युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
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भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 की शुरुआत; देशभर से 3,000 युवा हुए शामिल


राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने ओरिएंटेशन सत्र को संबोधित किया; युवाओं को राष्ट्र-निर्माता मानने वाले स्वामी विवेकानंद के विचारों को किया रेखांकित

एमवाई भारत पोर्टल पर दो करोड़ से अधिक युवाओं का पंजीकरण: राज्य मंत्री रक्षा खडसे

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में विकसित भारत के शिल्पकार के रूप में आगे बढ़े भारत के युवा

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में युवा विमर्श का केंद्र रहा महिला-नेतृत्व वाला विकास, फिटनेस और हरित विकास

प्रविष्टि तिथि: 09 JAN 2026 8:20PM by PIB Delhi

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD 2026) के दूसरे संस्करण की शुरुआत आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित ओरिएंटेशन सत्र के साथ हुआ। इस सत्र ने देशभर से आए युवा नेताओं के बीच आगामी तीन दिनों के विचार-विमर्श, सहभागिता और सहयोग के लिए दिशा और स्वर निर्धारित किया। इस अवसर पर सुश्री रक्षा निखिल खडसे, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री; डॉ. पल्लवी जैन गोविल, सचिव, युवा कार्यक्रम विभाग; तथा श्री नितेश कुमार मिश्रा, अपर सचिव, युवा कार्यक्रम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

देशभर से आए 3,000 युवा प्रतिभागियों तथा युवा प्रवासी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए सुश्री रक्षा निखिल खडसे ने स्वामी विवेकानंद के उस विश्वास को स्मरण किया कि युवा राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होते हैं, और जब वे संगठित होते हैं तो असंभव को भी संभव बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसी विचार से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नेविकसित भारत’ की परिकल्पना प्रस्तुत की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र-निर्माण का कार्य केवल सरकार द्वारा अकेले नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, ताकि वे अपने विचारों, ऊर्जा और नेतृत्व के माध्यम से आने वाले 25 वर्षों में देश को दिशा दे सकें।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री की परिकल्पना के तहत शुरू की गईमाय भारत (मेरा युवा भारत)’ पहल के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि देशभर से दो करोड़ से अधिक युवा पहले ही MY Bharat पोर्टल पर पंजीकरण कर चुके हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे MY Bharat को केवल एक सीमित कार्यक्रम के रूप में न देखें, बल्कि इसके विचारों को कॉलेजों और जिलों तक पहुंचाएं। उन्होंने अधिकतम युवा सहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अधिक से अधिक युवा इस मंच से जुड़ें और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता एवं देशभक्ति की भावना को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाएं।

अपने स्वागत संबोधन में युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि संवाद (डायलॉग) का अर्थ दो तरफा संप्रेषण होता है, जिसमें युवाओं के विचार नेतृत्व तक पहुंचते हैं और नेतृत्व के दृष्टिकोण सीधे युवाओं के साथ साझा किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि VBYLD मंच युवाओं को प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है, जो युवा मनों के साथ सार्थक सहभागिता की उनकी परिकल्पना को दर्शाता है।

हर मत के महत्व पर जोर देते हुए सचिव ने संस्कृति, उद्यमिता, विज्ञान और रचनात्मक क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की विविध आकांक्षाओं को स्वीकार किया और उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इसके पश्चात MY Bharat स्वयंसेवकों का सम्मान किया गया, जिसमें युवा संपर्क और सहभागिता आधारित पहलों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी गई।

प्लेनरी सत्र के बाद, प्रतिभागी दस चिन्हित विषयों पर प्रस्तुतियों और संवादात्मक सत्रों के लिए अपने-अपने निर्धारित स्थलों पर पहुंचे, जो इस प्रकार हैं:

  1. ट्रैक 1 – विकसित भारत के लिए लोकतंत्र और शासन में युवाओं की भूमिका

पहले ट्रैक के अंतर्गत एक केंद्रित सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए युवा प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सार्वजनिक शासन में युवाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संरचित नीति सुझाव प्रस्तुत किए।

जूरी सदस्य श्री सुयश पांडे (अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय) तथा डॉ. क्रुणाल शाह (सर्जन) ने इस बात पर जोर दिया कि यह संवाद किसी प्रतियोगिता की तरह नहीं, बल्कि एक सहयोगात्मक राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने युवा प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ मिलकर व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य शासन समाधान तैयार करें।

2) ट्रैक 2 – महिला-नेतृत्व वाला विकास: विकसित भारत की कुंजी

इस ट्रैक में युवा प्रतिनिधियों ने महिलाओं के विकास से आगे बढ़कर महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर बदलाव को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें वर्ष 2047 तक भारत की विकास यात्रा में महिलाओं को प्रमुख प्रेरक शक्ति के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया गया। इस ट्रैक की जूरी में सुश्री चारु प्रज्ञा (वकील एवं लोक नीति विशेषज्ञ), सुश्री नेहा जोशी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा) तथा सुश्री रिमझिम गौर (राजनीतिक रणनीतिकार) शामिल थीं। प्रस्तुतियों के दौरान रखे गए प्रमुख प्रस्तावों में उभरती प्रौद्योगिकियों में ग्रामीण महिलाओं के लिए दोहरी कौशल प्रशिक्षण, “हेरिटेज टू होम” मॉडल के माध्यम से पारंपरिक कौशल का मुद्रीकरण, तथा AI-आधारित मेंटरशिप और कार्यबल में पुनः प्रवेश के लिए “AI सहायिका दीदी” पहल का शुभारंभ शामिल था। प्रस्तावित ढांचे में निवारक सुरक्षा समाधान, डिजिटल टूल्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, तथा प्रॉक्सी गवर्नेंस को संबोधित कर और अवैतनिक देखभाल कार्य को 3R दृष्टिकोण (मान्यता, पुनर्मूल्यांकन और पुनर्वितरण) के माध्यम से पहचान देकर जमीनी स्तर के नेतृत्व को सशक्त बनाने पर भी जोर दिया गया।

3) ट्रैक 3 – फिट भारत, हिट भारत

इस ट्रैक के अंतर्गत देशभर से आई युवा टीमों ने फिट भारत, हिट भारत की परिकल्पना के अनुरूप नवोन्मेषी और क्षेत्र-विशिष्ट विचार प्रस्तुत किए, जिनमें समुदाय-आधारित, समावेशी और सतत फिटनेस पर विशेष जोर दिया गया। इस ट्रैक की जूरी में अरविंद एस. (पूर्व खेल पत्रकार), रुशिराज (संस्थापक, इन्विंसिबल एनजीओ) तथा अजय कश्यप (कॉमनवेल्थ यूथ काउंसिल में भारत के प्रतिनिधि) शामिल थे। प्रस्तावों में ऊर्जा उत्पन्न करने वाली पाईजोइलेक्ट्रिक टाइल्स, स्कूलों में प्रारंभिक स्तर से फिटनेस को शामिल करना, डिजिटल फिटनेस प्रोत्साहन, प्रदूषण कम करने वाली अवसंरचना, ग्रामीण फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए एग्रो ओलंपिक्स, तथा महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए समावेशी सामुदायिक स्थानों जैसी पहलें शामिल थीं। सामूहिक रूप से, इन विचारों ने फिटनेस को सामुदायिक सहभागिता का प्रेरक तत्व तथा एक स्वस्थ और अधिक समावेशी विकसित भारत के निर्माण का आधार बताया।

4) ट्रैक 4 – भारत को विश्व की स्टार्ट-अप राजधानी बनाना

इस ट्रैक के अंतर्गत युवा नेतृत्वकर्ताओं ने भारत के उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और देश को वैश्विक स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थापित करने से जुड़े नवोन्मेषी विचार प्रस्तुत किए। इस सत्र की जूरी में श्री अनुदीप (सीनियर डायरेक्टर, मोटोरोला सॉल्यूशंस), डॉ. क्रांति सागर मोरे (फार्मास्युटिकल वैज्ञानिक एवं नवप्रवर्तक) तथा डॉ. विजय राडाडिया (शिक्षाविद् एवं नवप्रवर्तक) शामिल थे। प्रस्तुतियों से उभरकर आया एक प्रमुख विषय यह रहा कि ग्रामीण एवं जमीनी स्तर के स्टार्ट-अप्स को समुदायों, कॉरपोरेट क्षेत्र और सरकारी एजेंसियों के समन्वित सहयोग के माध्यम से विस्तार देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही उद्यमशीलता शिक्षा, अनुसंधान तथा इनक्यूबेशन अवसंरचना में निरंतर निवेश को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया, ताकि भारत को स्टार्ट-अप नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाया जा सके।

5) ट्रैक 5 – भारत की सॉफ्ट पावर: सांस्कृतिक कूटनीति और वैश्विक प्रभाव

इस थीमैटिक प्रस्तुति सत्र में भारत की सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक शक्तियों को वैश्विक सहभागिता के प्रभावी माध्यम के रूप में प्रस्तुत करने पर गहन विचार-विमर्श और नवोन्मेषी सुझाव सामने आए। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में भारत की बहुलतावादी आत्मा और सांस्कृतिक गहराई का सशक्त प्रतिबिंब दिखाई दिया। इस सत्र का मूल्यांकन एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया गया, जिसमें सुश्री निवेदिता तिवारी (डायरेक्टर – कल्चर कंसल्टिंग एवं विज़ुअल कंटेंट, ब्रहट कल्चर क्रिएटिव्स), श्री निखिल चडवानी (लेखक एवं उद्योगपति), सुश्री भार्गव जिज्ञासा (संस्थापक, JIGNASA) तथा श्री अर्पित तिवारी शामिल थे। जूरी सदस्यों ने प्रस्तुत प्रस्तावों की मौलिकता, रचनात्मकता और भविष्यदृष्टि की सराहना करते हुए उन्हें भारत की वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

6) ट्रैक 6 – परंपरा के साथ नवाचार: आधुनिक भारत का निर्माण

इस सत्र में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराएँ आधुनिक तकनीक के साथ सार्थक रूप से जुड़ सकती हैं। डॉ. साक्षी भारद्वाज (संस्थापक, JungleVase एवं COP29 में भारत की प्रतिनिधि), सुश्री दीपाली खंडेलवाल (फूड रिसर्चर एवं संस्थापक – The Kindness Meal) तथा श्री प्रकाश गर्ग (पुरस्कार विजेता समकालीन कलाकार) की प्रतिष्ठित जूरी ने उन नवोन्मेषी, तकनीक-सक्षम प्रस्तावों का मूल्यांकन किया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ भारत की प्राचीन ज्ञान प्रणालियों के समन्वय पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रमुख विचारों में AI-आधारित NITYA मॉडल, सतत तटीय विकास के लिए ओडिशा की ‘सागर समृद्धि’ पहल, गुजरात के स्मार्ट जल प्रबंधन समाधान, असम में रचनात्मक अर्थव्यवस्था के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, तथा बिहार में पारंपरिक शिक्षा के साथ AI का एकीकरण शामिल रहे। इन पहलों ने सामूहिक रूप से यह रेखांकित किया कि जन ज्ञान (लोक बुद्धि) और विज्ञान को जोड़कर किस प्रकार समावेशी, पर्यावरण–अनुकूल और प्रामाणिक भारतीय विकास को गति दी जा सकती है।

7) ट्रैक 7 – आत्मनिर्भर भारत: मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड

इस ट्रैक में डेटा और नवाचार की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया, साथ ही प्रतिभा पलायन, आयात पर निर्भरता और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसी चुनौतियों पर भी विचार किया गया। इस सत्र का मूल्यांकन सुश्री श्रीविद्या (सीनियर एडवाइज़र, वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसिज़) और श्री भास्कर वर्दा (बिज़नेस प्लानिंग प्रोफेशनल) की जूरी द्वारा किया गया। युवा प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाने, स्थानीय वस्त्र उद्योग के पुनरुद्धार, नाभिकीय ऊर्जा को बढ़ावा देने, मोटा अनाज (मिलेट्स) आधारित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, अनुसंधान एवं विकास (R&D) में निवेश, उद्योग में महिलाओं के सशक्तिकरण और सतत विकास को प्रोत्साहित करने जैसे विषय प्रमुख रहे। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर, स्वदेशी AI, रक्षा उत्पादन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए साहसिक और दूरदर्शी विचार भी सामने आए, जो भारत को वैश्विक विनिर्माण एवं नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम माने गए।

8) ट्रैक 8 – स्मार्ट और सतत कृषि के माध्यम से उत्पादकता में वृद्धि

इस ट्रैक में प्रतिभागियों ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्मार्ट एवं सतत समाधान प्रस्तुत किए। सत्र के दौरान कीट निगरानी, मृदा स्वास्थ्य आकलन जैसे क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित नवाचारों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जो किसानों के लिए समयबद्ध निर्णय-निर्माण और संसाधनों के कुशल उपयोग को सक्षम बनाते हैं। इस सत्र का मूल्यांकन श्री सुचित सिंदे (को-फाउंडर, OMG) और श्री रोहित कुमार द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, नवाचारी दृष्टिकोण और ऊर्जावान प्रस्तुति की सराहना की। प्रस्तुत विचारों ने यह रेखांकित किया कि तकनीक और स्थिरता के समन्वय से भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, लचीला और भविष्य-उन्मुख बनाया जा सकता है।

 

9) ट्रैक 9 – सतत और हरित विकसित भारत का निर्माण

इस सत्र में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा नेतृत्व वाले दलों ने भारत के विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए सतत विकास के लिए व्यावहारिक और समुदाय-आधारित विचार प्रस्तुत किए। सत्र का मूल्यांकन श्री रुमित (क्रिएटिव एनवायरनमेंटलिस्ट एवं पीसबिल्डर), सुश्री गरिमा (सस्टेनेबिलिटी एजुकेटर एवं प्रोग्राम लीड, द ग्रीनस्ट्रॉ हाउस) और सुश्री अरुषि सना (उद्यमी एवं सस्टेनेबिलिटी एडवोकेट) द्वारा किया गया। विचार-विमर्श का केंद्र हरित जीवनशैली को बढ़ावा देना, स्वदेशी समाधानों का उपयोग और समावेशी नवाचार रहा, जिन्हें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रमुख स्तंभ के रूप में रेखांकित किया गया।

10) ट्रैक 10 – विकसित भारत के लिए भविष्य-तैयार कार्यबल का निर्माण

इस सत्र में युवा परिवर्तनकर्ताओं ने उभरती आर्थिक एवं तकनीकी वास्तविकताओं के अनुरूप भारत की कौशल विकास, रोजगार और कार्यबल पारिस्थितिकी की नई रूपरेखा प्रस्तुत की। सत्र का मूल्यांकन माधिश पारिख (संस्थापक, BRICS Youth Alliance एवं Elixir Foundation), श्री वरुण झावेरी (नेशनल इंचार्ज– पॉलिसी, रिसर्च एवं ट्रेनिंग, BJYM) और डॉ. पुष्पेन्द्र प्रियदर्शी (एसोसिएट प्रोफेसर, IIM लखनऊ) द्वारा किया गया। चर्चाओं का मुख्य फोकस भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त को एक उत्पादक, कुशल, समावेशी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल में परिवर्तित करने पर रहा। प्रतिभागियों ने पारंपरिक शिक्षा मॉडलों से आगे बढ़ते हुए कौशल-प्रथम और परिणाम-आधारित ढाँचों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही विकेन्द्रित स्किलिंग, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और शिक्षा तथा उद्योग की मांग के बीच की खाई को पाटने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रेणियों में चयन दौर पूरे दिन आयोजित किए गए, ताकि प्रतिभागियों को आगामी तीन दिनों के कार्यक्रम के लिए तैयार किया जा सके। इस दौरान डिज़ाइन फॉर भारत’ और हैक फॉर सोशल चेंज’ सत्र समानांतर रूप से आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की दो बैचों ने प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने भारत की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत और नेतृत्व यात्रा के बारे में जानकारी प्राप्त की और देश के प्रधानमंत्रियों के दृष्टिकोण, योगदान और विरासत की गहन समझ विकसित की।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 का उद्घाटन दिवस सशक्त और उद्देश्यपूर्ण रूप से समाप्त हुआ, जो युवाओं को राष्ट्र-निर्माण में साझीदार बनाने के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस दिन ने संवाद की शुरुआत को मजबूती से स्थापित किया, युवाओं में नेतृत्व, नवाचार और नागरिक जिम्मेदारी को पोषित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया और आगे के दिनों के लिए स्पष्ट दिशा निर्धारित की। VBYLD 2026 का समापन 12 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में शामिल होकर देशभर के युवा नेताओं के साथ सीधे संवाद करेंगे। कल, दूसरे दिन की शुरुआत एक प्लेनरी सत्र से होगी, जिसमें डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री, और श्री अजीत डोभाल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, के साथ-साथ युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

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पीके/केसी/वीएस


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