खान मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने को कॉपर विजन दस्तावेज जारी किया
प्रविष्टि तिथि:
04 JUL 2025 3:56PM by PIB Delhi
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद में विश्व खनन कांग्रेस की भारतीय राष्ट्रीय समिति द्वारा सर्वोत्तम खदान बंद करने की प्रथाओं के माध्यम से सतत एवं जिम्मेदार खनन पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कॉपर विजन दस्तावेज जारी किया।
श्री रेड्डी ने भारत के ऊर्जा परिवर्तन, बुनियादी ढांचे के विकास और इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सौर ऊर्जा जैसी हरित प्रौद्योगिकियों में कॉपर के महत्वपूर्ण योगदान पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विजन दस्तावेज कच्चे माल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति प्रदान करता है। यह दस्तावेज हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, कच्छ कॉपर लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड, इंडो-एशिया कॉपर लिमिटेड, लोहुम सहित प्रमुख हितधारकों के साथ-साथ भारतीय प्राथमिक कॉपर उत्पादक संघ (आईपीसीपीए) और अंतरराष्ट्रीय कॉपर एसोसिएशन (आईसीए) जैसे उद्योग संघों के साथ व्यापक विमर्श के माध्यम से विकसित किया गया था।
कॉपर विज़न दस्तावेज़ में 2047 तक मांग में छह गुना वृद्धि की उम्मीद जताई गई है और 2030 तक प्रति वर्ष 5 मिलियन टन गलाने और शोधन क्षमता जोड़ने की योजना की रूपरेखा दी गई है। यह द्वितीयक शोधन को बढ़ाने, घरेलू पुनर्चक्रण को बढ़ाने और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से विदेशी खनिज परिसंपत्तियों को सुरक्षित करके खुले बाजार के आयात पर निर्भरता को कम करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अनुरूप कॉपर विजन दस्तावेज देश के लिए एक टिकाऊ, लचीला और भविष्य के लिए तैयार कॉपर इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक कदम आगे है।
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(रिलीज़ आईडी: 2142225)
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