पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण(एनबीए) ने वित्त वर्ष 2025–26 में राज्य जैव-विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव-विविधता परिषदों को ₹6.09 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की

प्रविष्टि तिथि: 11 FEB 2026 6:12PM by PIB Delhi

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण(एनबीए) ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर राज्य जैव विविधता बोर्डों(एसबीबी) तथा केंद्र शासित प्रदेश जैव-विविधता परिषदों(यूटीबीसी) को ₹6.09 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की। यह पहल भारत की विकेंद्रीकृत जैव-विविधता शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह वित्तीय सहायता अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य एवं स्थानीय निकाय स्तर पर आवश्यक प्रमुख संस्थागत और कार्यक्रमगत घटकों को समर्थन प्रदान करती है। इसमें केवल जैव-विविधता प्रबंधन समितियों के गठन से आगे बढ़ते हुए उनकी कार्यात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने, जन जैव विविधता रजिस्टर(पीबीआर) की गुणवत्ता में सुधार करने तथा पहुंच और लाभ साझाकरण(एबीएस) के कार्यान्वयन को मजबूत करने पर रणनीतिक रूप से विशेष जोर दिया गया है। यह सहायता वैधानिक संस्थाओं को सशक्त बनाने, जैव विविधता दस्तावेज़ीकरण की गुणवत्ता में सुधार करने तथा जमीनी स्तर पर पहुंच और लाभ साझाकरण(एबीएस) तंत्र के कार्यान्वयन को तेजी से करने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।

यह सहायता जैविक विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 के अंतर्गत प्रदान की जा रही है, जो जैविक संसाधनों के संरक्षण, उनके सतत उपयोग तथा उनसे उत्पन्न लाभों के न्यायसंगत और समान वितरण को अनिवार्य करता है।

अधिनियम की धारा 41 के अंतर्गत स्थानीय निकायों द्वारा गठित जैव-विविधता प्रबंधन समितियां (बीएमसी) भारत की समुदाय-आधारित जैव-विविधता शासन प्रणाली की आधारशिला है। ये समितियां जन जैव विविधता रजिस्टर(पीबीआर) के निर्माण एवं संधारण के लिए उत्तरदायी होती हैं, जो स्थानीय जैविक संसाधनों और उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान का व्यापक अभिलेख होते हैं। निर्धारित समय-सीमा के भीतर बड़ी संख्या में पीबीआर के तैयार हो जाने के उपरांत, सहायता के वर्तमान चरण में निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान दिया गया है:

  • पीबीआर की गुणवत्ता में सुधार
  • बीएमसी का सुदृढ़ीकरण एवं कार्यात्मक सशक्तिकरण
  • क्षमता निर्माण एवं जागरूकता बढ़ाना
  • विषयगत विशेषज्ञ समितियों के माध्यम से तकनीकी मार्गदर्शन
  • सहकर्मी अधिगम भ्रमणों के माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान
  • वेबसाइट विकास के माध्यम से डिजिटल मजबूती

राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण(एनबीए) द्वारा विभिन्न राज्य जैव-विविधता बोर्डों(एसबीबी) एवं केंद्र शासित प्रदेश जैव-विविधता परिषदों (यूटीबीसी) को राज्य-वार जारी की गई वित्तीय सहायता:

क्र.सं.

एसबीबी/यूटीबीसी

सामान्य मद से अनुदान

एनबीएफ–प्रशासन से अनुदान

  कुल

1.

Andhra Pradesh

₹ 9,50,000

-

₹ 9,50,000

2.

Arunachal Pradesh

₹ 12,89,100

₹ 7,50,000

₹ 20,39,100

3.

Assam

₹ 10,00,000

-

₹ 10,00,000

4.

Bihar

₹ 11,45,000

-

₹ 11,45,000

5.

Chandigarh

₹ 1,88,000

-

₹ 1,88,000

6.

Chattisgarh

₹ 3,50,000

-

₹ 3,50,000

7.

Delhi

-

₹ 5,00,000

₹ 5,00,000

8.

Goa

₹ 12,00,000

₹ 7,50,000

₹ 19,50,000

9.

Gujarat

₹ 13,50,000

₹ 2,12,400

₹ 15,62,400

10.

Haryana

₹ 28,64,387

₹ 14,50,000

₹ 43,14,387

11.

Himachal Pradesh

₹ 12,33,611

-

₹ 12,33,611

12.

Jammu & Kashmir

₹ 27,26,079

₹ 3,19,640

₹ 30,45,719

13.

Jharkhand

₹ 73,06,023

-

₹ 73,06,023

14.

Karnataka

₹ 10,16,262

₹ 6,83,738

₹ 17,00,000

15.

Kerala

₹ 10,45,676

₹ 6,00,000

₹ 16,45,676

16.

Ladakh

₹ 5,35,000

-

₹ 5,35,000

17.

Lakshadweep

₹ 2,84,750

-

₹ 2,84,750

18.

Madhya Pradesh

₹ 30,64,536

₹ 6,62,746

₹ 37,27,282

19.

Maharashtra

₹ 9,50,000

₹ 2,00,000

₹ 11,50,000

20.

Manipur

₹ 9,60,400

-

₹ 9,60,400

21.

Meghalaya

₹ 9,50,000

₹ 7,49,600

₹ 16,99,600

22.

Mizoram

₹ 6,50,000

-

₹ 6,50,000

23.

Nagaland

₹ 21,76,515

₹ 7,49,600

₹ 29,26,115

24.

Odisha

₹ 9,50,000

-

₹ 9,50,000

25.

Puducherry

₹ 8,49,028

-

₹ 8,49,028

26.

Punjab

₹ 5,81,481

-

₹ 5,81,481

27.

Rajasthan

₹ 50,96,923

₹ 2,05,000

₹ 53,01,923

28.

Sikkim

₹ 10,14,036

₹ 7,45,924

₹ 17,59,960

29.

Tamil Nadu

₹ 19,80,401

-

₹ 19,80,401

30.

Telangana

₹ 10,05,000

₹ 7,50,000

₹ 17,55,000

31.

Tripura

₹ 15,77,886

-

₹ 15,77,886

32.

Uttar Pradesh

₹ 14,00,000

₹ 6,50,000

₹ 20,50,000

33.

Uttarakhand

₹ 11,56,166

₹ 5,93,834

₹ 17,50,000

34.

West Bengal

₹ 5,27,796

₹ 10,00,204

₹ 15,28,000

 

कुल

₹ 4,93,74,056

₹ 1,16,22,686

₹ 6,09,96,742

*नीचे दी गई तालिका में दर्शाए गए आवंटन, प्राप्त प्रस्तावों, प्राथमिक आवश्यकताओं तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण(एनबीए) के दिशा-निर्देशों के अनुपालन के अनुसार भिन्न-भिन्न हैं।

देश ने 2,76,653 जैव-विविधता प्रबंधन समितियों के गठन तथा 2,72,648 जन जैव विविधता रजिस्टर के निर्माण के साथ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह विश्व स्तर पर सहभागी जैव-विविधता दस्तावेज़ीकरण के सबसे बड़े प्रयासों में से एक है।

 

एनबीए द्वारा विभिन्न एसबीबी एवं यूटीबीसी को घटक-वार जारी की गई वित्तीय सहायता:  

जीआईए घटक

धनराशि जारी

बीएमसी का गठन – बीज निधि

₹ 32,61,023

बीएमसी के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम

₹ 18,79,244

वेबसाइट का विकास/पुनर्गठन एवं पुनः मान्यकरण

₹ ,18,630

जागरूकता कार्यक्रम – प्रदर्शनी

₹ 24,21,954

एसबीबी/यूटीबीसी पर विशेषज्ञ समिति

₹ 7,34,300

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस

₹ 1,26,12,539

आउटसोर्सिंग स्टाफ

₹ 2,72,25,322

पीयर-टू-पीयर (समकक्ष से समकक्ष) अधिगम

₹ 14,41,553

पीबीआर की तैयारी एवं अद्यतन

₹ 81,19,431

बीएमसी का सुदृढ़ीकरण

₹ 27,12,746

विषयगत विशेषज्ञ समिति

₹ 2,20,000

रणनीतिक एवं कार्य योजना का अद्यतन

₹ 2,50,000

कुल योग

₹ 6,09,96,742

 

स्थानीय स्तर पर संस्थाओं को सशक्त बनाकर तथा संरक्षण को सामुदायिक कल्याण से जोड़ते हुए, राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण(एनबीए) जैव-विविधता शासन के एक समावेशी और सहभागी मॉडल को लगातार आगे बढ़ा रहा है, जिसमें पारिस्थितिक सततता और आजीविका सुरक्षा साथ-साथ सुनिश्चित की जाती है।

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पीके/केसी/पीकेपी/


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