इस्पात मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी भुवनेश्वर में दो दिवसीय चिंतन शिविर की अध्यक्षता करेंगे
इस्पात मंत्रालय की मेजबानी में भुवनेश्वर में दो दिवसीय चिंतन शिविर प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित होगा
चिंतन शिविर का उद्देश्य है इस्पात क्षेत्र में विकास और परिचालन उत्कृष्टता के लिए सहयोगात्मक रणनीतियों को आगे बढ़ाना
प्रविष्टि तिथि:
19 NOV 2025 5:04PM by PIB Delhi
इस्पात मंत्रालय 20 नवंबर 2025 से भुवनेश्वर में मेफेयर कन्वेंशन में दो दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन करेगा जिसमें भारत के इस्पात क्षेत्र के भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रमुख हस्तियां और हितधारक एक साथ शामिल होंगे।
इस शिविर को राष्ट्र निर्माण में घरेलू इस्पात क्षेत्र की भूमिका को मज़बूत करने के लिए गहन विचार-मंथन, सहयोग और रणनीतिक समन्वय के एक मंच के रूप में देखा जा रहा है। इस विचार-विमर्श में केंद्रीय इस्पात मंत्री श्री एच. डी. कुमारस्वामी और इस्पात राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा भी उपस्थित होंगे। उनके साथ इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री संदीप पौंड्रिक, इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रमुख और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
शिविर के दौरान विभिन्न सत्रों में नवोन्मेष और प्रतिस्पर्धिता को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग और डिजिटलीकरण सहित इस्पात में नवीनतम प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। चिंतन शिविर में मूल्य श्रृंखला में कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के लिए परिचालन उत्कृष्टता और उत्पादकता पर भी चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य हितधारकों के लिए एक रणनीतिक पृष्ठभूमि तैयार करना है। आत्मनिर्भरता और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए इस्पात क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जायेगा।
इसके अलावा, शिविर में आधुनिक खनन विधियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा जिसमें उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए खनन अवसंरचना उन्नयन और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भुवनेश्वर में आयोजित यह चिंतन शिविर इस्पात उद्योग के लिए रोडमैप तैयार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है जो भारत के आर्थिक विकास और औद्योगिक उन्नति में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को सुदृढ़ करेगा।
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पीके/केसी/एसके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2191879)
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