संस्‍कृति मंत्रालय
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शास्त्रीय नृत्य प्रोत्साहन

प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2025 4:14PM by PIB Delhi

 संस्कृति मंत्रालय, कलाक्षेत्र फाउंडेशन और संगीत नाटक अकादमी जैसी अपनी स्वायत्त संस्थाओं को संगीत, नृत्य और नाटक जैसी प्रदर्शन कलाओं के प्रशिक्षण, प्रदर्शन, संरक्षण और प्रचार-प्रसार हेतु अनुदान प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, संगीत नाटक अकादमी "सांस्कृतिक संस्थाओं को वित्तीय सहायता" योजना के अंतर्गत शास्त्रीय नृत्य संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

इसके अलावा, सांस्कृतिक समारोह और उत्पादन अनुदान (सीएफपीजी) के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जो राष्ट्रीय उपस्थिति वाले सांस्कृतिक संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना है और छत्र योजना कला संस्कृति विकास योजना (केएसवीवाई) है, जिसमें देश भर में शास्त्रीय नृत्य सहित प्रदर्शन कलाओं को बढ़ावा देने के विभिन्न पहलुओं को शामिल करने वाले 8 घटक हैं।

गुरु-शिष्य परंपरा को बढ़ावा देने हेतु वित्तीय सहायता (रिपर्टरी अनुदान) के अंतर्गत रंगमंच, संगीत और नृत्य के क्षेत्र में एक गुरु और अधिकतम 18 शिष्यों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पिछले तीन वर्षों के दौरान, इस योजना के अंतर्गत 4,136 संगठनों को 248.02 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

संस्कृति मंत्रालय विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना का क्रियान्वयन करता है। इस योजना के अंतर्गत 18-25 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली युवा कलाकारों को भारतीय शास्त्रीय संगीत, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, रंगमंच, मूकाभिनय, दृश्य कला, लोक, पारंपरिक और स्वदेशी कला तथा सुगम शास्त्रीय संगीत आदि के क्षेत्र में भारत में उन्नत प्रशिक्षण के लिए 5,000/- रुपये प्रति माह की दर से 2 वर्षों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

2022-23 से 2025-26 (आज तक) के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति का विवरण

क्र. सं.

वित्तीय वर्ष

लाभार्थियों की संख्या

जारी की गई राशि (लाख रुपये में)

1.

2022-23

396

118.80

2.

2023-24

1507

452.40

3.

2024-25

1077

325.50

4.

2025-26 (18.08.2025 तक)

699

213.00

 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके कला कोष और जनपद संपदा प्रभाग नृत्य परंपराओं पर शोध का सक्रिय रूप से दस्तावेजीकरण और प्रकाशन करते हैं। केंद्र शास्त्रीय नृत्य की दुर्लभ पांडुलिपियों, संकेतन और अभिलेखीय रिकॉर्डिंग का डिजिटलीकरण करने के अलावा, प्रख्यात गुरुओं के साथ उत्सव, कार्यशालाएँ और व्याख्यान श्रृंखलाएँ आयोजित करता है।

संगीत नाटक अकादमी, कलाक्षेत्र फाउंडेशन, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र जैसे अन्य सांस्कृतिक निकाय भी शास्त्रीय नृत्य और सांस्कृतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, उत्सव, कार्यशालाएं और सेमिनार आयोजित करते हैं।

संस्कृति मंत्रालय भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए "वैश्विक सहभागिता योजना" का क्रियान्वयन करता है। इस योजना का उद्देश्य भारतीय कला और संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना और समन्वित तरीके से वैश्विक पटल पर भारत की छवि को निखारना है।

इस योजना का एक प्रमुख घटक विदेशों में भारत महोत्सवों (एफओआई) का आयोजन है, जो लोक संगीत, लोक नृत्य, लोक रंगमंच और कठपुतली, शास्त्रीय और पारंपरिक नृत्य, प्रयोगात्मक/समकालीन नृत्य, शास्त्रीय/अर्ध-शास्त्रीय संगीत और रंगमंच सहित विविध कला रूपों का अभ्यास करने वाले भारतीय कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करता है।

मंत्रालय ने भारत महोत्सव में भागीदारी के लिए विभिन्न कला रूपों के 627 कलाकारों/समूहों को सूचीबद्ध किया है। हालाँकि, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कोई भारत महोत्सव आयोजित नहीं किया जाएगा।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी है।

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पीके/केसी/एसजी/एसएस


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