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जल शक्ति मंत्रालय
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) - चरण II
प्रविष्टि तिथि:
12 FEB 2026 3:40PM by PIB Delhi
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) [एसबीएम(जी)] का द्वितीय चरण 2020-21 से 2026-27 की अवधि के दौरान कार्यान्वित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति को बनाए रखना और सभी गांवों को ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं से सुसज्जित करना है, साथ ही दृश्य स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना है, यानी गांवों को ओडीएफ से ओडीएफ प्लस (आदर्श) गांवों में परिवर्तित करना है। एसबीएम(जी) के द्वितीय चरण के अंतर्गत, 10-2-2026 तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा एसबीएम(जी) के एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएमआईएस) पर दी गई जानकारी के अनुसार, ओडीएफ प्लस (आदर्श) घोषित गांवों की संख्या, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एलडब्ल्यूएम) व्यवस्थाओं से सुसज्जित गांवों की संख्या अनुलग्नक-1 में दी गई है।
स्वच्छता राज्य का विषय है। एसबीएम (जी) चरण II का उद्देश्य न केवल खुले में शौच मुक्त गांवों को खुले में शौच मुक्त प्लस (मॉडल) गांवों में परिवर्तित करने के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, बल्कि जनता के व्यवहार में बदलाव लाकर उन्हें बेहतर स्वच्छता और साफ-सफाई की आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है। तदनुसार, सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) कार्यक्रम का अभिन्न अंग है और यह स्थायी व्यवहार परिवर्तन की नींव रखता है। यह कार्यक्रम में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है और कार्यक्रम के तहत निर्मित संपत्तियों पर समुदाय के स्वामित्व को मजबूत करता है।
एसबीएम (जी) चरण II के तहत, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को स्वच्छता, साफ-सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन आदि सहित कार्यक्रम के विभिन्न घटकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपने सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) अभियान विकसित और कार्यान्वित करने होंगे, ताकि जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर पर जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत किया जा सके। एसबीएम (जी) चरण II के तहत, आईईसी और क्षमता निर्माण गतिविधियों के लिए कुल परियोजना निधि का 5 प्रतिशत तक व्यय अनुमत है, जिसमें से 2 प्रतिशत तक केंद्रीय स्तर पर और 3 प्रतिशत तक राज्य/जिला स्तर पर उपयोग किया जा सकता है।
जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
अनुबंध 1
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राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार, ओडीएफ प्लस (मॉडल) घोषित गांवों की संख्या, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) व्यवस्थाओं और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एलडब्ल्यूएम) व्यवस्थाओं से आच्छादित गांवों की संख्या
(दिनांक 10-02-2026 तक)
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क्रम संख्या
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राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नाम
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गांवों की कुल संख्या
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ओडीएफ प्लस (मॉडल) गांवों की कुल संख्या
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) व्यवस्थाओं के अंतर्गत आने वाले गांवों की संख्या
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तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एलडब्ल्यूएम) व्यवस्थाओं के अंतर्गत आने वाले गांवों की संख्या
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1
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अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
265
|
224
|
234
|
234
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
15,995
|
11,625
|
15,971
|
11,898
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
5,134
|
1,080
|
3,472
|
3,836
|
|
4
|
असम
|
25,368
|
23,704
|
24,240
|
25,109
|
|
5
|
बिहार
|
37,138
|
34,990
|
35,326
|
35,536
|
|
6
|
छत्तीसगढ
|
19,643
|
18,523
|
18,565
|
18,739
|
|
7
|
दादर एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
|
98
|
98
|
98
|
98
|
|
8
|
गोवा
|
373
|
325
|
371
|
343
|
|
9
|
गुजरात
|
17,973
|
13,955
|
17,159
|
17,045
|
|
10
|
हरियाणा
|
6,618
|
5,875
|
6,115
|
6,406
|
|
11
|
हिमाचल प्रदेश
|
17,618
|
14,539
|
15,201
|
15,965
|
|
12
|
जम्मू-कश्मीर
|
6,216
|
6,185
|
6,185
|
6,185
|
|
13
|
झारखंड
|
29,322
|
8,069
|
9,955
|
26,681
|
|
14
|
कर्नाटक
|
26,484
|
12,525
|
26,405
|
13,466
|
|
15
|
केरल
|
1,435
|
1,372
|
1,381
|
1,377
|
|
16
|
लद्दाख
|
240
|
238
|
238
|
240
|
|
17
|
लक्षद्वीप
|
10
|
10
|
10
|
10
|
|
18
|
मध्य प्रदेश
|
51,043
|
50,689
|
50,763
|
50,788
|
|
19
|
महाराष्ट्र
|
40,247
|
34,703
|
35,670
|
38,401
|
|
20
|
मणिपुर
|
2,567
|
26
|
29
|
122
|
|
21
|
मेघालय
|
6,466
|
489
|
845
|
5,405
|
|
22
|
मिजोरम
|
646
|
619
|
624
|
624
|
|
23
|
नागालैंड
|
1,425
|
684
|
885
|
1,180
|
|
24
|
ओडिशा
|
46,928
|
44,946
|
45,099
|
45,283
|
|
25
|
पुदुचेरी
|
91
|
42
|
90
|
44
|
|
26
|
पंजाब
|
11,977
|
2,295
|
4,305
|
10,023
|
|
27
|
राजस्थान
|
43,463
|
42,515
|
42,713
|
42,820
|
|
28
|
सिक्किम
|
400
|
400
|
400
|
400
|
|
29
|
तमिलनाडु
|
11,739
|
11,604
|
11,620
|
11,609
|
|
30
|
तेलंगाना
|
9,773
|
9,547
|
9,588
|
9,571
|
|
31
|
त्रिपुरा
|
765
|
763
|
764
|
765
|
|
32
|
उत्तर प्रदेश
|
96,174
|
94,155
|
94,274
|
94,715
|
|
33
|
उत्तराखंड
|
14,967
|
14,893
|
14,931
|
14,899
|
|
34
|
पश्चिम बंगाल
|
38,343
|
34,473
|
35,705
|
36,670
|
|
|
कुल
|
5,86,944
|
4,96,180
|
5,29,231
|
5,46,487
|
[राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा एसबीएम(जी) के आईएमआईआईएस पर दी गई रिपोर्ट के अनुसार]
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पीके/केसी/एके/एचबी
(रिलीज़ आईडी: 2227174)
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