सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
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हरित राजमार्ग और पर्यावरण को ध्यान में रखकर सड़क अवसंरचना का विकास

प्रविष्टि तिथि: 11 FEB 2026 8:17PM by PIB Delhi

हरित राजमार्ग (पौधरोपण, प्रत्यारोपण, सौंदर्यीकरण और रखरखाव) नीति, 2015 और भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) एसपीः 21-2009 के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों के उपलब्ध मार्ग और मध्य भाग के साथ-साथ जहां संभव हो पौधरोपण गतिविधियां शुरू की जाती हैं। इस दौरान लंबे समय तक जीवित रहने वाले और कार्बन अवशोषण क्षमता वाली देसी प्रजातियों के पौधे लगाने पर जोर दिया जाता है।

संबंधित एजेंसियां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव में पुनर्चक्रित सामग्रियों, अपशिष्ट उत्पादों और पर्यावरण के अनुकूल प्रौद्योगिकियों के उपयोग को लगातार बढ़ावा दे रही हैं और अपना रही हैं।

राजमार्ग परियोजनाओं में तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार उपयुक्त सड़क निर्माण कार्यों में विभिन्न टिकाऊ और पुनर्चक्रित सामग्री जैसे कि दीवार और संरचनात्मक कार्यों में फ्लाई ऐश, बिटुमिनस परतों में रिक्लेम्ड एस्फाल्ट पेवमेंट (आरएपी) और निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट का उपयोग किया जाता है।

पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए सड़क की कार्यक्षमता में सुधार हेतु व्यवहार्यता और दिशानिर्देशों के अनुसार बिटुमिनस मिश्रणों में प्लास्टिक कचरे का उपयोग, नेचुरल जियो टेक्सटाइल्स के साथ-साथ स्लैग, क्रम्ब रबर और अन्य पुनर्नवीनीकरण या औद्योगिक उप-उत्पादों सहित अन्य टिकाऊ सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस प्रकार की पहल संसाधन दक्षता को बढ़ावा देकर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करके और राजमार्ग निर्माण से जुड़े पर्यावरणीय क्षरण को कम करके भारत के जलवायु लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देती है। इससे सर्कुलर इकॉनमी (सामग्रियों के पुन: उपयोग और पुनर्जनन पर आधारित आर्थिक प्रणाली) के सिद्धांतों का समर्थन होता है।

यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में दी।

पीके/केसी/आरकेजे


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