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सहकारिता मंत्रालय
सहकारी समितियों का विस्तार
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 6:16PM by PIB Delhi
(क) राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस (NCD) के अनुसार, देश में कुल 8.48 लाख सहकारी समितियाँ हैं, जिनमें गुजरात एवं आंध्र प्रदेश राज्य भी शामिल हैं। सहकारी समितियों की राज्य-वार संख्या का विवरण संलग्नक-1 में संलग्न है।
(ख) एवं (ग) जी हाँ, महोदय। सहकारिता मंत्रालय ने 6 जुलाई, 2021 को अपनी स्थापना के पश्चात् से “सहकार-से-समृद्धि” के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु गुजरात एवं आंध्र प्रदेश सहित देश भर में पारदर्शिता लाने, प्रणालियों के आधुनिकीकरण, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, सहकारी समितियों के पुनरुद्धार के साथ-साथ उनकी क्षमता निर्माण एवं क्षमता विस्तार के लिए अनेक पहलें की हैं। प्रमुख पहलें निम्नलिखित हैं:
- पैक्स को सशक्त बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा ₹2925.39 करोड़ की कुल वित्तीय लागत से कार्यशील पैक्स के कम्प्यूटरीकरण की परियोजना स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत देश की सभी कार्यशील पैक्स को एक कॉमन ईआरपी-आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत 31 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की 79,630 पैक्स स्वीकृत किये गए हैं, जिनमें से 61,478 पैक्स को ईआरपी सॉफ्टवेयर पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है।
- पैक्स के मॉडल उपविधियों का प्रावधान किया गया है, जिससे भंडारण, प्रसंस्करण, एलपीजी वितरण तथा कॉमन सर्विस सेंटर जैसी गतिविधियों में विविधीकरण संभव हुआ है, साथ ही बेहतर शासन मानकों को सुनिश्चित करते हुए सदस्य-केंद्रित संचालन को बढ़ावा मिला है।
- सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रित अनाज भंडारण योजना का कार्यान्वयन।
- राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस (NCD) का सृजन, जिससे सहकारी समितियों के भौगोलिक विस्तार में अंतराल की पहचान संभव हुई है, जिसमें आच्छादित एवं अनाच्छादित ग्राम पंचायतें शामिल हैं, तथा 2 लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों के गठन में सहायता मिल रही है।
- राष्टीय सहकारी डेटाबेस का लाभ उठाते हुए, सरकार द्वारा 24 जनवरी 2025 को सहकारी रैंकिंग फ्रेमवर्क की शुरुआत की गई, जिसके माध्यम से सहकारी समितियों का राज्य-वार एवं क्षेत्र-वार आकलन एवं रैंकिंग की जाती है। इसका उद्देश्य सहकारी समितियों में पारदर्शिता, विश्वसनीयता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है।
- बहु-राज्य सहकारी समितियाँ (संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 63A के अंतर्गत सहकारी पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं विकास कोष की स्थापना, जिससे रुग्ण बहु-राज्य सहकारी समितियों के पुनरुद्धार तथा अवसंरचनात्मक आवश्यकताओं हेतु सहायता प्रदान की जा सके।
- राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT) के माध्यम से सहकारी समितियों के सदस्यों, निदेशक मंडल के सदस्यों, कर्मचारियों, राज्य अधिकारियों तथा इच्छुक युवाओं के लिए 20 प्रशिक्षण संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से क्षमता निर्माण एवं कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब तक 16,404 प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 10,11,359 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
- नाबार्ड (NABARD) के माध्यम से भी क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें ERP आधारित e-PACS सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण शामिल है।
- सहकारी शिक्षा, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान को सुदृढ़ करने हेतु त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना।
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संलग्नक-1
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश‑वार सहकारी समितियों की कुल संख्या
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क्रम सं.
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राज्य
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सहकारी समितियों की कुल संख्या
|
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1
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अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
2,239
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
18,183
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
1,461
|
|
4
|
असम
|
12,427
|
|
5
|
बिहार
|
27,387
|
|
6
|
चंडीगढ़
|
476
|
|
7
|
छत्तीसगढ़
|
11,845
|
|
8
|
दिल्ली
|
5,944
|
|
9
|
गोवा
|
5,593
|
|
10
|
गुजरात
|
86,519
|
|
11
|
हरियाणा
|
34,673
|
|
12
|
हिमाचल प्रदेश
|
5,791
|
|
13
|
जम्मू एवं कश्मीर
|
10,620
|
|
14
|
झारखंड
|
12,091
|
|
15
|
कर्नाटक
|
46,969
|
|
16
|
केरल
|
19,652
|
|
17
|
लद्दाख
|
275
|
|
18
|
लक्षद्वीप
|
43
|
|
19
|
मध्य प्रदेश
|
53,965
|
|
20
|
महाराष्ट्र
|
2,25,986
|
|
21
|
मणिपुर
|
11,627
|
|
22
|
मेघालय
|
3,452
|
|
23
|
मिजोरम
|
1,560
|
|
24
|
नागालैंड
|
7,955
|
|
25
|
ओडिशा
|
8,362
|
|
26
|
पुडुचेरी
|
464
|
|
27
|
पंजाब
|
19,662
|
|
28
|
राजस्थान
|
41,969
|
|
29
|
सिक्किम
|
3,768
|
|
30
|
तमिलनाडु
|
23,210
|
|
31
|
तेलंगाना
|
60,858
|
|
32
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
|
597
|
|
33
|
त्रिपुरा
|
3,270
|
|
34
|
उत्तर प्रदेश
|
40,709
|
|
35
|
उत्तराखंड
|
6,393
|
|
36
|
पश्चिम बंगाल
|
32,142
|
|
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कुल
|
8,48,137
|
स्त्रोत: NCD पोर्टल दिनांक 20.01.2026 तक की स्थिति।
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2223290)
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