वित्‍त मंत्रालय
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वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के कामकाज की समीक्षा की


बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 और वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के वित्तीय और व्यावसायिक प्रदर्शन की समीक्षा की गई, जिसमें लाभप्रदता, डिजिटल माध्यम से जोड़ने और ग्राहक-केंद्रित सुधारों पर जोर दिया गया

डीएफएस के सचिव ने लोगों की शिकायतों के समय पर समाधान और ग्राहकों को कुशल सेवाएं प्रदान करने के लिए दावों की सुचारू और त्वरित प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया

प्रविष्टि तिथि: 13 JAN 2026 8:23PM by PIB Delhi

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री एम. नागराजू की अध्यक्षता में 13.1.2026 को एक बैठक आयोजित की गई। इसमें वित्त वर्ष 2024-25 और वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों (पीएसआईसी) के वित्तीय और व्यावसायिक प्रदर्शन की समीक्षा की गई। इस दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी), न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईएसीएल), नैशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईसीएल), यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (यूआईआईसीएल), ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (ओआईसीएल) और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एआईसीआईएल) जैसी सार्वजनिक बीमा कंपनियों (पीएसआईसी) के कामकाज की समीक्षा की गई।


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बैठक में सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसआईसी) को लाभदायक व्यवसाय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और बाजार हिस्सेदारी बनाए रखते हुए और अपने खुदरा पोर्टफोलियो को लगातार मजबूत करते हुए नुकसान के अनुपात को कम करने के लिए रणनीति तैयार करनी चाहिए। उन्होंने युवा पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने और उभरते जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए नए और अभिनव अनुकूलित उत्पादों को विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से खुदरा उत्पादों की 100 प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रौद्योगिकी को अपनाने और पूर्ण डिजिटलीकरण की ओर बढ़ने पर भी जोर दिया गया।


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सचिव ने ब्रैंड के प्रमोशन को लेकर सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लैटफॉर्मों के माध्यम से संचार, प्रचार और पहुंच बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।

एलआईसी के प्रयासों की सराहना करते हुए सचिव ने लाभप्रदता की दिशा में इसकी प्रगति और देश भर में विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बीमा सखी पहल का विस्तार करने में इसकी सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने इस वर्ष 10,000 करोड़ रुपये के प्रीमियम का आंकड़ा पार करने के लिए एआईसीआईएल की सराहना भी की।

सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्राहकों को कुशल सेवाएं प्रदान करने के लिए सार्वजनिक शिकायतों के समय पर समाधान और दावों का सुचारू व त्वरित निपटान सुनिश्चित करने को उच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इस बैठक में एलआईसी के सीईओ एवं एमडी श्री आर. दुरईस्वामी, एनआईएसीएल की सीएमडी सुश्री गिरिजा सुब्रमण्यन, एनआईसीएल की सीएमडी सुश्री राजेश्वरी सिंह मुनि, यूआईआईसीएल के सीएमडी श्री बी.एस. राहुल, ओआईसीएल के सीएमडी श्री संजय जोशी, एआईसीआईएल की सीएमडी डॉ. लावण्या आर. मुंडयूर और जीआईसी के ईडी श्री हितेश जोशी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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पीके/केसी/आरकेजे


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