रेल मंत्रालय
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भारतीय रेलवे गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में युवा पीढ़ी को उनकी शिक्षाओं और बलिदानों के बारे में जागरूक करेगा


गुरु तेग बहादुर जी की समृद्ध और प्रेरणादायक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रमुख सिख संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया

भारतीय रेल ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में सिख नेताओं के सुझावों का स्वागत किया: श्री रवनीत सिंह

गुरु तेग बहादुर जी को रेलवे की तरफ से श्रद्धांजलि के रूप में पंजाबी साइनबोर्ड, बेहतर साफ-सफाई, ट्रेन में लंगर और बेहतर तीर्थयात्रा के लिए रेल सुविधाएं

Posted On: 29 AUG 2025 6:44PM by PIB Delhi

भारतीय रेलवे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को सम्मानपूर्वक मनाने के लिए तैयार है। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी में श्रद्धेय सिख गुरु जी की शिक्षाओं और बलिदान के बारे में जागरूकता फैलाना है।

माननीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज नई दिल्ली स्थित रेल भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे इस ऐतिहासिक घटना के स्मरणोत्सव के लिए विभिन्न सिख संस्थाओं एवं संगठनों के नेताओं द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों का स्वागत करती है। श्री रवनीत सिंह ने कहा कि यह पहल सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की विरासत का सम्मान करने के लिए भारतीय रेलवे और सिख समुदाय के बीच एक ऐतिहासिक सहयोग का प्रतीक है, जिनका धार्मिक स्वतंत्रता के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

श्री रवनीत सिंह ने बताया कि यह पहली बार था जब आगामी शताब्दी समारोह के लिए सभी प्रमुख सिख संगठनों की आवश्यकताओं एवं सुझावों पर चर्चा करने के लिए रेल भवन में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देश भर के सभी रेलवे स्टेशनों और रेलगाड़ियों में गुरु तेग बहादुर जी के उपदेशों को प्रदर्शित करने, शताब्दी वर्ष के दौरान विभिन्न स्थानों से विशेष स्मारक ट्रेनें चलाने, हरियाणा, पटना एवं हजूर साहिब के सभी रेलवे स्टेशनों पर पंजाबी साइनबोर्ड लगाने, सचखंड एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में स्वच्छता बढ़ाने, ट्रेन में लंगर (सामुदायिक भोजन) की व्यवस्था करने, सभी तीर्थयात्रा ट्रेनों में सुविधाओं में सुधार व प्रमुख सिख तीर्थ स्थलों, विशेष रूप से दिल्ली से संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर विभिन्न प्रस्ताव रखे गए, जिनमें दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर गुरु तेग बहादुर रेलवे स्टेशन करना; पटना साहिब स्टेशन पर पैंट्री कार सुविधाओं और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ तख्त श्री पटना साहिब के लिए दैनिक ट्रेन सेवाएं, जिसमें लिफ्ट व एस्केलेटर भी शामिल हैं; तीर्थयात्रा वाले स्टेशनों पर बेहतर स्वच्छता प्रबंधन तथा वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से पटना साहिब तक बेहतर पहुंच; तीन महीने की अवधि हेतु पांच तख्तों को जोड़ने वाली एक विशेष ट्रेन शुरू करना; करनाल व कुरुक्षेत्र जैसे प्रमुख स्थानों पर ट्रेन के ठहराव में वृद्धि; वंदे भारत एवं अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों के माध्यम से हजूर साहिब और अन्य तख्तों तक बेहतर संपर्क स्थापित करना शामिल है।

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री सतीश कुमार ने सभी प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि भारतीय रेलवे इन सुझावों पर उचित विचार करेगा और शताब्दी समारोह की सफलता सुनिश्चित करने के लिए बेहतर कदम उठाएगा। बैठक में प्रमुख सिख नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें एस मनजिंदर सिंह सिरसा, कैबिनेट मंत्री, एनसीटी दिल्ली सरकार, एस गुरचरण ग्रेवाल, महासचिव, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी), एस जगजोत सिंह सोही, अध्यक्ष, तख्त श्री पटना साहिब, एस जगदीश सिंह झींडा, अध्यक्ष, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति, डॉ विजय सतबीर सिंह, प्रशासक, हजूर साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक समिति, एस तरलोचन सिंह, पूर्व सांसद, राज्यसभा और एस विक्रमजीत सिंह साहनी, सांसद, राज्यसभा तथा अध्यक्ष, विश्व पंजाबी संगठन शामिल हैं।

इस बैठक में भाग लेने वाले रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों में श्री नवीन गुलाटी, सदस्य (बुनियादी ढांचा), श्री हितेन्द्र मल्होत्रा, सदस्य (संचालन एवं व्यवसाय विकास), श्री अशोक कुमार वर्मा, महाप्रबंधक, उत्तर रेलवे, श्री संजय कुमार जैन, सीएमडी, आईआरसीटीसी और श्री धनंजय सिंह, कार्यकारी निदेशक (पीजी), रेल मंत्रालय शामिल थे।

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पीके/केसी/एनके/एसएस


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