सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
संसदीय प्रश्न: विमुक्त जनजातियों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजना (एसईईडी)
प्रविष्टि तिथि:
23 JUL 2025 2:26PM by PIB Delhi
मंत्रालय ने विमुक्ति-विहीन समुदायों के सशक्तिकरण हेतु 'विमुक्ति-विहीन समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु योजना (एसईईडी) शुरू की है।
- शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए निःशुल्क कोचिंग व वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही हैं, जिससे वे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में अच्छे संस्थानों/रोज़गार में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।
- स्वास्थ्य: विमुक्ति-विहीन समुदायों के बीच आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा रहे हैं;
- आजीविका: विमुक्ति-विहीन समुदायों के समूहों में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का गठन किया गया है ताकि उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके;
- भूमि और आवास: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण और शहरी), अन्य सरकारी योजनाओं के तहत विमुक्ति-विहीन समुदायों को आवास उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की जाती है।
अब तक 3,438 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) बनाए जा चुके हैं, जिनमें केवल विमुक्ति-विहीन, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के 46,067 सदस्य हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) राष्ट्रीय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों में विमुक्ति-विहीन लोगों की कोई अलग जानकारी नहीं रखता है।
मंत्रालय ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के विकास और कल्याण हेतु विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए विकास एवं कल्याण बोर्ड (डीडब्ल्युबीडीएनसी) का गठन किया है।
विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के प्रत्यक्ष सामुदायिक जुड़ाव के लिए बोर्ड द्वारा दो निगमों, अर्थात् राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) और गैर-सरकारी संगठनों को भागीदार एजेंसियों के रूप में नियुक्त किया गया है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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एमजी/केसी/केएल/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2147297)
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