इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में जन कल्याण और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के लिए महिला-नेतृत्व वाली एआई का प्रदर्शन
'एआई बाय हर ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' जिम्मेदार एआई इकोसिस्टम को आकार देने वाली महिला नवोन्मेषकों को आगे बढ़ाता है
समावेशी, विस्तार योग्य और इम्पैक्ट-फर्स्ट एआई समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए महिला-नेतृत्व वाले दस स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया
प्रविष्टि तिथि:
16 FEB 2026 8:47PM by PIB Delhi
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के एक प्रमुख कार्यक्रम 'एआई बाय हर ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' के तहत महिला नवोन्मेषकों,संस्थापकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और इकोसिस्टम में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महिलाओं को पूर्ण-दिवसीय चर्चा तथा इम्पैक्ट-फर्स्ट, समावेशी और जिम्मेदार एआई बनाने पर केंद्रित स्टार्टअप्स की प्रस्तुतियों के लिए एकत्रित किया गया। इस चैलेंज ने इस बात को रेखांकित किया कि महिला-नेतृत्व वाला नवाचार - स्कूल-स्तर की समस्या के समाधान और डीप-टेक अनुसंधान से लेकर स्वास्थ्य, स्थिरता, सुरक्षा और सार्वजनिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में विस्तार योग्य स्टार्टअप्स तक- किस प्रकार भारत की एआई दिशा को आकार दे रहा है ।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत विषयगत पैनल चर्चाएँ, रैपिड स्टार्टअप स्पॉटलाइट प्रस्तुतियाँ और विशेषज्ञों के नेतृत्व में संवाद सत्र शामिल रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से यह प्रदर्शित किया कि सहानुभूति, विश्वास और दीर्घकालिक विजन पर आधारित एआई नवाचार किस प्रकार ठोस और स्पष्ट सामाजिक परिणामों में परिवर्तित हो सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत हर फर्स्ट एल्गोरिद्म: इंडियाज़ नेक्स्ट ब्रेकथ्रू शीर्षक वाली पैनल चर्चा से हुई। इस सत्र में इस बात पर विचार किया गया कि किस प्रकार नवाचार की शुरुआत अक्सर सहानुभूति, जिज्ञासा और व्यक्तिगत अनुभवों से होती है। इस सत्र का संचालन सुश्री दीपाली उपाध्याय, प्रोग्राम लीड, अटल नवाचार मिशन ने किया। पैनल में नागार्जुन मॉडल स्कूल (आंध्र प्रदेश), डेल पब्लिक स्कूल (ग्रेटर फरीदाबाद) और आदर्श पब्लिक स्कूल (दिल्ली) की युवा महिला नवोन्मेषकों ने भाग लिया। उन्होंने कारीगरों की आजीविका, अनाज भंडारण की अक्षमताओं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य स्थितियों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु विकसित किए गए एआई समाधान प्रस्तुत किए। चर्चा में स्कूलों, उच्च शिक्षा संस्थानों और स्टार्टअप्स में नवाचार को संस्थागत रूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देने में अटल नवाचार मिशन जैसी राष्ट्रीय पहलों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
फ्रॉम लैब टू लाइव्स: टर्निंग इनोवेशन इंटू इम्पैक्ट विषय पर आयोजित पैनल चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि शोध-आधारित नवाचार को स्वास्थ्य, कृषि और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में किस प्रकार विस्तार योग्य और लागू किए जा सकने वाले समाधानों में बदला जा सकता है। इस सत्र का संचालन सुश्री मेघना बल, निदेशक, एस्या सेंटर ने किया। पैनल में डॉ. अनुराग अग्रवाल, डीन, बायोसाइंसेज़ एंड हेल्थ रिसर्च, अशोक यूनिवर्सिटी; श्री हेमेन्द्र माथुर, वेंचर पार्टनर एवं सह-संस्थापक, भारत इनोवेशन फंड और थिंकएज; तथा श्री रविन्द्र मिश्रा, चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर, ओपीएल इनोवेट शामिल थे। चर्चा में विश्वास, क्षेत्र-विशिष्ट डिज़ाइन, जिम्मेदार डेटा उपयोग करने और प्रयोग से स्थायी प्रभाव की ओर बढ़ने के लिए भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया गया।
रीराइटिंग द स्टार्टअप प्लेबुक: नॉट डेस्पाइट. बिकॉज़ ऑफ हर सत्र में इस बात पर चर्चा की गई कि महिला संस्थापक स्पष्टता, तैयारी और दीर्घकालिक दृढ़ता को अपनाकर किस प्रकार मजबूत और विस्तार योग्य व्यवसाय खड़े कर रही हैं। इस पैनल का संचालन श्री राहुल मट्ठन, पार्टनर, ट्रिलिगल ने किया। इस पैनल में सुश्री कनिका टेकरीवाल, संस्थापक एवं सीईओ, जेटसेटगो एविएशन सर्विसेज; सुश्री रुचा नानावटी, चीफ ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज़, फार्म इक्विपमेंट बिजनेस, महिंद्रा एंड महिंद्रा; तथा सुश्री सरिता अहलावत, प्रबंध निदेशक एवं सह-संस्थापक, बोटलैब डायनेमिक्स शामिल थीं। चर्चा में इस बात को रेखांकित किया गया कि अनुशासित क्रियान्वयन, मजबूत नेटवर्क और निरंतर प्रयास महिला संस्थापकों को बदलती समस्याओं को समझने और जटिल उद्योगों में आगे बढ़ने में सक्षम बना रहे हैं।
बिल्डिंग थिंग्स टू ट्रांसफॉर्म: ब्रेकिंग द मोल्ड सत्र में इस बात पर विचार किया गया कि संस्थापक किस प्रकार क्रमिक नवाचार से आगे बढ़कर अवसंरचना-स्तर के एआई समाधान विकसित कर सकते हैं, जो प्रणालीगत कमियों को दूर करें। इस पैनल का संचालन सुश्री देबजानी घोष, विशिष्ट फेलो, नीति आयोग एवं चीफ आर्किटेक्ट, फ्रंटियर टेक हब इनिशिएटिव ने किया। पैनल में डॉ. सुनीता महेश्वरी, चीफ ड्रीमर, द टेलरैड ग्रुप; श्री विदुर महाजन, संस्थापक एवं सीईओ, कार्पल.एआई तथा डॉ. नागेन्द्र नागराजा, सीईओ, संस्थापक एवं बोर्ड के चेयरमैन, क्यूपीआईएआई इंडिया प्रा. लि. शामिल थे। इस सत्र में चर्चा दीर्घकालिक प्रतिबद्धता, इकोसिस्टम में सहयोग, और जटिल तकनीकों को विस्तार योग्य तथा सतत व्यावसायिक मॉडलों में रूपांतरित करने की आवश्यकता पर केंद्रित रही।
दिन भर के कार्यक्रम के दौरान बीच-बीच में स्टार्टअप स्पॉटलाइट सत्र आयोजित किए गए, जिनमें महिला नेतृत्व वाले चुनिंदा एआई उद्यमों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने कार्यों पर आधारित संक्षिप्त 10-मिनट की प्रस्तुतियाँ दीं, जो निम्नलिखित हैं :
· स्पॉटलाइट 1 – कॉगनिट्टी: एक एआई प्लेटफ़ॉर्म जो प्रौद्योगिकी-सक्षम, उपयोगकर्ता-केंद्रित शिक्षण समाधानों के माध्यम से विशेष आवश्यकताओं वाली शिक्षा तक पहुँच का विस्तार कर रहा है।
· स्पॉटलाइट 2 – सेलवर्स प्रा. लि.: एआई-मान्य 3डी बायोप्रिंटेड रोग मॉडल विकसित करने वाली कंपनी, जो औषधीय और कॉस्मेटिक अनुसंधान के लिए पशु-मुक्त परीक्षण को संभव बनाती है।
· स्पॉटलाइट 3 – बेट्टरलैब: एक एआई-संचालित उत्पाद विकास प्लेटफ़ॉर्म, जो अनुसंधान एवं विकास प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करते हुए नवाचार चक्रों को तेज़ करता है।
· स्पॉटलाइट 4 – सिक्योर ब्लिंक (नारी रक्षा.एआई): एक एआई-संचालित अनुप्रयोग और एपीआई सुरक्षा प्लेटफ़ॉर्म, जो निरंतर भेद्यता पहचान और त्वरित सुधार को सक्षम बनाता है।
· स्पॉटलाइट 5 – क्रैटिक एआई: एक बहुभाषी एआई सहकर्मी, जिसे सुरक्षा, निष्पादन बुद्धिमत्ता और परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाने हेतु फैक्ट्री फ्लोर के लिए डिज़ाइन किया गया है।
· स्पॉटलाइट 6 – बैएरु: एक एआई-फर्स्ट वेस्ट इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म, जो वॉयस-फर्स्ट डेटा कैप्चर के माध्यम से समुद्री प्लास्टिक की रीयल-टाइम और ट्रेस करने योग्य पुनर्प्राप्ति को सक्षम बनाता है।
· स्पॉटलाइट 7 – अर्घ्यम: महिला-नेतृत्व वाला प्रतिष्ठान, जो एआई और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का उपयोग करके जल प्रशासन और सेवा प्रदायगी को सुदृढ़ करता है।
· स्पॉटलाइट 8 – ट्रुप्रेन्योरस.एआई : के-12 उद्यमिता के लिए दुनिया का पहला एआई प्लेटफ़ॉर्म, जो छात्रों को सृजन और वास्तविक दुनिया की समस्या समाधान के माध्यम से सीखने का अवसर प्रदान करता है।
· स्पॉटलाइट 9 – साइकेडेलिक : एआई-सक्षम हेडफ़ोन, जो बुद्धिमान और इमर्सिव ध्वनि अनुभव के माध्यम से व्यक्तिगत ऑडियो को नया रूप देते हैं।
· स्पॉटलाइट 10 – एक्वाएयरएक्स : एआई-संचालित स्वायत्त प्रणाली, जो जटिल वातावरणों में वास्तविक समय में निर्णय लेने के लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का एकीकृत उपयोग करती है।
· स्पॉटलाइट 11 – रोशनीएआई: एक वॉयस-फर्स्ट एआई लर्निंग साथी, जो भरोसेमंद महिला-नेतृत्व वाले नेटवर्क के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में व्यक्तिगत शिक्षा प्रदान करता है।
· स्पॉटलाइट 12 – क्लिप्रेएआ: एआई-नेतृत्व वाला एक क्लाइमेट इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म है, जो जलवायु और मौसम जोखिम प्रबंधन को डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के रूप में प्रस्तावित करता है। इसका विजन हाइब्रिड पूर्वानुमान, प्रभाव-डिटेक्शन एआई और वास्तविक समय निर्णय लेने में सहायता को एकीकृत करके नेशनल क्लाइमेट इंटेलिजेंस सिस्टम का निर्माण करना है, ताकि ऊर्जा, कृषि और शहरी प्रणालियों में सक्रिय लचीलापन सक्षम किया जा सके।
दिन का समापन फ्रॉम एक्सेस टू एक्सेलेरेशन: हाउ डब्ल्यूईपी सपोर्ट्स विमेन फाउंडर्स सत्र के साथ हुआ। इस सत्र में सुश्री अन्ना रॉय, मिशन डायरेक्टर, वुमेन एंट्रप्रेन्योरशिप प्लेटफ़ॉर्म (डब्ल्यूईपी) और प्रोग्राम डायरेक्टर, नीति आयोग ने भाग लिया। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए प्रेरणा से लेकर व्यवसाय के विस्तार तक सभी चरणों में सहायता देने वाले एक सक्षम इकोसिस्टम तैयार करने में डब्ल्यूईपी की भूमिका को रेखांकित किया। सुश्री अन्ना रॉय ने कहा, “डब्ल्यूईपी में हमारा विजन—शक्ति—है, जहाँ हम व्यवहार में बदलाव को सक्षम बनाते हैं, सही समय पर सही जानकारी तक पहुँच प्रदान करते हैं, और प्रेरणा से लेकर व्यवसाय के विस्तार तक महिला उद्यमियों की सहायता करते हैं।” इसके अलावा, उन्होंने महिला-नेतृत्व वाले 150 चयनित एआई स्टार्टअप्स के लिए एक समर्पित क्षमता निर्माण कार्यक्रम की भी घोषणा की, जिसमें उद्यमिता में सफलता के लिए सभी स्तंभों में समग्र सहायता की आवश्यकता पर बल देते हुए व्यवस्थित मेंटरशिप और इकोसिस्टम के साझेदारों के साथ नेटवर्किंग समर्थन शामिल होगा।
उन्होंने शीर्ष 10 विजेताओं: एबल क्रेडिट, एसो एआई, पावर लाइफलाइन, वेरीफाई टेक्नोलॉजीज़, प्रोजेक्ट ड्राइव्स, प्रोसीगो लैंग्वेज, वीडियोज़ एचआर, दैट क्रिएटिंग, वॉटर अल्ट्रा एआर, और ज़िको एआर, की घोषणा करते हुए सभी मूल्यांकन चरणों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए दिन का समापन किया।
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पीके/केसी/आरके
(रिलीज़ आईडी: 2228949)
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