पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

संसद प्रश्न: चक्रवात पूर्वानुमानों की सटीकता

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 11:50AM by PIB Delhi

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने वर्ष 2016 से 2025 के बीच चक्रवात पूर्वानुमानों की सटीकता का विश्लेषण किया है, जिसमें इनके मार्ग, तीव्रता और टकराने से संबंधित आंकड़े अनुलंग्नक-1 में उपलब्ध कराए गए हैं।

गत वर्षों में अवलोकन, तकनीकी विश्लेषण और पूर्वानुमान उपकरणों में निरंतर सुधार हुआ है। इनमें संख्यात्मक मॉडलिंग में उन्नति, उन्नत डेटा आत्मसात्करण, उच्च रिज़ॉल्यूशन तकनीक, बेहतर भौतिकी, चेतावनी उत्पादों का निर्माण और उनका प्रभावी प्रसार जैसे पहलू शामिल हैं। इन सभी बदलावों के चलते चक्रवात पूर्वानुमान की सटीकता में पिछले दशक के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेष रूप से पिछले पांच वर्षों (2016-2020) की तुलना में हालिया पांच वर्षों (2021-2025) में मार्ग पूर्वानुमान सटीकता में 20 से 25 प्रतिशत और चक्रवातों के टकराने तीव्रता (अधिकतम निरंतर पवन गति-MSW) सटीकता में 35 से 45 प्रतिशत का सुधार हुआ है।

गृह मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 से 2023 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चक्रवातों से हुई मौतों की विस्तृत जानकारी अनुलग्नक-2 में उपलब्ध है। इसमें भारत में टकराने वाले चक्रवातों की कुल संख्या का विवरण भी शामिल किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से जारी प्रारंभिक चेतावनियों और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा समय पर उठाए गए कदमों के चलते हाल के वर्षों में चक्रवातों से होने वाले जान-माल के नुकसान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

आईएमडी अपनी उन्नत चक्रवात पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली के लिए जाना जाता है, जिसमें आधुनिक संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान मॉडल, बहु-मॉडल समूह, उन्नत डेटा समाहित करने की तकनीकें, उपग्रह, डॉप्लर मौसम रडार (डीडब्ल्यूआर), महासागरीय बुआ, तटीय अवलोकन नेटवर्क और आंतरिक रूप से विकसित निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस) जैसे उपकरण शामिल हैं। ये सभी मिलकर चक्रवातों की राह और उनकी तीव्रता का सटीक पूर्वानुमान लगाने में मदद करते हैं, जिसके लिए निरंतर निगरानी की जाती है।

मौसम संबंधी निगरानी, पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली को अधिक प्रभावी और उन्नत बनाने के उद्देश्य से, भारत सरकार ने 2025 की शुरुआत में 'मिशन मौसम' की पहल की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य देश के मौसम अवलोकन नेटवर्क और पूर्वानुमान प्रणालियों का विस्तार और आधुनिकीकरण करना है। इसके तहत, मौसम स्टेशनों की संख्या में वृद्धि, रडार नेटवर्क का उन्नयन, और पूर्वानुमानों की सटीकता बढ़ाने के लिए मशीन लर्निंग तथा आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जाएगा। इसमें उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग सिस्टम और एक बुद्धिमान निर्णय समर्थन प्रणाली के समन्वित सहयोग को भी शामिल किया गया है।

पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी 5 फरवरी 2026 को राज्यसभा में दी।

अनुलग्नक-1

वर्ष 2016 से 2025 के बीच वार्षिक औसत ट्रैक पूर्वानुमान त्रुटियां (किमी):

वर्ष

12 घंटे

24 घंटे

36 घंटे

48 घंटे

60 घंटे

72 घंटे

84 घंटे

96 घंटे

108 घंटे

120 घंटे

2016

59.7

96.1

129.6

185.1

238

291.7

330.4

379.5

344.1

438.3

2017

43.7

61.4

87.2

107.6

190.1

189.6

292.5

304.2

158.7

159.7

2018

55.4

87.5

99.2

124.2

131.2

134.3

165.8

189

220.8

247.6

2019

41

68.6

87.8

103.7

120.4

148.6

177.7

217.8

261.3

337.5

2020

50.3

72.5

76.4

85.3

89.1

111.4

105.5

88.8

86.3

93.3

2021

43.7

62.9

82.6

91.4

105.7

164

248

15.3

 

 

2022

42.3

77.5

108

167.1

204.2

315.3

378.2

535.3

576.5

 

2023

48.3

76.5

98.4

120.7

138.8

147.2

157.3

176.8

181.5

224.8

2024

37.6

65.6

76.9

83.5

100.3

114

70

153

 

 

2025

42

80

102

120

169

204

245

129

 

 

 

वर्ष 2016 से 2025 के बीच वार्षिक औसत तीव्रता पूर्वानुमान त्रुटियां:

वर्ष

12 घंटे

24 घंटे

36 घंटे

48 घंटे

60 घंटे

72 घंटे

84 घंटे

96 घंटे

108 घंटे

120 घंटे

2016

4.6

7.2

8.5

8.3

9.7

11.2

14

18.4

9.5

5

2017

4.3

5.7

10.8

12.4

9

8.2

9

7.8

5

3.7

2018

4.8

8.2

12

11.6

12.8

12.9

12.9

13.8

13.3

9.2

2019

5.5

8.7

11.7

12.7

14.7

17.4

19.3

19.8

19.9

21.2

2020

5

7.1

8.7

8.8

9.7

9.3

10.8

13.9

8.7

4.3

2021

3.5

6.2

8.6

9.5

9.3

10.8

18.8

21

 

 

2022

2.4

3.8

4.2

4

3.8

5

5.6

6.7

10.3

 

2023

3.7

7.3

9.1

10.7

11.3

12.5

13.9

16.5

15.3

18.3

2024

2.3

4.1

5.2

5.3

4.7

5

5

5

 

 

2025

1.7

3.1

4.7

2.7

3.5

3.9

2.9

1

 

 

1 नॉटिकल मील प्रति घंटा = 1.85 किमी प्रति घंटा

 

वर्ष 2016 के 2025 के बीच लैंडफॉल पॉइंट त्रुटियों का वार्षिक औसत:

वर्ष

12 घंटे

24 घंटे

36 घंटे

48 घंटे

60 घंटे

72 घंटे

84 घंटे

96 घंटे

108 घंटे

120 घंटे

2016

7.8

14.1

71.6

127.2

129.2

180.1

253.2

286

403.4

 

2017

19.1

50.4

29.8

59

 

 

 

 

 

 

2018

26.7

44

42.1

40.3

56.4

67.6

 

 

 

 

2019

8.9

27.1

21.9

34.7

15

37.2

 

 

 

 

2020

10

17.6

53.5

69.7

27.7

43

77

47

47

 

2021

6.8

16.4

10.6

19.8

97

158.5

 

 

 

 

2022

16.5

14.8

21.7

24.5

20.2

4.5

4.9

 

 

 

2023

13.0

17.0

31.2

48.8

65.8

65.7

66.6

71.1

9.1

 

2024

5.4

14.4

19

24

18

2.2

1.1

1.1

 

 

2025

71

76

113

82

113

121

128

 

 

 

 

अनुलग्नक-2

वर्ष 2014 से 2023 के बीच चक्रवातों के कारण हुई मौतों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार संख्या

क्र

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

2014

2015

2016

2017

2018

2019

2020

2021

2022

2023

 

1

आंध्र प्रदेश

41

0

3

1

7

0

3

0

1

1

 

2

अरुणाचल प्रदेश

0

0

2

0

1

0

0

0

0

0

 

3

असम

0

1

1

0

0

0

2

0

4

0

 

4

बिहार

1

0

4

5

3

0

0

0

0

0

 

5

छत्तीसगढ

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

6

गोवा

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

7

गुजरात

6

0

0

0

0

3

0

40

0

0

 

8

हरियाणा

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

9

हिमाचल प्रदेश

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

10

झारखंड

3

0

0

2

3

0

0

0

0

0

 

11

कर्नाटक

0

0

0

0

0

1

2

0

0

0

 

12

केरल

0

0

0

113

1

0

0

0

0

0

 

13

मध्य प्रदेश

2

1

0

0

0

0

0

0

0

0

 

14

महाराष्ट्र

2

0

3

0

1

0

2

72

0

0

 

15

मणिपुर

0

0

0

0

0

3

0

0

0

0

 

16

मेघालय

0

0

0

2

0

0

0

1

2

0

 

17

मिजोरम

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

18

नगालैंड

0

0

0

1

0

0

0

0

0

0

 

19

ओडिशा

0

0

0

0

6

14

0

0

0

0

 

20

पंजाब

0

0

0

0

0

1

0

0

0

0

 

21

राजस्थान

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

22

सिक्किम

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

23

तमिलनाडु

0

0

2

6

95

0

0

0

0

0

 

24

तेलंगाना

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

25

त्रिपुरा

0

0

0

0f

2

0

0

0

0

0

 

26

उत्तर प्रदेश

7

13

0

3

5

11

0

0

0

0

 

27

उत्तराखंड

0

0

0

0

0

0

4

0

0

0

 

28

पश्चिम बंगाल

0

0

0

0

0

0

22

2

2

0

 

 

कुल मौतों की संख्या (28 राज्यों में)

62

15

15

133

124

33

35

115

9

1

 

29

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

0

0

0

0

0

0

0

2

0

1

 

30

चंडीगढ़

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

 

31

डी एंड एन हवेली और दमन एवं दीव @+

0

0

0

0

0

0

0

1

0

0

32

दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

33

जम्मू-कश्मीर @*

0

0

0

0

1

0

2

0

0

0

34

लद्दाख @

-

-

-

-

-

-

0

0

0

0

35

लक्षद्वीप

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

36

पुदुचेरी

0

0

0

0

0

0

0

0

0

0

 

कुल मौतों की संख्या (8 केंद्र शासित प्रदेशों में)

0

0

0

0

1

0

2

3

0

1

 

देश में कुल मौतें

62

15

15

133

125

33

37

118

9

2

टकराने वाले चक्रवातों की संख्या

1

0

1

0

3

2

4

3

1

1

मृत्यु की संख्या से संबंधित आंकड़ों का स्रोत: राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एनसीआरबी), गृह मंत्रालय (एमएचए)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार

‘+’ वर्ष 2014 से 2019 के बीच तत्कालीन डी एंड एन हवेली और दमन एवं दीव केंद्र शासित प्रदेशों के संयुक्त आंकड़े

'*' तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य (लद्दाख सहित) के वर्ष 2014 से 2019 के बीच के आंकड़े

‘@’ नवगठित केंद्र शासित प्रदेश का डेटा

***

 

पीके/केसी/बीयू/वाईबी


(रिलीज़ आईडी: 2223666) आगंतुक पटल : 69
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Bengali