गृह मंत्रालय
सीएपीएफ के शहीद कर्मियों के लिए मुआवजा
Posted On:
02 APR 2025 4:21PM by PIB Delhi
मृतक केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और असम राइफल्स (एआर) कर्मियों के परिवारों को प्रदान किए जाने वाले मुआवजे, अनुग्रह भुगतान और अन्य लाभों का विवरण संलग्न है।
सरकार ने समय-समय पर मृतक सीएपीएफ कर्मियों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता में वृद्धि की है। पिछली प्रमुख वृद्धि का विवरण इस प्रकार है: -
क्रमांक
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विशिष्ट
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वित्तीय सहायता में वृद्धि का विवरण
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पुरानी
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नई
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1.
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केंद्रीय अनुग्रह राशि
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- प्रमाणिक सरकारी ड्यूटी के दौरान दुर्घटना के कारण मृत्यु
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10 लाख रुपए
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25 लाख रुपए
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(ii) सीमा पर झड़पों और उग्रवादियों, आतंकवादियों, चरमपंथियों, समुद्री डाकुओं के खिलाफ और निर्दिष्ट उच्च ऊंचाई, दुर्गम सीमा वाली चौकियों पर होने वाली कार्रवाई में होने वाली मृत्यु
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15 लाख रुपए
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35 लाख रुपए
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2.
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मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी
(डीसीआरजी) (अधिकतम सीमा)
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20 लाख रुपए
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25 लाख रुपए
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3.
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भारत के वीर ट्रस्ट से वित्तीय सहायता
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15 लाख रुपए
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25 लाख रुपए
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4.
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जोखिम निधि
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20 लाख रुपए
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30 लाख रुपए
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5.
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केंद्रीय सशस्त्र पुल्स वेतन पैकेज
(सीएपीएसपी)- आकस्मिक मृत्यु बीमा
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60 लाख रुपए
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1.10 करोड़ रुपए
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6.
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चिकित्सा भत्ता
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500 रुपए प्रति महीना
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1000 रुपए प्रति महीना
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7.
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असाधारण पारिवारिक पेंशन
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7000 रुपए प्रति महीना
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18000 रुपए प्रति महीना
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पिछले पांच वर्षों के दौरान कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सीएपीएफ और एआर कार्मिकों का वर्ष/बलवार ब्यौरा निम्नानुसार है:-
वर्ष/बल
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2020
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2021
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2022
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2023
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2024
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कुल योग
|
सीआरपीएफ
|
26
|
12
|
10
|
6
|
12
|
66
|
बीएसएफ
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9
|
14
|
19
|
16
|
21
|
79
|
आईटीबीपी
|
4
|
6
|
13
|
9
|
6
|
38
|
एसएसबी
|
1
|
0
|
1
|
0
|
0
|
2
|
सीआईएसएफ
|
0
|
0
|
1
|
0
|
0
|
1
|
एआर
|
5
|
6
|
1
|
1
|
0
|
13
|
कुल
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45
|
38
|
45
|
32
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39
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199
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मृतक सीएपीएफ और एआर कर्मियों के आश्रितों के लिए निम्नलिखित रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल लाभ भी उपलब्ध हैं:-
- अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति: - मृतक सीएपीएफ और एआर कर्मियों के निकटतम रिश्तेदारों (एनओके)/आश्रितों की नियुक्ति के लिए ग्रुप-सी में 5% रिक्तियां आरक्षित हैं।
- प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएस): सीएपीएफ और असम राइफल्स कर्मियों के बच्चों और विधवाओं के बीच उच्च तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई, यह योजना सालाना 2,000 छात्रवृत्तियाँ (लड़कों के लिए 1,000 और लड़कियों के लिए 1,000) प्रदान करती है। लड़कियों के लिए छात्रवृत्ति राशि 3,000 रुपए प्रति माह और लड़कों के लिए 2,500 रुपए प्रति माह, जो क्रमशः 36,000 रुपए और 30,000 रुपए के रूप में सालाना वितरित की जाती है।
- सीएपीएफ के बच्चों के लिए कोटा:- एमबीबीएस में 26 सीटें और बीडीएस में 03 सीटें सेवारत/ मृतक सीएपीएफ और एआर कर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं।
- चिकित्सा सुविधाएं: सेवानिवृत्त कर्मचारी/ मृतक सीएपीएफ कर्मियों के रिश्तेदार सीजीएचएस/सीपीएमएफ अस्पतालों से चिकित्सा सुविधाएं या 1000 रुपए प्रति माह चिकित्सा भत्ता प्राप्त करने के हकदार हैं।
भारत सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाएं हैं। इन पहलों में वित्तीय सहायता, शैक्षिक सहायता, आवास और पुनर्वास सेवाएँ शामिल हैं।
- आयुष्मान सीएपीएफ: यह भारत सरकार द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के तहत, विशेष रूप से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कर्मियों और उनके परिवारों के लिए शुरू की गई एक पहल है। इसके तहत पूरे भारत में सूचीबद्ध निजी और सरकारी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाता है।
- अनुग्रह भुगतान: ड्यूटी के दौरान दुर्घटना के कारण मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, सीएपीएफ कर्मियों के निकटतम परिजनों को 25 लाख रुपए मिलते हैं। आतंकवादियों द्वारा की गई हिंसा या दुश्मन की कार्रवाई के दौरान हुई मृत्यु के मामले में, मुआवज़ा 35 लाख रुपए है।
- सीएपीएफ वेतन पैकेज योजना के तहत आकस्मिक मृत्यु बीमा कवरेज: यह पॉलिसी ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले कर्मियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
- प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएस): सीएपीएफ और असम राइफल्स कर्मियों के बच्चों और विधवाओं के बीच उच्च तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत, सालाना 2,000 छात्रवृत्तियाँ (लड़कों के लिए 1,000 और लड़कियों के लिए 1,000) प्रदान की जाती हैं। छात्रवृत्ति की राशि लड़कियों के लिए 3,000 रुपए प्रति माह और लड़कों के लिए 2,500 रुपए प्रति माह है, जो क्रमशः 36,000 रुपए और 30,000 रुपए के रूप में सालाना वितरित की जाती है।
- अंशदायी कल्याण निधि:- मृतक सीएपीएफ कर्मियों के निकटतम रिश्तेदारों (एनओके) को अंशदायी कल्याण निधि से भुगतान में एकरूपता लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
- सीएपीएफ के बच्चों के लिए कोटा:- एमबीबीएस में 26 सीटें और बीडीएस में 03 सीटें सेवारत/ मृतक सीएपीएफ और एआर कर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं।
- सीएपीएफ ई-आवास पोर्टल: एक समर्पित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए सीएपीएफ कर्मियों को आवासीय क्वार्टरों के पंजीकरण और आवंटन की सुविधा प्रदान की जाती है। यह पोर्टल, आवासों के प्रतिधारण और नियमितीकरण जैसी सेवाएं भी प्रदान करता है।
- कल्याण और पुनर्वास बोर्ड (डब्ल्यूएआरबी): मृतक या दिव्यांग कर्मियों के परिजनों सहित सेवानिवृत्त सीएपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण और उनके पुनर्वास की देखरेख के लिए स्थापित, डब्ल्यूएआरबी देश भर में राज्य और जिला कल्याण अधिकारियों के ज़रिए काम करता है।
- “सीएपीएफ पुनर्वास” योजना:- निजी सुरक्षा एजेंसियों (विनियमन) अधिनियम (पीएसएआरए) वेबसाइट को डब्ल्यूएआरबी वेबसाइट से जोड़कर एक “सीएपीएफ पुनर्वास” योजना शुरू की गई, जहाँ सेवानिवृत्त और इच्छुक पूर्व सीएपीएफ/एआर कर्मियों का डेटा निजी सुरक्षा एजेंसियों में फिर से रोजगार के लिए, पीएसएआरए वेबसाइट पर निजी सुरक्षा एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाता है।
- चिकित्सा सुविधाएं: सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके जीवनसाथी को सीजीएचएस/सीपीएमएफ अस्पतालों से चिकित्सा सुविधाएं या प्रति माह 1000 रुपये का चिकित्सा भत्ता मिलता है।
- जोखिम और कठिनाई भत्ते: जम्मू-कश्मीर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में तैनात सीएपीएफ कर्मियों के लिए मौजूदा जोखिम और कठिनाई भत्ते में वृद्धि की गई है।
- केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी): पूर्व में केंद्रीय पुलिस कैंटीन के नाम से जाना जाने वाला केपीकेबी, आपूर्तिकर्ताओं के साथ सीधी बातचीत के ज़रिए रियायती दरों पर, सीएपीएफ कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान करता है।
- उदारीकृत पेंशन पुरस्कार (एलपीए) और असाधारण पारिवारिक पेंशन (ईएफपी): केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के उन कर्मियों के परिवारों के लिए विशेष पेंशन योजनाएं बनाई गई हैं, जो परिचालन जोखिमों के कारण मृत्यु या दिव्यांगता का शिकार होते हैं। इस योजना से उनके आश्रितों के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
- भारत के वीर: यह गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा मृतक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों के परिवारों को मदद करने के लिए शुरू की गई एक पहल है। यह नागरिकों को, उन सैनिकों के परिवारों को वित्तीय रूप से योगदान करने में सक्षम बनाता है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है।
यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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