युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अहमदाबाद को 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी के लिए अनुशंसित किए जाने को भारतीय खेलों के लिए महत्‍वपूर्ण क्षण बताया


राष्ट्रमंडल खेल के कार्यकारी बोर्ड ने अहमदाबाद को 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी के लिए प्रस्तावित शहर के रूप में अनुशंसित किया

प्रविष्टि तिथि: 15 OCT 2025 9:56PM by PIB Delhi

केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों के मेज़बानी शहर के रूप में अहमदाबाद की सिफारिश की सराहना की और इसे भारतीय खेलों के लिए एक महत्‍वपूर्ण क्षण बताया।

यह सिफारिश अब 26 नवंबर, 2025 को होने वाली राष्ट्रमंडल खेल महासभा में प्रस्तुत की जाएगी।

केंद्रीय खेल मंत्री ने अपने आधिकारिक हैंडल से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय खेलों के लिए यह एक महत्‍वपूर्ण क्षण है। उन्‍होंने कहा कि वह वर्ष 2030 में शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित मेज़बान शहर के रूप में अनुशंसित करने के लिए राष्ट्रमंडल खेल के कार्यकारी बोर्ड का आभारी हैं। यह हमारे राष्ट्र के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उन्‍होंने यह भी कहा कि यह निर्णय वैश्विक खेलों में भारत के बढ़ते प्रभुत्व को दर्शाता है, जो प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से ही संभव हुआ है। उनकी प्रतिबद्धता ने भारत को विश्व खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है।

डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि यह कदम 2036 में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भारत की महत्वाकांक्षाओं को भी बढ़ावा देगा।

डॉ. मांडविया ने कहा कि इससे 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने के केंद्र सरकार के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा। हमने हाल ही में नई दिल्ली में 100 से अधिक देशों के 2200 से अधिक एथलीटों और सहयोगी कर्मचारियों की भागीदारी के साथ विश्व पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसकी अंतर्राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष एंड्रयू पार्सन्स और शीर्ष अंतरराष्ट्रीय एथलीटों ने प्रशंसा की। पिछले दशक में देश ने न केवल विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचा विकसित किया है, बल्कि नीतिगत बदलावों, खेल विज्ञान और वित्तीय सहायता के माध्यम से हम भारत को चैंपियनों के राष्ट्र में बदलने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

भारत, राष्ट्रमंडल देशों में सबसे अधिक आबादी वाला देश है जो एक गौरवशाली खेल इतिहास और राष्ट्रमंडल खेलों में सफलता का एक मजबूत रिकॉर्ड रखता है। बर्मिंघम 2022 में पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि भारत ने वैश्विक खेल जगत में एक और बड़ी छलांग लगाई है! कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के कार्यकारी बोर्ड ने 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद को प्रस्तावित मेज़बान शहर के रूप में अनुशंसित किया है। यह शानदार स्वीकृति भारत के विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, आतिथ्य और फलते-फूलते खेल इकोसिस्‍टम को दर्शाती है। यह एक गौरवशाली क्षण है जो दुनिया को भारत के और करीब लाता है।

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मूवमेंट के 100 साल पूरे होने के दौरान ही यह दावेदारी प्रस्‍तुत की गई है। 2030 के कॉमनवेल्थ खेल, राष्‍ट्रमंडल देशों के 74 सदस्य देशों और क्षेत्रों के बीच खेल उत्कृष्टता, सहयोग और साझा मूल्यों की एक शताब्दी का प्रतीक होंगे।

भारतीय कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. पी. टी. उषा ने इस घोषणा पर कहा कि अहमदाबाद में होने वाले शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स भविष्य के खेल होंगे। यह स्थिरता, समावेशिता और नवाचार पर आधारित होंगे। यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मूवमेंट को मज़बूत करने और एक ऐसी विरासत बनाने का अवसर है जो भारत की सीमाओं से परे तक पहुंचे।

भारत सरकार, गुजरात सरकार और भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत खेल प्रस्ताव की, राष्ट्रमंडल खेलों के 'खेल रीसेट' सिद्धांतों, अर्थात् सामर्थ्य, समावेशिता, स्थिरता और विरासत के साथ इसके सुदृढ़ समन्वय के लिए सराहना की गई।

2030 के राष्‍ट्रमंडल खेल, भारत की वैश्विक खेल केंद्र बनने की दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा को भी सुदृढ़ करेंगे। यह आयोजन शहरी नवीनीकरण, युवा भागीदारी और खेलों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।

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पीके/केसी/बीयू/वाईबी


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