विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में विज्ञान सचिवों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने विभागों को स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने और उनका मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) की तैयारियों की समीक्षा की

केंद्रीय मंत्री ने उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) पर महत्वपूर्ण जानकारी दी

डॉ. जितेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जैव-ई-3 नीति और जैव प्रौद्योगिकी को उभरते क्षेत्रों के रूप में प्रोत्साहन देने का स्मरण किया

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सीएसआईआर, इसरो और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा पिछले महीने के निर्देशों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की

प्रविष्टि तिथि: 03 SEP 2025 5:20PM by PIB Delhi

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज नई दिल्ली में नवनिर्मित कर्तव्य भवन में सभी विज्ञान सचिवों की एक उच्चस्तरीय आवधिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। नॉर्थ ब्लॉक से मंत्रालय के स्थानांतरण के बाद नए परिसर में इस प्रकार की यह पहली संयुक्त बैठक थी।

बैठक में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा विभाग, अंतरिक्ष विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के विज्ञान सचिव और वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए।

 डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगामी भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को स्टार्टअप्स को सहयोग और प्रोत्साहन देने का निर्देश दिया, ताकि राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सवों में उनका एकीकरण सुनिश्चित हो सके। देश के विभिन्न भागों में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला भारतीय अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक जन-केंद्रित मंच के रूप में उभरा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगामी उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी) पर भी विस्तृत जानकारी दी। यह भारत का प्रमुख वार्षिक मंच है जो मंत्रालयों, नवप्रवर्तकों, नोबेल पुरस्कार विजेताओं, वैश्विक विशेषज्ञों और युवा नेताओं को एक साथ लाता है।

उन्होंने कहा कि  प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन अत्याधुनिक अनुसंधान, गहन तकनीकी सफलताओं और नए विचारों के साथ चर्चाओं को प्रदर्शित करेगा, जो "विकसित भारत 2047" की दिशा में वैज्ञानिक नेतृत्व के एक नए युग का सूत्रपात करेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने समीक्षा के दौरान, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जैव-ई-3 (जैव-अर्थव्यवस्था, रोजगार, पर्यावरण) नीति पर दिए गए ध्यान का समरण किया और सभी विभागों से जैव प्रौद्योगिकी तथा संबंधित उभरते क्षेत्रों में प्रयासों को बढ़ाने का आह्वान किया, जिनमें भारतीय अर्थव्यवस्था में मूल्यवर्धन की अपार संभावनाएं हैं।

केंद्रीय मंत्री महोदय ने कई क्षेत्रों में भारी बारिश की पृष्ठभूमि में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने बेहतर तैयारी और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वास्तविक समय सूचना प्रसार और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने के महत्व पर बल दिया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पिछली मासिक बैठक में दिए गए निर्देशों पर डीएसटी, डीबीटी, सीएसआईआर, इसरो और एमओईएस द्वारा की गई कार्रवाई की व्यापक समीक्षा की। सरकार की ओर से विज्ञान संचार को बढ़ाने पर एक विशेष प्रस्तुति भी दी गई, जिसके बाद सभी सचिवों के साथ विचार-मंथन सत्र हुआ।

बैठक में परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. अजीत कुमार मोहंती; जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले; पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन; इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन (वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए); डीएसटी के अतिरिक्त सचिव श्री सुनील कुमार और आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा के साथ-साथ डीएसटी, डीबीटी, सीएसआईआर, इसरो, एमओईएस और अन्य विज्ञान विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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पीके/केसी/एमकेएस/डीके

 


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