इस्पात मंत्रालय
इस्पात क्षेत्र का कार्बन उत्सर्जन
Posted On:
01 APR 2025 4:27PM by PIB Delhi
सरकार द्वारा इस्पात क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए उठाए गए कदम, जिनमें इस्पात निर्माण में नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना भी शामिल है, निम्नानुसार हैं:-
- मंत्रालय ने कम उत्सर्जन वाले इस्पात को परिभाषित करने और वर्गीकृत करने के लिए मानक प्रदान करने हेतु हरित इस्पात के लिए वर्गीकरण जारी किया है।
- इस्पात मंत्रालय ने इस उद्देश्य के लिए इस मंत्रालय द्वारा गठित 14 कार्यबलों की सिफारिशों के अनुरूप "भारत में इस्पात क्षेत्र को हरित सृजन: रोडमैप और कार्य योजना" शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है, जो वर्ष 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की ओर हरित इस्पात और स्थिरता के लिए भविष्य का रोडमैप प्रदान करती है। रिपोर्ट इस्पात मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- इस्पात मंत्रालय ने नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस्पात क्षेत्र में हाइड्रोजन के उपयोग के लिए पायलट परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 7 पायलट परियोजनाएं प्रदान की हैं।
- नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जनवरी, 2010 में शुरू किया गया राष्ट्रीय सौर मिशन सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देता है तथा इस्पात उद्योग के उत्सर्जन को कम करने में भी मदद करता है।
इस्पात एवं भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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एमजी/आरपीएम/केसी/एचएन/एचबी
(Release ID: 2117397)
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