्टअप्स, महिला टेक्नोलॉजिस्ट, युवा इनोवेटर्स, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री लीडर्स को जोड़कर, यह समिट ज़िम्मेदार और डेवलपमेंट पर ध्यान देने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक ग्लोबल हब के तौर पर भारत की स्थिति को मज़बूत करता है।
इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट में इवेंट्स का एजेंडा और खास लोग शामिल होंगे
इंडिया इनोवेशन फेस्टिवल से शुरू होकर, यह प्रोग्राम पॉलिसी पैनल, नॉलेज लॉन्च, रिसर्च और इंडस्ट्री सेशन के ज़रिए रफ़्तार पकड़ता है, और लीडर-लेवल एंगेजमेंट और ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन AI (GPAI) काउंसिल मीटिंग में खत्म होता है।
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तारीख
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कार्यक्रम
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स्थान
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16–20 फरवरी 2026
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AI इम्पैक्ट एक्सपो
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भारत मंडपम, नई दिल्ली
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कीनोट्स, पैनल डिस्कशन, राउंडटेबल्स
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भारत मंडपम/ सुषमा स्वराज भवन/ अंबेडकर भवन, नई दिल्ली
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16 फरवरी 2026
17 फरवरी 2026
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हेल्थ, एनर्जी, एजुकेशन, एग्रीकल्चर, जेंडर एम्पावरमेंट, एक्सेसिबिलिटी में AI पर नॉलेज कलेक्शन रिलीज़
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भारत मंडपम, नई दिल्ली
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एप्लाइड AI पर सेमिनार
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AI by HER: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज
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सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली
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कीनोट्स, पैनल डिस्कशन, राउंडटेबल्स
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भारत मंडपम/ सुषमा स्वराज भवन/ अंबेडकर भवन, नई दिल्ली
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18 फरवरी 2026
16–20 फरवरी 2026
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रिसर्च सिंपोजियम
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भारत मंडपम, नई दिल्ली
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इंडस्ट्री सेशन
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AI by HER: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज
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सुषमा स्वराज भवन, नई दिल्ली
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कीनोट्स, पैनल डिस्कशन, राउंडटेबल्स
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भारत मंडपम/ सुषमा स्वराज भवन/ अंबेडकर भवन, नई दिल्ली
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समिट डिनर
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कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली
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16 फरवरी 2026
17 फरवरी 2026
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ओपनिंग सेरेमनी
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भारत मंडपम, नई दिल्ली
भारत मंडपम/ सुषमा स्वराज भवन/ अंबेडकर भवन, नई दिल्ली
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लीडर्स प्लेनरी
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CEO राउंडटेबल
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कीनोट्स / पैनल डिस्कशन/ राउंडटेबल्स
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भारत मंडपम, नई दिल्ली
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20 फरवरी 2026
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GPAI काउंसिल मीटिंग
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भारत मंडपम/ सुषमा स्वराज भवन/ अंबेडकर भवन, नई दिल्ली
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कीनोट्स/ पैनल डिस्कशन/ राउंडटेबल्स
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भारत मंडपम, नई दिल्ली
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*(Agenda as on 16 Feb, 2026)- The agenda is tentative and subject to revisions.
*The list of notable attendees is tentative and subject to revisions.
समिट में शामिल मुख्य इंस्टीट्यूशनल फ्रेमवर्क
इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 को पॉलिसी बनाने, प्रोग्राम लागू करने, इकोसिस्टम डेवलपमेंट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज़िम्मेदार मुख्य सरकारी संस्थानों का सपोर्ट है। उनके शामिल होने से एडमिनिस्ट्रेटिव लीडरशिप, टेक्निकल सपोर्ट और इंस्टीट्यूशनल कंटिन्यूटी मिलती है, जिससे यह पक्का होता है कि समिट मौजूदा नेशनल पहलों पर आधारित हो और बातचीत को एक्शनेबल नतीजों में बदलने में सक्षम हो।
• इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY): MeitY भारत में एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के लिए समग्र नीतिगत दिशा प्रदान करता है। यह मंत्रालय कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल शासन और विश्वसनीय तकनीक अपनाने से संबंधित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप समिट का संचालन करता है। इसकी भूमिका मंत्रालयों के बीच समन्वय, राज्य सरकारों के साथ तालमेल तथा समिट के परिणामों को चल रहे राष्ट्रीय कार्यक्रमों और नियामकीय ढाँचों से जोड़ना सुनिश्चित करती है।
• इंडियाAI मिशन: इंडिया एआई मिशन भारत में एआई विकास को समर्थन देने वाला प्रमुख मिशन है। यह समिट के मुख्य विषयों—जैसे एआई कंप्यूट अवसंरचना, डाटासेट, स्वदेशी एआई मॉडल, कौशल विकास और स्टार्टअप समर्थन—को आकार देता है तथा सुरक्षित, जिम्मेदार और समावेशी एआई उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है।
• सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई): एसटीपीआई समिट में स्टार्टअप, एमएसएमई और नवप्रवर्तकों की भागीदारी तथा नवाचार को समर्थन देता है। यह इनक्यूबेशन सुविधाएँ, तकनीकी अवसंरचना और उद्योग से जुड़ाव उपलब्ध कराता है। देशभर में इसके केंद्रों का नेटवर्क क्षेत्रीय भागीदारी बढ़ाने और एआई-आधारित उद्यमों के विकास में सहायता करता है, साथ ही एआई नवप्रवर्तकों को उद्योग, वैश्विक बाज़ार और निर्यात अवसरों से जोड़कर भारत की वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में स्थिति मजबूत करता है।
• डिजिटल इंडिया पहल: डिजिटल इंडिया भारत में बड़े पैमाने पर एआई अपनाने के लिए आधारभूत ढाँचा प्रदान करती है। डिजिटल सार्वजनिक प्लेटफॉर्म, समावेशन और नागरिक-केंद्रित शासन पर इसका जोर समिट की विषयवस्तु में परिलक्षित होता है। यह सुनिश्चित करता है कि समिट में प्रदर्शित एआई समाधान राष्ट्रीय स्तर पर सेवा वितरण, सुलभता, पारदर्शिता और जनविश्वास के अनुरूप हों।
समिट के अपेक्षित परिणाम

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप लक्षित और परिणामोन्मुख उपलब्धियाँ मिलने की अपेक्षा है। यह समिट सरकार और उद्योग में प्रभावी क्रियान्वयन को समर्थन देने के लिए एआई के व्यावहारिक उपयोग, नीतिगत सामंजस्य और संस्थागत समन्वय पर जोर दे रहा है। यह शासन और नियामकीय ढाँचों को सुदृढ़ करने, एआई-आधारित औद्योगिक विकास के लिए क्षेत्रीय तैयारी का आकलन करने तथा कौशल विकास और कार्यबल परिवर्तन को बढ़ावा देने में सहायक है। समिट एआई अनुप्रयोगों के प्रति जागरूकता और समझ का विस्तार करने के साथ-साथ सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स और उद्योग के बीच सतत साझेदारी को प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि एआई पारिस्थितिकी तंत्र का जिम्मेदार और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
निष्कर्ष
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप लक्षित और परिणामोन्मुख उपलब्धियाँ प्रदान कर रहा है। यह समिट सरकार और उद्योग में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एआई के व्यावहारिक उपयोग, नीतिगत सामंजस्य और संस्थागत समन्वय को आगे बढ़ा रहा है। यह शासन और नियामकीय ढाँचों को सुदृढ़ कर रहा है, एआई-आधारित औद्योगिक विकास के लिए क्षेत्रीय तैयारी का आकलन कर रहा है तथा कौशल विकास और कार्यबल परिवर्तन को गति दे रहा है। समिट एआई अनुप्रयोगों के प्रति जागरूकता का विस्तार करने और सरकार, शिक्षाविदों, स्टार्टअप्स तथा उद्योग के बीच सतत साझेदारी को प्रोत्साहित करने का भी कार्य कर रहा है, ताकि एआई पारिस्थितिकी तंत्र का जिम्मेदार, समावेशी और नवाचार-प्रेरित विकास सुनिश्चित हो सके।
संदर्भ
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पीके/केसी/वीएस
(रिलीज़ आईडी: 2229110)
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