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स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पूरे देश में तेजी से लगाने की मुहिम शुरू की गई है, ताकि बिजली वितरण की दक्षता बढ़ाई जा सके और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।


आरडीएसएस योजना के तहत मंजूर किए गए 20.33 करोड़ स्मार्ट मीटरों में से 97% मीटर प्रीपेड मोड में लगाए जाएंगे।

प्रविष्टि तिथि: 11 DEC 2025 5:50PM by PIB Delhi

कुल 4.93 करोड़ स्मार्ट मीटर पूरे देश में लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 1.6 करोड़ प्रीपेड मोड में काम कर रहे हैं। रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत, राज्यों/वितरण कंपनियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर 19.79 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर, 2.11 लाख फीडर, और 52.53 लाख ट्रांसफॉर्मर (DTs)कुल मिलाकर 20.33 करोड़ स्मार्ट मीटरमंज़ूर किए गए हैं। इनमें से 3.58 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं बाकी स्मार्ट मीटर राज्यों द्वारा अपनी योजनाओं या अन्य योजनाओं के तहत लगाए गए हैं।

परंपरागत रूप से पोस्टपेड सेवा ही बिजली उपभोक्ताओं के लिए सामान्य तरीका रहा है। लेकिन उपभोक्ताओं और वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) दोनों को मिलने वाले फायदों को देखते हुए, रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की पहल की गई है। सरकारी संस्थानों, व्यावसायिक, औद्योगिक और अधिक भार वाले उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की स्थापना को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद, लाभ साबित होने पर अन्य उपभोक्ताओं के लिए भी इसे लागू किया जाएगा।

उपभोक्ताओं के लिए निम्नलिखित लाभों की कल्पना की गई है:

  1. छोटे रिचार्ज से रिचार्ज की सुविधा
  2. ज़ीरो बैलेंस पर कनेक्शन कटने से बचने के लिए मीटर में इमरजेंसी क्रेडिट
  • III. खपत की ट्रैकिंग
  • IV. बिना गलती के बिलिंग

उपभोक्ताओं के अलावा, प्रीपेड स्मार्ट मीटर वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की बिलिंग और वसूली दक्षता को बेहतर बनाते हैं। साथ ही ये कई फायदे भी देते हैं, जैसे—स्वचालित ऊर्जा लेखा–जोखा, बेहतर लोड पूर्वानुमान, मांग प्रबंधन के लिए डेटा विश्लेषण का उपयोग, और ऊर्जा संक्रमण के लिए एक सक्षम व्यवस्था तैयार करना। इन वितरण कंपनियों को मिलने वाले ये फायदे अंततः उपभोक्ताओं तक भी पहुंचते हैं—बेहतर सेवाओं और कम लागत के रूप में।

शुरुआत में स्मार्ट मीटर लगाने में कुछ चुनौतियाँ आईं, क्योंकि उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदों के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने और उनका भरोसा मजबूत करने के लिए मंत्रालय ने कई परामर्श (advisories) और मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SoPs) जारी की हैं। इनमें शामिल हैं:

  • बिल में छूट देकर प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए कस्टमर्स को बढ़ावा देना;
  • स्मार्ट मीटर से रिकॉर्ड की गई मैक्सिमम डिमांड के आधार पर कस्टमर पर कोई पेनल्टी नहीं;
  • आसान किश्तों में पिछले बकाए की रिकवरी का सिस्टम;
  • स्मार्ट मीटर की सटीकता पर भरोसा बढ़ाने के लिए चेक मीटर लगाना।
  • बिजली की खपत को रेगुलर ट्रैक करने और आसान रिचार्ज के लिए स्मार्ट मीटर मोबाइल ऐप उपलब्ध कराए जा रहे हैं;
  • कस्टमर्स को बैलेंस और इमरजेंसी क्रेडिट के लिए एडवांस अलर्ट

यह जानकारी आज बिजली मंत्री, श्री मनोहर लाल ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।

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पीके/केसी/वीएस


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