औषधि विभाग
औषध विनियमन का अनुकूलन
प्रविष्टि तिथि:
12 DEC 2025 4:18PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय औषध मूल्य नीति, 2012 का उद्देश्य आवश्यक दवाओं की उचित कीमतों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दवाओं के मूल्य निर्धारण हेतु एक नियामक ढांचा स्थापित करना है। औषध (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 (डीपीसीओ, 2013) राष्ट्रीय औषध मूल्य नीति, 2012 के सिद्धांतों पर आधारित है और इसका कार्यान्वयन राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) द्वारा किया जाता है।
डीपीसीओ, 2013 के प्रावधानों के अनुसार, एनपीपीए अनुसूचित दवाओं की अधिकतम मूल्य सीमा निर्धारित करता है, अर्थात् स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय आवश्यक औषध सूची (एनएलईएम) में शामिल और डीपीसीओ, 2013 की अनुसूची-I में शामिल दवाओं की। एनपीपीए डीपीसीओ, 2013 में परिभाषित नई दवाओं के खुदरा मूल्य भी निर्धारित करता है। इसके अलावा, गैर-अनुसूचित दवाओं के मामले में, निर्माताओं को पिछले 12 महीनों की अवधि में ऐसी दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि करने की अनुमति नहीं है।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक निर्माता को डीलरों, राज्य औषध नियंत्रकों और सरकार को निर्दिष्ट प्रारूप में मूल्य सूची और पूरक मूल्य सूची जारी करना आवश्यक है, जिसमें समय-समय पर उपर्युक्त अनुसार निर्धारित या संशोधित कीमतों का उल्लेख हो।
एनपीपीए, राज्यों में स्थापित मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाइयों, राज्य औषध नियंत्रकों, एनपीपीए के फार्मा सही मूल्य ऐप, खुले बाजार से खरीदे गए नमूनों, बाजार डेटाबेस की रिपोर्टों और विभिन्न शिकायत निवारण चैनलों के माध्यम से दर्ज शिकायतों से प्राप्त संदर्भों के आधार पर डीपीसीओ, 2013 के अनुपालन की निगरानी करता है। जांच के बाद, डीपीसीओ, 2013 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी उल्लंघन के लिए औषध निर्माताओं के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू की जाती है।
इसके अलावा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सूचित किया है कि दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर विनियामक नियंत्रण राज्य सरकारों द्वारा नियुक्त राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों (एसएलए) द्वारा लाइसेंसिंग और निरीक्षण प्रणाली के माध्यम से किया जाता है, जबकि देश में आयातित दवाओं पर विनियामक नियंत्रण केंद्रीय सरकार द्वारा केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के माध्यम से किया जाता है। औषध निरीक्षकों को समय-समय पर अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त सुविधाओं का निरीक्षण करना आवश्यक है, ताकि औषध एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुपालन की पुष्टि की जा सके। इसके अतिरिक्त, सीडीएससीओ और राज्यों के औषध निरीक्षकों द्वारा जोखिम-आधारित दृष्टिकोण के आधार पर लाइसेंसधारियों का संयुक्त निरीक्षण किया जाता है।
एनपीपीए बाजार आधारित डेटा जैसे मूल्य निर्धारण, बिक्री, मात्रा, मूविंग एवरेज टर्नओवर आदि का उपयोग करता है, जो तृतीय-पक्ष एजेंसी द्वारा प्रदान किया जाता है। यह डीपीसीओ, 2013 के तहत अधिकतम/खुदरा मूल्य निर्धारण, निगरानी, अधिक शुल्क का आकलन और समग्र बाजार निगरानी के अपने मुख्य कार्यों को पूरा करने के लिए डेटा का विश्लेषण और निगरानी करता है।
नीति निर्माण और हस्तक्षेप को बेहतर ढंग से निर्देशित करने के लिए दवा क्षेत्र से प्राप्त आंकड़ों की निगरानी और विश्लेषण के लिए समर्पित एक एकीकृत निकाय स्थापित करने की कोई योजना वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/केसी/केएल/एनके
(रिलीज़ आईडी: 2203452)
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