पर्यटन मंत्रालय
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कर्नाटक की शास्त्रीय और लोक परंपराओं ने भारत पर्व 2026 में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया

प्रविष्टि तिथि: 31 JAN 2026 4:39PM by PIB Delhi

कर्नाटक सरकार के कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा आयोजित भारत पर्व 2026 में शास्त्रीय नृत्य, संगीत और पारंपरिक लोक प्रदर्शनों की जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ये राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।

सांस्कृतिक खंड में कर्नाटक की प्रसिद्ध लोक परंपराओं को प्रदर्शित किया गया, जिसे कर्नाटक पर्यटन विभाग, कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग, कर्नाटक सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिससे महोत्सव में आने वाले दर्शक राज्य की विविध कलात्मक अभिव्यक्तियों से परिचित हुए।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण था डोलू कुनिथा, जो कर्नाटक के शिवमोग्गा क्षेत्र का शक्तिशाली और लयबद्ध ढोल नृत्य है। भगवान शिव के एक रूप श्री बीरलिंगेश्वर की पूजा से गहराई से जुड़ा यह ऊर्जावान नृत्य कुरुबा गौड़ा समुदाय की परंपराओं से उत्पन्न हुआ है। तालबद्ध ढोल वादन और ऊर्जा युक्त गतिविधियों से सजी इस प्रस्तुति में भक्ति, शक्ति और सामुदायिक भावना का प्रतिबिंब दिखाई दिया।

एक और मनमोहक प्रस्तुति थी पूजा कुनिथा, जो दक्षिणी कर्नाटक, विशेष रूप से मांड्या, मैसूरु और बेंगलुरु क्षेत्रों का एक जीवंत लोक नृत्य है। परंपरागत रूप से देवी शक्ति की भक्ति में प्रस्तुत किए जाने वाले इस नृत्य में नर्तक लकड़ी या बांस से सजे ढांचों पर संतुलन बनाए रखते हैं। इन पर अक्सर मूर्तियां या पवित्र कलश रखे होते हैं और तामाते ढोल की लयबद्ध थाप पर सुंदर ढंग से नृत्य करते हैं। मंदिर उत्सवों और धार्मिक जुलूसों से जुड़ा यह नृत्य भक्ति, अद्भुत शारीरिक कौशल और भव्य दृश्य का संगम है।

इस प्रस्तुति में शानदार यक्षगान भी शामिल था जो तटीय कर्नाटक की एक अनूठी नृत्य-नाट्य परंपरा है। इसका इतिहास चार शताब्दियों से अधिक पुराना है। नृत्य, संगीत, रंगमंच और तात्कालिक संवादों का सामंजस्यपूर्ण मिश्रण यक्षगान, आकर्षक वेशभूषा, भावपूर्ण मुद्राओं और सशक्त संगीत के माध्यम से पौराणिक कथाओं को जीवंत कर देता है। यह पारंपरिक रात्रिकालीन प्रदर्शन कला आज भी विश्व भर में कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है।

संपूर्ण प्रस्तुति का नृत्य संयोजन और समन्वय श्री जगदीशा सी. जाला द्वारा किया गया था, जिनके कलात्मक निर्देशन ने दर्शकों के लिए एक आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव सुनिश्चित किया।

भारत पर्व 2026 में कर्नाटक की प्रस्तुति भारत की जीवंत परंपराओं का एक गौरवपूर्ण प्रतिबिंब थी, जिसने सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने और राष्ट्रीय मंच पर क्षेत्रीय कला रूपों को बढ़ावा देने की महोत्सव की भावना को मजबूत किया।

 

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पीके/केसी/जेके/एमबी


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