शिक्षा मंत्रालय
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शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय भाषा उत्सव 2025 का आयोजन किया


“अनेक भाषाएँ, एक भावना” विषय भारत की भाषाई एकता को प्रदर्शित करता है और सुब्रमण्यम भारती को श्रद्धांजलि अर्पित करता है

प्रविष्टि तिथि: 12 DEC 2025 3:46PM by PIB Delhi

शिक्षा मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने 11 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली के राष्ट्रीय बाल भवन में भारतीय भाषा उत्सव (बीबीयू) 2025 का समापन समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) के सचिव श्री संजय कुमार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार उपस्थित थे।

इस अवसर पर बोलते हुए, डीओएसईएल के सचिव श्री संजय कुमार ने भारतीय भाषा उत्सव के तीन वर्षों के आयोजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुब्रमण्यम भारती के जीवन और आदर्शों का स्मरण करते हुए स्वतंत्रता, सामाजिक सुधार और बहुभाषावाद में उनके योगदान को रेखांकित किया। श्री संजय कुमार ने पढ़ने के महत्व और मातृभाषा में सीखने पर केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण पर बल देते हुए, विद्यार्थियों और शिक्षकों को कई भाषाओं को अपनाने, अपनी शब्दावली को समृद्ध करने और स्पष्टता एवं सटीकता के साथ संवाद करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सुब्रमण्यम भारती की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी भाषाओं तथा समुदायों का सम्मान करने से प्राप्त होने वाली सांस्कृतिक शक्ति पर बल दिया।

प्रोफेसर एम. जगदीश कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कई भाषाएँ सीखने के उद्देश्य को उजागर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और नवाचार विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रोफेसर कुमार ने कहा कि बहुभाषावाद के माध्यम से मजबूत होने वाली संज्ञानात्मक सुगमता विविध दृष्टिकोणों की सराहना करने में सक्षम बनाती है और युवा शिक्षार्थियों को विकसित भारत 2047 में योगदान देने के लिए तैयार करती है।

एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन किया। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस), एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) और राष्ट्रीय बाल भवन (एनबीबी) के विद्यार्थियों ने गीत, शास्त्रीय और लोक नृत्य, बहुभाषी देशभक्ति गीत, नुक्कड़ नाटक और कविता पाठ प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक सद्भाव का वातावरण बनाया और विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित किया।

 

विभिन्न भाषाओं में विकसित शिक्षण और अधिगम सामग्री प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल लगाए गए थे। भाषा संबंधी खेल भी आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

 

इस वर्ष का उत्सवभाषाएँ अनेक, भाव एकविषय के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो 11 दिसंबर 2025 को सुब्रमण्यम भारती की जयंती के उपलक्ष्य में था। भारत भर के विद्यालयों में 4 से 11 दिसंबर तक सप्ताहभर चलने वाले उत्सवों में बहुभाषावाद और सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने वाली अंतःक्रियात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

भारतीय भाषा उत्सव 2025 ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में परिकल्पित भारत की भाषाई विरासत के संरक्षण और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस उत्सव ने सांस्कृतिक एकता को और मजबूत किया और युवा शिक्षार्थियों को भारत की भाषाई समृद्धि को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में श्री धीरज साहू, अपर सचिव, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग; श्री आनंदराव वी पाटिल, अपर सचिव, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग; श्रीमती अर्चना अवस्थी, संयुक्त सचिव, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग; श्रीमती श्रीजा, आर्थिक सलाहकार, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग; प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी, निदेशक, एनसीईआरटी; श्री पंकज अरोड़ा, अध्यक्ष, एनसीटीई; श्री राजेश लखानी, आयुक्त, नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस); श्री विकास गुप्ता, आयुक्त, केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस); शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी; भारतीय भाषा समिति के अधिकारी; स्वायत्त निकायों के प्रमुख; शिक्षाविद; देश भर से शिक्षक और स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

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पीके/केसी/एमकेएस/डीके


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