विद्युत मंत्रालय
गांवों का विद्युतीकरण
प्रविष्टि तिथि:
12 FEB 2026 1:50PM by PIB Delhi
विद्युत एक समवर्ती विषय होने के कारण ग्रामीण तथा शहरी, दोनों क्षेत्रों में सभी उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति और वितरण की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों/वितरण कंपनियों के अधिकार क्षेत्र में आती है। भारत सरकार द्वारा साल 2014 में प्रारंभ की गई दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डी.डी.यू.जी.जे.वाई.), अक्टूबर 2017 में प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) और वर्तमान में साल 2021 में प्रारंभ की गई पुनरुद्धारित वितरण क्षेत्र योजना (आर.डी.एस.एस.) जैसी योजनाओं के माध्यम से सभी उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण विद्युत की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु राज्यों के प्रयासों में सहयोग प्रदान किया गया है।
डी.डी.यू.जी.जे.वाई. का उद्देश्य प्रत्येक आबाद किंतु अविद्युतीकृत जनगणना ग्राम को विद्युत से जोड़ना और ग्रामीण विद्युत वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करना था। सौभाग्य योजना का उद्देश्य मार्च 2019 तक देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी इच्छुक अविद्युतीकृत परिवारों तथा शहरी क्षेत्रों में सभी इच्छुक निर्धन परिवारों को विद्युत कनेक्शन प्रदान कर सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण प्राप्त करना था।
‘विद्युतीकृत ग्राम’ की परिभाषा ग्रामीण विद्युतीकरण नीति, 2006 के अनुसार है, परंतु सौभाग्य के अंतर्गत सभी परिवारों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया, जो वर्तमान में आर.डी.एस.एस. की चल रही योजना के अंतर्गत जारी है।
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, देश के सभी आबाद गैर-विद्युतीकृत जनगणना गांवों का विद्युतीकरण 28 अप्रैल, 2018 तक कर दिया गया था। डी.डी.यू.जी.जे.वाई. के अंतर्गत कुल 18,374 गांवों का विद्युतीकरण किया गया, जिनमें 49,25,124 गरीबी रेखा से नीचे (बी.पी.एल.) के परिवार शामिल थे। डी.डी.यू.जी.जे.वाई. के अंतर्गत तथा इसके पश्चात सौभाग्य के तहत सभी इच्छुक परिवारों का विद्युतीकरण 31 मार्च, 2019 तक पूरा कर लिया गया, जैसा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा सूचित किया गया है। सौभाग्य अवधि के दौरान कुल 2.86 करोड़ परिवारों का विद्युतीकरण किया गया। दोनों योजनाएं 31.03.2022 को समाप्त हो चुकी हैं।
आर.डी.एस.एस. के अंतर्गत, जहाँ भी व्यवहार्य पाया गया है, ऑन-ग्रिड विद्युतीकरण कार्यों के लिए 6,521 करोड़ रुपये की राशि 13.65 लाख परिवारों हेतु स्वीकृत की गई है, जिनमें प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत चिन्हित विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पी.वी.टी.जी.) के परिवार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति (एस.टी.) के परिवार, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) के अंतर्गत अनुसूचित जाति (एस.सी.) के परिवार तथा वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (वी.वी.पी.) के अंतर्गत दूरस्थ एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के परिवार शामिल हैं। उपर्युक्त में से अब तक कुल 2.93 लाख परिवारों का विद्युतीकरण किया जा चुका है।
यह जानकारी आज लोक सभा में एक लिखित उत्तर में ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद नाइक द्वारा दी गई।
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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2227091)
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